वंदे भारत सीनियर सिटीजन और महिला यात्रियों की पहली पसंद बनी, 530 सीट में से ढाई सौ से अधिक सीटें बुजुर्ग और महिलाएं कराती हैं बुक, National Hindi News


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टाटानगर-पटना वंदे भारत ट्रेन बुजुर्ग और महिला यात्रियों के लिए पहली पसंद बन गई है। जबकि किराये में कोई रियायत नहीं है, इसकी सुविधाएं और समय पर पहुंचने की क्षमता इसे साउथ बिहार एक्सप्रेस से बेहतर बनाती हैं। वंदे भारत में अधिकतर सीटें बुजुर्ग और महिलाएं बुक कराती हैं।

वंदे भारत सीनियर सिटीजन और महिला यात्रियों की पहली पसंद बनी, 530 सीट में से ढाई सौ से अधिक सीटें बुजुर्ग और महिलाएं कराती हैं बुक

टाटानगर-पटना वंदे भारत ट्रेन बिहार जाने वाले बुजुर्ग और महिला यात्रियों की पहली पसंद बन गई है, जबकि वंदे भारत में सीनियर सिटीजन और महिलाओं को किराये में कोई रियायत नहीं मिलती। जानकारों के अनुसार, वंदे भारत ट्रेन साउथ बिहार एक्सप्रेस की तुलना में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और कई मायनों में अधिक सुरक्षित भी मानी जाती है। महिला और बुजुर्ग यात्रियों को ट्रेन में भोजन और नाश्ते की चिंता नहीं रहती। इसके अलावा, वंदे भारत शायद ही कभी विलंब से चलती है, जबकि साउथ बिहार एक्सप्रेस के अप और डाउन दोनों फेरे अक्सर देर से चलने के लिए जानी जाती है।

वंदे भारत की लोकप्रियता

यही कारण है कि वंदे भारत सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि रास्ते के अन्य स्टेशनों तक जाने वाले बुजुर्ग और महिला यात्रियों की भी पसंद बनती जा रही है। हालांकि, वंदे भारत में इनके लिए कोई अलग कोटा निर्धारित नहीं है, फिर भी 530 सीटों में से ढाई से तीन सौ सीटें सीनियर सिटीजन और महिलाएं बुक कराती हैं।

साउथ बिहार एक्सप्रेस की तुलना

रेलवे के ट्रेन शेड्यूल के अनुसार, दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस के एसी श्रेणी का किराया वंदे भारत की तुलना में 385 रुपये कम है। हालांकि, साउथ बिहार एक्सप्रेस टाटानगर से पटना पहुंचने में करीब 12 घंटे का समय लेती है, जबकि वंदे भारत यही दूरी लगभग साढ़े सात घंटे में तय कर लेती है। यही वजह है कि साउथ बिहार एक्सप्रेस में 750 रुपये का टिकट लेने के बजाय महिलाएं और बुजुर्ग वंदे भारत में 1135 रुपये का टिकट बुक कराना अधिक पसंद कर रहे हैं।

अन्य ट्रेन सेवाएं

मालूम हो कि सुबह वंदे भारत के बाद टाटानगर से पटना के लिए बक्सर एक्सप्रेस भी खुलती है, जिसमें एसी इकोनॉमी, थर्ड एसी और चेयरकार की सुविधा उपलब्ध है। इस ट्रेन में भी पटना तक का किराया वंदे भारत की तुलना में 300 रुपये से अधिक कम है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में बुजुर्ग और महिला यात्री वंदे भारत से यात्रा करना ही प्राथमिकता दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे भारत ट्रेन में बुजुर्ग यात्रियों को किराये में रियायत क्यों नहीं मिलती?

वंदे भारत में सीनियर सिटीजन और महिलाओं को किराये में कोई रियायत नहीं मिलती।

वंदे भारत ट्रेन और साउथ बिहार एक्सप्रेस में क्या अंतर है?+

कितनी सीटें वंदे भारत में बुजुर्ग और महिलाओं के लिए बुक कराई जाती हैं?+



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