Jaipur News: सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में मां की कातिल बनी बेटी, 7 लाख की सुपारी देकर करवाई हत्या


राजस्थान के जयपुर से बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, यहां एक बेटी ने नौकरी और संपत्ति के लालच में अपनी ही मां की हत्या सुपारी देकर करवा दी. यही नहीं हत्या न लगे इसलिए मां को गाड़ी से कुचलवाने का प्लान खुद बेटी ने बनाया है. पुलिस ने इस मामल में आरोपी बेटी समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

इस सनसनीखेज साजिश में बेटी के साथ उसका ताऊ, चचेरा भाई और कई अन्य लोग शामिल थे. बेटी द्वारा अपनी मां की हत्या करवाने की खबर से हर कोई सन्न है. इस घटना में अभी एक आरोपी फरार है, जिसे पुलिस पकड़ने का दावा कर रही है.

 क्या है पूरा मामला ?

4 जुलाई को जयपुर के प्रताप नगर इलाके में सड़क पार कर रही नीरज शर्मा की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई थी. पहली नजर में मामला सड़क हादसे का लगा, लेकिन मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने पुलिस को बताया कि नीरज पहले से अपनी जान को खतरा बता रही थीं और उन्हें शक है कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या है. इसी एक शक ने पुलिस जांच की दिशा बदल दी.

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पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली.फुटेज में एक संदिग्ध स्कॉर्पियो बार-बार इलाके में घूमती दिखाई दी. पुलिस ने वाहन का पीछा करते हुए उसे बरामद किया. जांच में गाड़ी पर दुर्घटना के निशान मिले और यहीं से पूरे हत्याकांड की परतें खुलनी शुरू हो गईं.

मृतक आश्रित नौकरी और संपत्ति के लिए हत्या 

पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर दिया. पुलिस के मुताबिक, नीरज शर्मा की 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा ही इस हत्या की मास्टरमाइंड निकली. आयुषी के पिता विजय कुमार शर्मा की पहले ही मौत हो चुकी थी. पिता के निधन के बाद आयुषी चाहती थी कि उसे मृतक आश्रित कोटे में सरकारी नौकरी मिले, लेकिन उसकी मां नीरज शर्मा ने खुद वह नौकरी लेने का फैसला किया. इसी बात से नाराज आयुषी ने मां को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. उसका मकसद सिर्फ नौकरी ही नहीं, बल्कि मां के नाम की पूरी संपत्ति पर कब्जा करना भी था.

सगा ताऊ और उसका बेटा भी शामिल 

इस साजिश में आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप शर्मा, ताऊ के बेटे बलराम उर्फ रवि (जो फिलहाल फरार है) और अन्य लोगों को शामिल किया. करीब सात लाख रुपये की सुपारी तय हुई. पहले भी हत्या की कोशिश की गई, लेकिन वह नाकाम रही. इसके बाद कई दिनों तक नीरज शर्मा की रेकी की गई और 4 जुलाई को स्कॉर्पियो से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई, ताकि मामला सामान्य सड़क हादसा लगे.

मृतक के भाई ने कड़ी सजा के लिए शुरू की पैरवी 

जयपुर कमिश्नरेट के ईस्ट जोन की डीसीपी रंजीता शर्मा के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में आयुषी शर्मा, मोहन स्वरूप शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा, मोहित शर्मा और रोहित जाटव समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिश में शामिल बलराम उर्फ रवि अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है. मृतक रंजीत के भाई ने अभी से कोर्ट में वकीलों को नियुक्त कर दिया है ताकि आरोपियों को कोर्ट से कोई राहत न मिल सके. 

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के कत्ल की कहानी है. जिस मां ने बेटी के भविष्य के लिए पूरी जिंदगी खपा दी, उसी बेटी ने सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में अपनी मां की सांसें छीन लीं. अगर सीसीटीवी कैमरों की नजर इस पूरी वारदात को रिकॉर्ड नहीं करती, तो शायद यह हत्या हमेशा के लिए एक सड़क हादसा बनकर फाइलों में दफन हो जाती. लेकिन अब इस खुलासे ने साबित कर दिया है कि लालच जब रिश्तों पर भारी पड़ता है, तो खून के रिश्ते भी खून करने से नहीं हिचकते.

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