India Border Security: ‘सबसे ऊपर तक रिपोर्ट करें’, अमित शाह ने 119 पुलिस कप्तानों के हाथ में दे दी चाबुक! बॉर्डर पर गदर की तैयारी – amit shah said to sps information on abnormal demographic changes in border areas communicated to highest level
Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती जिले के पुलिस अधिकारियों के एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इसमें उन्होंने घुसपैठ को लेकर चिंता जताते हुए बेहद सतर्कता बरतने को कहा है।
हाइलाइट्स
अमित शाह ने पुलिस कप्तानों को सीमा पर आबादी में असामान्य बढ़ोतरी पर दिया निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्री ने सीमा मजबूत और वैज्ञानिक सुरक्षा ढांचा बनाए जाने की बात कही
उन्होंने पुलिस अफसरों से बॉर्डर एरिया में घुसपैठ को लेकर बेहद सतर्कता रहने को कहा
सीमावर्ती जिलों के पुलिस कप्तानों के सम्मेलन में अमित शाह
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सीमावर्ती इलाकों में ‘असामान्य कारणों’ से आबादी में होने वाली बढ़ोतरी की जानकारी स्थानीय स्तर से लेकर सबसे ऊपरी स्तर तक जल्द से जल्द पहुंचाई जानी चाहिए। जैसे कि कथित तौर पर बिना दस्तावेजों के होने वाला प्रवासन। दिल्ली में लैंड बॉर्डर जिलों के पुलिस अधीक्षकों के सम्मेलन 2026 में शाह ने कहा-‘ नरेंद्र मोदी सरकार असामान्य कारणों से होने वाली अप्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि को सख्ती से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने कहा कि बीते 12 साल से सीमा सुरक्षा के लिए मजबूत ढांचा बनाया जा रहा है।
12 साल से बॉर्डर सिक्योरिटी साइंटिफिक तरीके से: अमित शाह
बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट्स के एसपी के कॉन्फ्रेंस में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘पिछले 12 सालों में बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़े काम वैज्ञानिक तरीके से किए गए हैं। इसमें बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंड देना, प्राथमिकताएं तय करना और उन प्राथमिकताओं के आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना शामिल है। जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो 2013 के बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और आज के इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच 400 फीसदी का अंतर दिखाई देता है।’
डेमोग्राफी मिशन का मकसद आबादी में बदलाव की वजह पता लगाना
अमित शाह ने कहा-डेमोग्राफी मिशन (जनसांख्यिकी मिशन) इसलिए बनाया गया था ताकि आबादी में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जा सके, ऐसे बदलावों की वजहों का पता लगाया जा सके और उन्हें रोकने के उपाय सुझाए जा सकें।
अमित शाह ने कहा, ‘सीमावर्ती इलाकों में आबादी में बदलाव की मुख्य वजह घुसपैठ है।’ उन्होंने कहा-‘सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मोदी सरकार ने एक चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड बनाया है, जिससे भारत का नजरिया प्रतिक्रियाशील (reactive) से बदलकर सक्रिय (proactive) हो गया है।’
मोदी सरकार असामान्य कारणों से होने वाली अप्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि को सख्ती से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
कॉन्फ्रेंस में 119 सीमावर्ती जिलों के एसपी शामिल हुए
इस कॉन्फ्रेंस में 119 सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारी, सीमावर्ती राज्यों के पुलिस महानिदेशक, इंटेलिजेंस अधिकारी और सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
अमित शाह ने कहा, ‘हम देश को पूरी तरह घुसपैठ मुक्त बनाने और यह पक्का करने के लिए एक मजबूत सिस्टम बना रहे हैं कि घुसपैठ बिल्कुल न हो।’
मैं आंकड़ों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहता, क्योंकि इसमें बहुत समय लगेगा। लेकिन वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो सीमा सुरक्षा के लिए सरकार की पहली जरूरत सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करनी थी और सरकार ने इसे बहुत प्रभावी ढंग से किया है।
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
बॉर्डर सिक्योरिटी के लिए व्यापक नजरिया
शाह ने आगे कहा कि इस बैठक ने बॉर्डर सिक्योरिटी के लिए एक व्यापक नजरिए को संस्थागत रूप दिया है और तटीय सीमा की सुरक्षा के लिए भी इसी तरह का नजरिया अपनाया जाएगा।
लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है।
दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं।
दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए।
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पत्रकारिता का अनुभव
दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े।
दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।… और पढ़ें