रायपुर ठगी (ETV Bharat Chhattisgarh)
रायपुर: फर्जी केंद्रीय अधिकारी बनकर ट्रांसफर, पोस्टिंग और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
फर्जी आईडी, दस्तावेज और अन्य सामान बरामद
आरोपी के कब्जे से पुलिस ने फर्जी आईडी कार्ड, दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, नगद राशि और कार जब्त किया है. आरोपी को महंगे सामान की शॉपिंग का शौक है. आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में धारा 318, 319, 336 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज है.

आरोपी के पास मिले कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और कैश (ETV Bharat Chhattisgarh)
सिविल लाइन थाना में दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट
क्राइम एंड साइबर DCP स्मृतिक राजनाला ने बताया कि पीड़ित गुरु नारायण ने थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि करीब 2 साल पहले ट्रेन में उसकी मुलाकात रजनीश कुमार राय से हुई थी. आरोपी ने खुद को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताकर पीड़ित से पहचान बढ़ाया.
सरकारी नौकरी लगाने का झांसा
आरोपी ने अपनी ऊंची पहुंच का दावा करते हुए ट्रांसफर, पोस्टिंग और सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने की बात कही. पीड़ित को 5 लाख रुपये में मनचाही जगह पर पोस्टिंग दिलाने का झांसा दिया. बाद में रजनीश कुमार द्वारा अलग-अलग पद और विभाग दर्शाने वाले संदिग्ध पहचान-पत्र दिखाने पर पीड़ित को संदेह हुआ. जिसके बाद पीड़ित ने थाना सिविल लाईन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम एंड साइबर DCP स्मृतिक राजनाला ने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे. जिसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया.
खुद को अधिकारी बताकर ठगी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय ने स्वयं को भारत सरकार में सहायक आयुक्त बताकर फर्जी पहचान-पत्र का उपयोग करना स्वीकार किया. आरोपी लोगों के बीच स्वयं को प्रभावशाली केंद्रीय अधिकारी बताकर अपनी ऊंची पहुंच का दावा करता था.
छत्तीसगढ़, बिहार के कई लोगों से ठगी
पुलिस ने बताया कि आरोपी अपना ऐडिटेड फोटो दिखाकर लोगों का विश्वास जीतता था. इसके बाद वह सरकारी नौकरी, ट्रांसफर, पोस्टिंग और अन्य शासकीय कार्य कराने का झांसा देकर कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था.
आरोपी ने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों को अपने झांसे में लेकर नौकरी लगाने का झांसा दिया और लाखों रुपये ऐंठे. आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि ठगी से मिलने वाली रकम से उसने लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सामग्री खरीदी थी.