जगह कम, लोग बेहिसाब! दुनिया के इन देशों में तिल रखने की भी नहीं है जगह, देखें लिस्ट


यूरोप का बेहद खूबसूरत और भूमध्य सागर के किनारे बसा मोनाको दुनिया का सबसे घनी आबादी वाला देश है. महज 38,960 लोगों की कुल आबादी वाले इस नन्हें से देश का क्षेत्रफल इतना कम है कि यहां प्रति वर्ग किलोमीटर में लगभग 19,083 लोग रहते हैं.

यूरोप का बेहद खूबसूरत और भूमध्य सागर के किनारे बसा मोनाको दुनिया का सबसे घनी आबादी वाला देश है. महज 38,960 लोगों की कुल आबादी वाले इस नन्हें से देश का क्षेत्रफल इतना कम है कि यहां प्रति वर्ग किलोमीटर में लगभग 19,083 लोग रहते हैं.

जमीन की भयंकर किल्लत के बाद भी यह अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल, हाई-प्रोफाइल पर्यटन और मजबूत आर्थिक नीतियों के दम पर मोनाको दुनिया के सबसे अमीर देशों में गिना जाता है.

जमीन की भयंकर किल्लत के बाद भी यह अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल, हाई-प्रोफाइल पर्यटन और मजबूत आर्थिक नीतियों के दम पर मोनाको दुनिया के सबसे अमीर देशों में गिना जाता है.

दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे चमकता हुआ सिंगापुर दुनिया के सबसे आधुनिक और घने देशों की सूची में दूसरे नंंबर पर आता है. लगभग 59 लाख की आबादी वाले इस छोटे से देश में जनसंख्या का घनत्व 7953 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर है.

दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे चमकता हुआ सिंगापुर दुनिया के सबसे आधुनिक और घने देशों की सूची में दूसरे नंंबर पर आता है. लगभग 59 लाख की आबादी वाले इस छोटे से देश में जनसंख्या का घनत्व 7953 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर है.

सिंगापुर ने जमीन की भयंकर कमी को मात देने के लिए बेहतरीन शहरी प्लानिंग का सहारा लिया है. यहां आसमान छूती इमारतों और अंडरग्राउंड सुविधाओं के जरिए सीमित जगह का ऐसा शानदार इस्तेमाल किया गया है कि आज यह ग्लोबल बिजनेस और मजबूत अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है.

सिंगापुर ने जमीन की भयंकर कमी को मात देने के लिए बेहतरीन शहरी प्लानिंग का सहारा लिया है. यहां आसमान छूती इमारतों और अंडरग्राउंड सुविधाओं के जरिए सीमित जगह का ऐसा शानदार इस्तेमाल किया गया है कि आज यह ग्लोबल बिजनेस और मजबूत अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है.

हिंद महासागर की खूबसूरत वादियों में बसा मालदीव और फारस की खाड़ी में स्थित बहरीन दोनों द्वीपीय देश हैं, जो कि जगह की भारी कमी से जूझ रहे हैं. बहरीन में करीब 12 लाख लोग रहते हैं और यहां का घनत्व 2,012 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है.

हिंद महासागर की खूबसूरत वादियों में बसा मालदीव और फारस की खाड़ी में स्थित बहरीन दोनों द्वीपीय देश हैं, जो कि जगह की भारी कमी से जूझ रहे हैं. बहरीन में करीब 12 लाख लोग रहते हैं और यहां का घनत्व 2,012 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है.

वहीं मालदीव की बात करें तो वहां की आबादी 5.42 लाख है और यहां 1,719 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर रहते हैं. मालदीव की राजधानी माले में तो पैर रखने की जगह नहीं है और समुद्र का बढ़ता जलस्तर इसके लिए लगातार चुनौती है.

वहीं मालदीव की बात करें तो वहां की आबादी 5.42 लाख है और यहां 1,719 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर रहते हैं. मालदीव की राजधानी माले में तो पैर रखने की जगह नहीं है और समुद्र का बढ़ता जलस्तर इसके लिए लगातार चुनौती है.

माल्टा और बांग्लादेश भी इस भीड़भाड़ की रेस में आगे दौड़ रहे हैं. माल्टा में 4.42 लाख लोग रहते हैं और यहां का घनत्व 1,514 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर है. वहीं बांग्लादेश में 16.6 करोड़ की आबादी है, जो कि 1,239 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर में खचाखच रहने पर मजबूर हैं.

माल्टा और बांग्लादेश भी इस भीड़भाड़ की रेस में आगे दौड़ रहे हैं. माल्टा में 4.42 लाख लोग रहते हैं और यहां का घनत्व 1,514 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर है. वहीं बांग्लादेश में 16.6 करोड़ की आबादी है, जो कि 1,239 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर में खचाखच रहने पर मजबूर हैं.

मिडिल ईस्ट का फिलिस्तीन और लेबनान व कैरेबियन सागर का बारबाडोस भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं. फिलिस्तीन में 759 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर के दायरे में 52 लाख लोग रहते हैं. लेबनान में 669 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर के दायरे में 68 लाख लोग और बारबाडोस में 666 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर का दायरा है. अंत में प्रशांत महासागर का नाउरू का घनत्व 635 है, जिसमें 11 हजार की आबादी रहती है.

मिडिल ईस्ट का फिलिस्तीन और लेबनान व कैरेबियन सागर का बारबाडोस भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं. फिलिस्तीन में 759 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर के दायरे में 52 लाख लोग रहते हैं. लेबनान में 669 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर के दायरे में 68 लाख लोग और बारबाडोस में 666 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर का दायरा है. अंत में प्रशांत महासागर का नाउरू का घनत्व 635 है, जिसमें 11 हजार की आबादी रहती है.

Published at : 11 Jul 2026 08:23 AM (IST)

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