Layoffs: 6 महीने में चली गईं 1.19 लाख नौकरियां, क्या 2023 वाला हाल होगा? जॉब बचाने के लिए एक्सपर्ट के 5 तरीके – layoffs over 1 lakh jobs lost just 6 months in 2026 know what is the reason career expert alok bansal give 5 tips to save your job


Layoffs News: टेक कंपनियां इस साल भी धड़ल्ले से कर्मचारियों की निकाल रही हैं। सिर्फ 6 महीने में 1.19 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। एआई के आने के बाद बीते पांच साल में 8 लाख से ज्यादा लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

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साल 2026 में 1.19 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की गई है। (फोटो सोर्स- AI)
Layoffs 2026: दिग्गज टेक कंपनियों में छंटनी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। माइक्रोसॉफ्ट ने फिर से 4800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इसके अलावा ओरेकल, मेटा, पेपास, अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों में भी लेऑफ का सिलसिला लगातार जारी है। हालत यह है कि 2026 के आधे साल में ही 1.19 लाख से ज्यादा कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। फिर से 2023 का डर गहराने लगा है कि कहीं उस साल जैसा हाल दोबारा न हो जाए। इस कठिन दौर में करियर एक्सपर्ट की सलाह काफी काम आ सकती है।

5 साल में 8.25 लाख से ज्यादा को नौकरी से निकाला

बीते पांच साल में लाखों कर्मचारी अपनी नौकरी से हाथ धो चुके हैं। layoffs. fyi की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 से 2026 तक (6 महीने में) 8 लाख 27 हजार 981 लोगों को निकाला गया है। 2026 के सिर्फ 6 महीने में नौकरी से निकाल गए लोगों की संख्या 1 लाख 19 हजार 494 है। हैरान करने वाली बात यह है कि इतने बड़े बैमाने पर छंटनी सिर्फ 219 टेक कंपनियों में हुई हैं।

सबसे अधिक छंटनी करने वाली 10 कंपनियां

कंपनी का नाम लेऑफ कर्मचारियों की संख्या
Oracle 21,000
Amazon 16,100
Dell 11,000
Meta 10,400
Microsoft 4,800
PayPal 4,760
Block 4,000
Cisco 4,000
Intuit 3,000
WiseTech 2,000

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2023 साल वाला हाल न हो जाए

छंटनी के मामले में 2023 का साल सबसे ज्यादा परेशान करने वाला रहा है। क्योंकि बीते पांच साल में सबसे ज्यादा छटनी 2023 में ही हुई है। 2026 का साल उस आंकड़े के लगभग आधे में पहुंचता दिख रहा है। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि 2023 की तरह कहीं इस साल भी बड़ी संख्या में लेऑफ न हो जाए।

साल लेऑफ कर्मचारियों की संख्या
2022 165,269
2023 265,660 (अब तक सबसे ज्यादा)
2024 152,922
2025 124,636
2026 (सिर्फ 6 महीने) 119,494

कौन छीन रहा है नौकरियां?

छंटनी की सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के चलते दुनियाभर में हो रहा बदलाव माना जाता है। करीब-करीब हर फील्ड में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ चुकी है कि टेक कंपनियां इंसानों से ज्यादा एआई पर भरोसा जता रही हैं। खुलकर एआई में इन्वेस्ट किया जा रहा है। लेकिन नौकरी जाने की वजह सिर्फ AI नहीं है।
हाल ही में येल यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पता चला था कि एआई को लेकर नौकरियों पर खतरे की बात पूरी तरह सही नहीं है। येल की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी बड़ी वजह आर्थिक बदलाव है, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 2022 में अपनी ब्याज दर नीति खत्म करने का फैसला। इस फैसले ने हाई रिस्क वाले स्टार्टअप्स को आसानी से मिल जाने वाली आर्थिक सहायता को कम कर दिया।

इसके अलावा रिपोर्ट कहती है कि दिग्गज कंपनियां एआई की आड़ लेकर अच्छी सैलरी पाने वाले लोगों को नौकरी से निकाल रही है। जो कंपनियां एआई पर शिफ्ट हो रही हैं, वे जल्दबाजी में छंटनी कर रही हैं। फिर भी रिपोर्ट इस ओर इशारा करती है कि एआई के दौर में नौकरी बचाने के लिए खुद अपस्किल करना बहुत जरूरी है।

नौकरी बचाने के लिए एक्सपर्ट के 5 तरीके

AI के दौर में छंटनी से बचे रहना सबसे बड़ा टास्क बन गया है। इसके लिए खुद पर मेहनत करने की जरूरत है। करियर काउंसलर आलोक बंसल ने एआई के चलते हो रही छंटनी के बीच नौकरी बचाने के पांच तरीके सजेस्ट किए हैं।
1. AI को अपनाने की जरूर है और एआई को सीखते हुए खुद को अपस्किल करें ताकि हम इसका इस्तेमाल करके अपने काम में महारथ हासिल कर पाएं।

2. हमें एजुकेशन में इन्वेस्ट करने की जरूरत है ताकि हम Multidisciplinary नॉलेज हासिल कर पाएं और अलग-अलग क्षेत्रों के बारे में भी जाएं। अब वो टाइम नहीं रहा जब सिर्फ एक फील्ड के बारे में समझा जाता था।

3. हम उन फील्ड में ज्यादा निपुण होना पड़ेगा, जहां इंसानों का काम अधिक है और एआई की पहुंच से बाहर हैं। उदाहरण के तौर पर खाना बनाने की कला। बच्चे साइकोलॉजी या ह्यूमन रिसोर्स (HR) फील्ड में जा सकते हैं।

4. इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी फील्ड में ही जाना है तो इसमें भी काफी मौके आए हैं। एआई के आने के बाद रोबोटिक्स में बढ़ावा मिलेगा और मैन्युफेक्चरिंग टेक्नोलॉजी में इजाफा होगा।

5. जिस एरिया में इंटरनेशनल रिलेशनंस, पॉलिटिकल साइंसेज, साइकोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ावा मिलता नजर आए। इसलिए स्टूडेंट्स इस तरह के सब्जेक्ट्स में भी चुन सकते हैं और खुद को अपस्किल करके आगे बढ़ सकते हैं।

अमन कुमार

लेखक के बारे मेंअमन कुमारअमन कुमार, डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रॉड्यूसर पद पर हैं। शिक्षा और रोजगार जगत की खबरों के अनुभवी लेखक अमन को न्यूज वर्ल्ड में करीब 10 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है। वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। साल 2015 में साधना न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत करते हुए टीवी चैनल आउटपुट डेस्क और ‘मानव को शांति कहां’ मासिक पत्रिका से लेखन शैली को समझा। इसके बाद लाइव न्यूज हिंदी (लाइव इंडिया), जनसत्ता.कॉम, आजतक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे। कई साल के अनुभव से अमन पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं। अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है।

अमन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों जैसे स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, सरकारी नौकरी, सरकारी रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स एंड ऑप्शंस, करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, सक्सेस स्टोरीज समेत कई टॉपिक्स पर गहरी सोच और समझ के साथ व्यापक कवरेज करते हैं। टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स, करियर काउंसलर की सलाह और टिप्स के जरिए स्कूल की खबरों से लेकर IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT, CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। इसके अलावा एसससी, यूपीएससी, बैंक, पुलिस समेत भारत और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार और गहराई से लिखते हैं।

गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट जॉब, स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक की फील्ड में काम करते हुए अमन ने भारत के प्रमुख शिक्षा बोर्ड CBSE के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संयम भारद्वाज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन्स प्रोफेसर हनीत गांधी और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार का खास इंटरव्यू कर स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी कंटेंट वाले ऑथेंटिक आर्टिकल्स लिखे हैं। इसके अलावा ABVP और NSUI जैसे छात्र संगठनों के प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया है। सीबीएसई, रीट, नीट, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करते रहे हैं। ताकि उनके टिप्स और सलाह से बाकी युवाओं के करियर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

दिल्ली में जन्मे अमन कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में B.A. ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर डीयू के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उसके बाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। ये डिग्रियां अमन को हिंदी पत्रकारिता की वो एक्सपर्टीज देती हैं जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल (5 Ws+1H) यानी क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के पैमानों के आधार पर न्यूज राइटिंग के लिए जरूरी हैं… और पढ़ें