
भारतीय रिजर्व बैंक संपत्ति लेनदेन में धोखाधड़ी को कम करने और होम लोन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशानिर्देश पेश करने की तैयारी कर रहा है. ये नियम प्रॉपर्टी टाइटल सर्च को मानकीकृत करेंगे, जिससे बैंकों और एनबीएफसी को संपत्ति के स्वामित्व, कानूनी रिकॉर्ड और मॉर्गेज इतिहास की अधिक सटीक जाँच करनी होगी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों, विशेष रूप से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बनाम प्रभात जैन मामले के बाद, आरबीआई ने यह कदम उठाया है.
वर्तमान में, विभिन्न बैंक संपत्ति की जाँच के लिए अलग-अलग तरीकों का पालन करते हैं, जिससे धोखाधड़ी की संभावना बनी रहती है. नए नियमों से बैंकों को एक समान और सख्त प्रक्रिया का पालन करना होगा, जिससे फर्जी दस्तावेजों और डबल मॉर्गेज जैसे मामलों पर अंकुश लगेगा.
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