ईरान से बातचीत के लिए अमेरिका तैयार, डोनाल्ड ट्रंप बोले- सीजफायर तो खत्म हो गया, International Hindi News


अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ गया है। इस सप्ताह दोनों पक्षों ने कई बार एक-दूसरे पर हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूएस और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने परमाणु और दूसरे विवादित मुद्दों पर चर्चा जारी रखने की अपील की है, जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान ने बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है, लेकिन अमेरिका ने उसे साफ बता दिया है कि युद्धविराम अब खत्म हो गया है।’ ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां फिर तेज हो गई हैं।

इससे पहले, तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अप्रैल में हुआ युद्धविराम अब प्रभावी नहीं रहा। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए उन्हें खतरनाक और बीमार सोच वाले लोग बताया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अपने दामाद जेरेड कुशनर से चर्चा करेंगे, लेकिन अब अगला कदम तेहरान को उठाना होगा। उनके अनुसार, अगर ईरान वास्तव में समाधान चाहता है, तो उसे गंभीरता के साथ वार्ता की मेज पर लौटना होगा।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ा

हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ गया है। इस सप्ताह दोनों पक्षों ने कई बार एक-दूसरे पर हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

जानकारों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान यह संकेत देता है कि अमेरिका एक ओर कूटनीतिक बातचीत जारी रखना चाहता है, जबकि दूसरी ओर सैन्य दबाव बनाए रखने की नीति भी अपनाए हुए है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन जमीनी स्तर पर जारी सैन्य कार्रवाई और बढ़ते तनाव के कारण किसी स्थायी समझौते तक पहुंचना फिलहाल चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता और वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है।



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