जागरण संवाददाता, बदायूं। बिजली चोरी के मुकदमे में जेल न भेजने और मामले का निस्तारण कराने के नाम पर छह हजार रुपये की रिश्वत लेते एंटी पावर थेफ्ट थाने का दारोगा कृष्ण पाल सिंह को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपित दारोगा के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एंटी करप्शन की टीम के अनुसार थाना अलापुर क्षेत्र के ग्राम नैथू निवासी हेमराज ने शिकायत की थी कि बिजली चोरी के मुकदमे में जेल न भेजने और मामले का निस्तारण कराने के बदले दारोगा छह हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजकर 28 मिनट पर एंटी करप्शन टीम ने डिवीजन द्वितीय विद्युत वितरण खंड कार्यालय स्थित एंटी पावर थेफ्ट थाना परिसर में कार्रवाई की। शिकायतकर्ता से छह हजार रुपये रिश्वत लेते ही दारोगा कृष्णपाल सिंह को एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर रामलाल पांडेय के नेतृत्व में टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के बाद आरोपित को हिरासत में लेकर पहले पूछताछ की गई। इसके बाद उसे थाना सिविल लाइंस ले जाया गया। जहां उसके भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपित दारोगा कृष्ण पाल सिंह मूलरूप से जिला बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी थाने के गांव करतौली का रहने वाला है।
वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस के एंटी पावर थेफ्ट थाना उसावां रोड में दारोगा के पद पर तैनात था। वह 1990 में सिपाही के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। वर्ष 2023 में उसका प्रमोशन दारोगा के पद पर हुआ था। इंस्पेक्टर रामलाल पांडेय ने बताया कि आरोपित को बरेली ले जाया जा रहा है। उसे वहीं से जेल भेजा जाएगा।