असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने शुक्रवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश किया। इस बजट में रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने राज्य के विकास को गति देने के लिए 10 प्रमुख पहलों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट रोजगार आधारित विकास, मजबूत बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति पर केंद्रित है।
क्या हैं रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के लक्ष्य?
सरकार ने दो लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। ‘अरुणोदय’ और ‘निजुत मोइना’ जैसी प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 33,000 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती की घोषणा की गई है। इससे जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। शिक्षा क्षेत्र में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और नए शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती जारी रहेगी।
बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में क्या है योजना?
विमानन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गुवाहाटी हवाई अड्डे को 8 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला हवाई अड्डा बनाने का लक्ष्य है। इससे असम की हवाई संपर्कता मजबूत होगी और पूर्वोत्तर में यह एक प्रमुख विमानन केंद्र बनेगा। ऊर्जा क्षेत्र के लिए बजट में 72,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। यह राशि तापीय, जलविद्युत, सौर ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर खर्च होगी। इससे राज्य की बिजली व्यवस्था मजबूत होगी और भविष्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी।
कृषि और कौशल विकास पर कितना ध्यान?
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ब्रह्मपुत्र घाटी में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसका उद्देश्य सिंचाई का दायरा बढ़ाना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना है। चाय बागान श्रमिकों और चाय जनजातियों के लिए कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी। युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों की घोषणा की गई है। इसके तहत युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दृश्य प्रभाव तथा अंग्रेजी, जापानी और कोरियाई जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उन्हें देश और विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।