प्रशांत किशोर अगर बांकीपुर से हारे तो क्या होगा और जीते तो क्या असर पड़ेगा?


जनसुराज पार्टी

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इमेज कैप्शन, पाँच जुलाई को चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर पटना के चर्चित महावीर मंदिर में पूजा करते हुए

पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी का वोट शेयर चार प्रतिशत भी नहीं था. तब पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ख़ुद चुनावी मैदान में नहीं थे.

अब क़रीब नौ महीने बाद प्रशांत किशोर ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है.

पिछले विधानसभा चुनाव में बांकीपुर विधानसभा सीट से जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार वंदना कुमारी को आठ हज़ार से भी कम वोट मिले थे.

वहीं बीजेपी के नितिन नबीन को 98 हज़ार से ज़्यादा वोट मिले थे. बीजेपी यहाँ से 1995 से चुनाव हारी नहीं है. अब इस सीट पर नितिन नबीन के इस्तीफ़े के बाद उपचुनाव हो रहा है.

ऐसे में सवाल उठता है कि पिछले नौ महीने में ऐसा क्या बदल गया कि प्रशांत किशोर को बीजेपी के गढ़ में चुनाव लड़ने का हौसला आ गया है?



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