शहडोल शहर में यातायात नियमों की अनदेखी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। ताजा मामला जिला मुख्यालय स्थित कॉन्वेंट स्कूल के सामने का है, जहां एक चार पहिया वाहन चालक खुले मैदान में खतरनाक स्टंट करता दिखाई दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टंट के दौरान आसपास स्कूली बच्चे भी मौजूद थे, लेकिन चालक ने किसी की परवाह किए बिना वाहन दौड़ाया। यदि जरा सी भी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। शहर के व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाकों में कई बाइक चालक साइलेंसर से तेज धमाकेदार आवाज निकालते हुए फर्राटे भरते हैं। इससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों में दहशत का माहौल बनता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
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इधर, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनुपम गौतम ने भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहर की यातायात व्यवस्था बदहाल हो गई है। प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति आम हो गई है। सोहागपुर थाने से मेडिकल कॉलेज चौक तक सड़क किनारे भारी वाहनों की कतारें लगी रहती हैं। कई शिकायतों के बावजूद इन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं होती, जबकि पहले भी सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों पर अक्सर यातायात पुलिसकर्मी तैनात नहीं रहते। वहीं सूत्रों का दावा है कि यातायात प्रभारी का मुख्यालय में पर्याप्त समय नहीं देने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वह रोज बुढार से आना जाना करते हैं। अनुपम गौतम ने कहा कि बस स्टैंड क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधारने के दौरान आरक्षक महेश पाठक की मौत के बाद भी उन्होंने यातायात प्रभारी को निलंबित करने की मांग की थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। मीडिया के माध्यम से अब नए पुलिस अधीक्षक से भी उन्होंने यही मांग दोहराई है।
उधर, स्टंट का वीडियो सामने आने के बाद इस संबंध में यातायात प्रभारी संजय जायसवाल का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।