Success Story: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने गुपचुप पूरा कर दिया बड़ा ‘मिशन’, 35 देशों का बना दिया ‘ग्रिड’ – success story of pm narendra modi foreign visits secured critical and rate earth mineral deals with 35 countries for india amid us iran war


Success Story of PM Narendra Modi foreign visits: पूरी दुनिया में बढ़ी हलचल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से तीसरी बार सत्ता में आए तो उन्होंने एक ‘मिशन’ के तहत भारत की एक बड़ी जरूरत को कामयाबी से पूरा किया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण चीज के लिए 35 देशों के साथ नाता जोड़ लिया और एक ताकतवर ग्रिड बना लिया।

India expands critical minerals push partners with 35 countries
भारत ने क्रिटिकल मिनरल्स के लिए 35 देशों का ग्रिड बनाया
नई दिल्ली: जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार सत्ता में आए हैं, तब से दुनिया में कहीं न कहीं हंगामा मचा हुआ है। जनवरी, 2025 में सत्ता संभालते ही ट्रंप ने पूरी दुनिया पर ट्रेड टैरिफ लगाकर हंगामा मचाया तो वहीं, इस साल फरवरी के आखिर से ईरान के साथ हुए युद्ध मोल लेकर भारत समेत पूरी दुनिया को मुश्किल में डाल दिया। मगर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून, 2024 में जब से तीसरी बार सत्ता में आए तो वह गुपचुप एक मिशन पर लग गए। इसका नतीजा यह रहा कि बीते करीब 2 साल में पीएम मोदी ने 35 देशों का एक ग्रिड बना लिया, जो भारत को क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ मिनरल्स की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगा।

पीएम मोदी ने भारत को 35 देशों के ग्रिड से जोड़ा

  • मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार सत्ता में आने के साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ मिनरल्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी नींव रख दी थी। उन्होंने अपने विदेशी दौरों के साथ चुपचाप इस मिशन को पूरा किया।
  • पीएम मोदी ने भारत को 35 देशों के उस ग्रिड से जोड़ दिया, जिनके पास रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स हैं।
    INDIA CRITICAL MINERALS GRID
    भारत का क्रिटिकल मिनरल्स ग्रिड
  • हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान यह घोषणा की गई कि भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण में निवेश करेगा। इसका मकसद जरूरी मिनरल्स की सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
  • पीएम ने कहा-‘आज के दौर में टेक्नोलॉजी की सप्लाई चेन की मजबूती बहुत अहम है। अहम मिनरल्स और स्टील सेक्टर में सप्लाई चेन को और मजबूत करने के लिए एक जरूरी समझौता हुआ है।’

वैश्विक भू-राजनीति में इन मिनरल्स की बड़ी भूमिका

जैसे-जैसे साफ ऊर्जा और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की ओर दुनिया का झुकाव तेजी से बढ़ रहा है, रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिटिकल मिनरल्स वैश्विक भू-राजनीति में एक अहम रणनीतिक संपत्ति के तौर पर उभरे हैं। ऐसे में भारत के बनाए इस ग्रिड की अहमियत बढ़ जाती है।

INDIA CRITICAL MINERAL PUSH
भारत की क्रिटिकल मिनरल्स ग्रिड

भारत ने रख दी नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन की नींव

  • भारत ने 2024-25 से 2030-31 तक सात साल की अवधि के लिए जनवरी 2025 में ‘नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन’ (NCMM) शुरू किया है।
  • यह मिशन सामान्य माइनिंग पहल से कहीं आगे की चीज है। इसमें एक लंबी अवधि की रणनीति बनाई गई है, जिसका मकसद भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, औद्योगिक विकास को तेजी देना और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है।

स्टेनलेस स्टील और रेयर-अर्थ मैग्नेट के मामले में हमारी कंपनियों के बीच पार्टनरशिप की एक नई शुरुआत हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंडोनेशिया में बोले प्रधानमंत्री

क्या होते हैं क्रिटिकल मिनरल्स

  • क्रिटिकल मिनरल्स ऐसे संसाधन हैं जो आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों के लिए जरूरी हैं। तांबा, लिथियम, निकिल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, एल्युमिनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन, चांदी के अलावा, रेयर अर्थ एलिमेंट के अलावा अन्य महत्वपूर्ण मिनरल्स शामिल हैं।
  • ये क्लीन एनर्जी, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रांसपोर्टेशन, टेलीकम्युनिकेशन और डिफेंस जैसे सेक्टर में अहम भूमिका निभाते हैं और साथ ही कम-कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की ओर वैश्विक बदलाव में भी मदद करते हैं। चूंकि इन मिनरल्स की सप्लाई चेन में अक्सर रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए देश इनकी भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

चीन की रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स पर बढ़त

चीन दुर्लभ मृदा सहित कई क्रिटिकल मिनरल्स के वैश्विक प्रसंस्करण में योगदान देता है। वहीं, प्रसंस्करण क्षमता का अनुमानित 80-90 फीसदी हिस्सा चीन के नियंत्रण में है। वैश्विक कच्चे और प्रोसेस्ड क्रिटिकल मिनरल्स के निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 17.6 फीसदी है। वहीं, भारत की हिस्सेदारी करीब 3.3 फीसदी है।

क्रिटिकल मिनरल्स में क्या शामिल हैं?

  • रेयर अर्थ मिनरल्स की अहमियत बहुत बढ़ चुकी है। ये ऐसे खनिज हैं, जिनके दम पर ही आज स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, डिफेंस, एयरोस्पेस, स्पेस से लेकर न्यूक्लियर क्षेत्र के लिए जरूरी उपकरण बनाए जा सकते हैं।
  • इन क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ मिनरल्स के मामले में भारत ने अपना नेशनल मिशन शुरू किया है, ताकि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
दिनेश मिश्र

लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है।

दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं।

दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए।

नेशनल-इंटरनेशनल, बिजनेस और एंटरटेनमेंट की खबरों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रहती है। पहली प्राथमिकता है किसी भी खबर की सच्चाई के साथ विश्लेषण करना। इसके बाद उसका असर कहां और कितना पड़ेगा, इसे लेकर भी अवेयर रहते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव
दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े।

दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।… और पढ़ें