जब दो दिन नहीं दिखा सूरज: इतिहास का सबसे तेज़ धमाके वाला ज्वालामुखी विस्फोट


ज्वालामुखी का एक इलस्ट्रेशन

इमेज स्रोत, Hulton Archive/Getty Images

इमेज कैप्शन, क्राकाटोआ ज्वालामुखी के विस्फोट में 36 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी (सांकेतिक तस्वीर)

इंडोनेशिया का एक ज्वालामुखीय द्वीप अनाक क्राकाटाउ इस हफ्ते कई बार फटा. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ज्वालामुखी से निकलने वाले राख़ के ग़ुबार क़रीब 250 मीटर तक आसमान में उठे.

ख़बरों के मुताबिक़, इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी ने बताया कि मंगलवार को एक बार और बुधवार को दो बार अनाक क्राकाटाउ में विस्फोट हुआ.

हालांकि, इलाके़ में ज्वालामुखी की गतिविधियों पर नज़र रखने वाले एक निगरानी समूह का कहना है कि फ़िलहाल आसपास रहने वाले लोगों के लिए कोई ख़तरा नहीं है.

अनाक क्राकाटाउ साल 1927 में समुद्र के नीचे बने एक विशाल गड्ढे यानी काल्डेरा से बना था.

यह काल्डेरा 1883 में क्राकाटोआ ज्वालामुखी के भीषण विस्फोट के बाद बना था, जिसे इतिहास की दूसरी सबसे घातक ज्वालामुखी त्रासदियों में से एक माना जाता है.



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