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Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. चंपत राय का ड्राइवर टिन्नू यादव तो बड़ा वाला खिलाड़ी निकला है. वो और अन्य आरोपियों ने दान की रकम को शेयर बाजार, सूद (ब्याज) और करोड़ों की जमीन में इनवेस्ट कर रकम दोगुनी करने का बिजनेस प्लान तैयार किया था. मामले में 30 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं.
अयोध्या राम मंदिर के दान का चुराया पैसा आरोपी कैसे कर रहे थे सफेद.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि चोरी की गई दान राशि का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया और कुछ रकम ब्याज पर भी दी गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामशंकर यादव उर्फ़ टिन्नू यादव समेत दूसरे आरोपियों ने इन्वेस्टमेंट किया था. टिन्नू यादव ने शेयर मार्केट में पैसे लगाये थे. आरोपियों ने चोरी की रकम अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई और बाद में उसे अपने खातों में वापस मंगाकर लेनदेन छिपाने की कोशिश की.
कल पूरी रात चली थी जांच
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा को उसके घर ले जाकर तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की. इससे पहले सह-आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय के घरों पर भी पुलिस तलाशी अभियान चला चुकी है. पुलिस ने तीनों आरोपियों के रिश्तेदारों के 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है. प्रारंभिक जांच में इन खातों में खाताधारकों की ज्ञात आय से अधिक लेनदेन मिलने की बात सामने आई है.
घर की तलाशी में क्या मिला?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के घरों से नकदी, सोने के आभूषण और एक कार बरामद की गई है. हालांकि, बरामद नकदी की राशि और किस आरोपी के घर से क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. पूछताछ में अनुकल्प मिश्रा और सह-आरोपी अविनाश ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि चोरी की रकम शेयर बाजार में लगाई गई और ब्याज पर भी चलाई गई. अनुकल्प मिश्रा के घर की तलाशी के दौरान उसके नाम पर खरीदी गई करीब एक एकड़ जमीन के दस्तावेज भी बरामद हुए. दस्तावेजों के अनुसार जमीन लगभग 6.7 लाख रुपये में खरीदी गई थी, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य इससे कई गुना अधिक बताया जा रहा है.
जून के पहले सप्ताह में राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती में कथित अनियमितताओं के बाद विवाद सामने आया था. ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की थी. एसआईटी की प्रारंभिक जांच में गबन के संकेत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज हुई और चढ़ावा गणना से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें