वैभव सूर्यवंशी शुरुआती दो इंटरनेशनल मैचों में छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं। पार्थिव पटेल ने सूर्यवंशी की एक कमजोरी के बारे में बताया, जिसपर काम करने की जरूरत है।
आईपीएल में धमाल माचने वाले वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में अभी तक उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में 10 गेंदों में 14 रन बनाए जबकि तीसरे मुकाबले में 5 गेंदों में 13 रन बटोरे। मेजबान टीम ने बार-बार शॉर्ट गेंदों से युवा सनसनी का टेस्ट लिया है। तीसरे टी20 में सूर्यवंशी को जोफ्रा आर्चर ने एक जोरदार बाउंसर डालकर आउट किया। भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने शॉर्ट-पिच बॉलिंग को सूर्यवंशी की सबसे बड़ी कमजोरी करार दिया है। उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी को इसपर काम करने की जरूरत है क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट में विरोधी टीमें लगातार इस तरह की गेंदबाजी से परेशान करेंगी। भारत को गुरुवार को ब्रिस्टल में इंग्लैंड से चौथे टी20 में भिड़ना है। इंग्लैंड पांच मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे है। पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था।
‘वैभव सूर्यवंशी अपने करियर में…’
पार्थिव ने जियोहॉटस्टार से कहा, ”सिर्फ जोफ्रा आर्चर ही नहीं बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट में जिसने भी आईपीएल देखा है, वो ऐसा करेगा। मुझे हैरानी नहीं है कि वैभव सूर्यवंशी को शॉर्ट बॉलिंग करने का प्लान बनाया गया है। जैसे-जैसे वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते रहेंगे, उन्हें इस तरह की बॉलिंग का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, यह सवाल जरूर होगा कि वह कैसे सामना कर पाएंगे क्योंकि सभी बॉलर इसी तरह की प्लानिंग के साथ आएंगे।” उन्होंने आगे कहा, ”जैसे-जैसे वैभव सूर्यवंशी अपने इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ेंगे, उन्हें इस तरह की गेंदबाजी की जाएगी। इसमें शॉर्ट और 145 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिक रफ्तार वाली बॉलिंग शामिल है। वह शॉर्ट-पिच बॉलिंग का सामना कैसे करेंगे? उन्हें इसका हल ढूंढना होगा। क्योंकि हर बॉलर उन्हें वहीं टारगेट करने की कोशिश करेगा।”
‘मैं ब्रिस्टल में भारतीय बल्लेबाजों से…’
पूर्व विकेटकीपर ने भारतीय बल्लेबाजों में गेम अवेयरनेस की कमी के बारे में भी बात की, जिन्होंने आयरलैंड के बाद इंग्लैंड दौरे पर अभी तक टीम को निराश किया। भारतीय टीम तीसरे टी20 में 202 के लक्ष्य का पीछा करते हुए 11.4 ओवर में 76 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने 125 रनों से मैच जीता और भारत को टी20 इंटरनेशनल में उसकी सबसे बड़ी हार थमाई। पार्थिल पटेल ने कहा, ”मैं ब्रिस्टल में भारतीय बल्लेबाजों से गेम की बेहतर समझ और गेम अवेयरनेस देखना चाहूंगा। बोर्ड पर 200 रन थे लेकिन सभी अनुभवी टी20 बल्लेबाज हैं। इस फॉर्मेट में जितना आप सोचते हैं, उससे थोड़ा ज्यादा समय होता है। आप एक या दो ओवर खेलकर अपनी नजरें जमा सकते हैं। कंडीशन अलग हैं, विकेट उतने फ्लैट नहीं हैं, और आपको ग्राउंड के साइज और विकेट की पेस की आदत डालनी होगी। इसलिए, खुद को कुछ समय देना बहुत जरूरी है।”