Kisan Vikas Patra Interest Rate 2026: जुलाई-सितंबर तिमाही में KVP पर 7.5% ब्याज, जानें कितने साल में होगा पैसा
Kisan Vikas Patra interest rate: वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए किसान विकास पत्र (KVP) पर ब्याज दर को 7.5% पर ही बनाए रखा है, जिससे इस लोकप्रिय छोटी बचत योजना पर मिलने वाला रिटर्न एक और तिमाही के लिए बिना किसी बदलाव के जारी रहेगा। मंत्रालय ने 30 जून 2026 को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए KVP और अन्य छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की घोषणा की।

सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए KVP की ब्याज दर को भी 7.5% पर ही बनाए रखा है। यह दर 1 अप्रैल 2023 से बदली नहीं है, जिससे ब्याज दरों में बदलाव के बावजूद निवेशकों को स्थिर रिटर्न मिल रहा है।
KVP अकाउंट कौन खोल सकता है?
- कोई एक वयस्क (adult) व्यक्ति।
- अधिकतम तीन एडल्ट मिलकर।
- किसी नाबालिग या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की ओर से कोई अभिभावक (guardian)।
- 10 साल से ज्यादा उम्र का नाबालिग अपने नाम पर।
किसान विकास पत्र के लिए अकाउंट कैसे खोलें?
- पोस्ट ऑफिस से ‘फॉर्म A’ लें और उसे भरें या इसे ऑनलाइन डाउनलोड करें।
- उसके बाद पूरा भरा हुआ एप्लीकेशन फॉर्म KYC डॉक्यूमेंट्स (जैसे आधार, PAN और पते का प्रमाण) के साथ जमा करें।
- निवेश की रकम कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या पे ऑर्डर के ज़रिए जमा करें।
- डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई होने के बाद, पोस्ट ऑफिस KVP सर्टिफिकेट जारी करता है जिसमें निवेश और मैच्योरिटी की जानकारी होती है।
- अकाउंट खोलते समय निवेशकों के पास किसी लाभार्थी (नॉमिनी) को चुनने का विकल्प भी होता है, ताकि अकाउंट होल्डर की मृत्यु होने पर पैसे आसानी से ट्रांसफर किए जा सकें।
कितने रुपये का निवेश जरुरी?
इस स्कीम में कम से कम 1,000 रुपये का निवेश करना जरूरी है, जबकि निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। हालांकि, इस पर मिलने वाले ब्याज पर पुराने और नए, दोनों टैक्स सिस्टम के तहत निवेशक के लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार पूरा टैक्स लगता है।
किसान विकास पत्र क्या है?
1988 में इंडिया पोस्ट द्वारा शुरू की गई किसान विकास पत्र, सरकार समर्थित एक छोटी बचत प्रमाणपत्र योजना है। इसे शुरू में किसानों के बीच लंबी अवधि की बचत को बढ़ावा देने के लिए लाया गया था। समय के साथ, इसे सभी पात्र निवेशकों के लिए खोल दिया गया है।
इस योजना की मैच्योरिटी अवधि अभी 115 महीने है, जिसके बाद निवेश की गई राशि दोगुनी हो जाती है। सरकारी समर्थन और गारंटीड रिटर्न के कारण यह कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प बन गई है।