2 एकड़ में गन्ने की खेती, लाखों की आय… किसान ने बताई कम लागत में ज्यादा मुनाफे की तकनीक


गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ गन्ने की खेती को भी बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं. गन्ना एक नकदी फसल मानी जाती है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी मिलती है.जिले के कई किसान गन्ने की खेती कर हर साल लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान प्रगतिशील किसान राघवेंद्र मिश्रा का कहना है कि गन्ने की फसल एक बार लगाने के बाद लंबे समय तक उत्पादन देती है. यदि समय पर सिंचाई, खाद और खरपतवार नियंत्रण किया जाए तो पैदावार काफी अच्छी होती है. गन्ने की मांग चीनी मिलों के साथ-साथ गुड़ और खांडसारी उद्योगों में भी बनी रहती है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होती.

राघवेंद्र मिश्रा बताते हैं कि उन्होंने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है. उसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरी के लिए प्रयास किया लेकिन कुछ कारण बस उनको सरकारी नौकरी नहीं मिल पाई फिर अपनी किस्मत खेती किसानी में आजमाई और वह इस समय लगभग दो एकड़ में गन्ने की खेती कर रहे हैं.

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राघवेंद्र मिश्रा के अनुसार गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने से उत्पादन और आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं. अच्छी किस्मों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और रोग-कीट नियंत्रण पर ध्यान देने से किसानों को बेहतर परिणाम मिलते हैं. उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन सुधारने के लिए कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं.

राघवेंद्र मिश्रा बताते हैं कि हमारे पिताजी भी खेती किसानी करते थे बचपन से हमको खेती की सनी का शौक था तो हमने उन्हें से सीखा और अब हम टेक्निकल विधि से गन्ने की खेती कर रहे हैं.

उन्होंने बताया इस समय हम लगभग दो एकड़ में गन्ने की खेती कर रहे हैं भविष्य में इसको और आगे बढ़ाना है. एक बीघा गन्ने की खेती में लगभग 12 से 15 हजार रुपए की लागत लगी है. उन्होंने बताया कि लाखों रुपए की इनकम होने की उम्मीद है. एक बीघा में लगभग 80 कुंतल से 100 कुंतल तक का पैदावार हो जाता है.



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