बंगाल में सरकारी नौकरी भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी, शुभेंदु अधिकारी ने 10 जून को बुलाई बड़ी बैठक – bengal new recruitment policy chief minister suvendu adhikari calls meeting on 10 june


पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में ग्राम पंचायतों के तीनों स्तरों पर हजारों खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रामीण विकास मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष ने यह घोषणा की। इधर शुभेंदु अधिकारी सरकार भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने जा रहे हैं। एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई है।

Howrah [West Bengal], Jun 03 (ANI): West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari ...
शुभेंदु अधिकारी(फोटोANI)
कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार एक नई भर्ती नीति की घोषणा करने वाली है, जिसका मकसद सिलेक्शन प्रोसेस में ज़्यादा पारदर्शिता लाना है। इस सिलसिले में, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम में बड़े बदलाव और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को साफ़-सुथरा बनाने के लिए 10 जून को सभी भर्ती बोर्डों के साथ एक बैठक बुलाई है। पहले बताए गए लोगों के अनुसार, अधिकारी अगले हफ़्ते नबन्ना में पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) और चार अन्य प्रमुख भर्ती बोर्डों के साथ बैठक करके नई भर्ती नीति को अंतिम रूप देने वाले हैं।

यह कदम राज्य के कई विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी और स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) के तहत प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार के मामलों के बीच उठाया जा रहा है। सालों से लाखों पद खाली पड़े हैं, जिससे रोज़मर्रा के एडमिनिस्ट्रेटिव कामकाज काफी हद तक कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों और रिटायर हो चुके कर्मचारियों की सेवा अवधि बढ़ाने पर निर्भर हो गए हैं।

बंगाल पुलिस में 10000 वैकेंसी

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस में लगभग 10,000 और कोलकाता पुलिस में 3,000 भर्तियां किए जाने की संभावना है। कहा जाता है कि पिछली तृणमूल सरकार के समय भर्ती पर रोक के कारण राज्य भर के पुलिस स्टेशन सिविक वॉलंटियर्स पर निर्भर हो गए हैं।

एग्जाम पैटर्न में बदलाव

नई राज्य सरकार परीक्षा पैटर्न बदलकर सिलेक्शन प्रोसेस में बड़े बदलाव करने की योजना बना रही है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार पर अक्सर पब्लिक सर्विस कमीशन और पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस की भर्तियों में भी भ्रष्टाचार और नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोप लगते रहे हैं। बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया था। यह वह स्कैम था जिसके आरोप में बंगाल के दो मंत्री जेल गए। कई दिग्गजों की गर्दन अब भी फंसी है।

ग्राम पंचायत विभाग में निकले पद

इधर दिलीप घोष ने बताया कि राज्य भर में ग्राम पंचायतों में अभी 11,548 पद, पंचायत समितियों में 630 पद और जिला परिषदों में 65 पद खाली हैं। सरकार ने ग्राम पंचायतों में 5,509 पदों, पंचायत समितियों में 564 पदों और जिला परिषदों में 463 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। घोष ने कहा कि इस भर्ती अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करना है।

शशि मिश्रा

लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रॉड्यूसर (Principal Digital Content Producer) हैं। वह नवभारत टाइम्स में महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र-प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, केरल, गोवा समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्य की खबरों पर काम करती हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 18 साल का लंबा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शशि पांडेय मिश्रा ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्‍होंने अपनी पत्रकारिता के दौरान राजनीति, क्राइम, ह्यूमन ऐंगल स्टोरीज पर काम किया। इस दौरान समाजिक मुद्दों से जुड़े कई स्टिंग भी किए। कई स्पेशल खबरें कीं, जो नेशनल स्तर पर सुर्खियां बनीं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात चुनाव के दौरान स्पेशल ग्राउंड स्पोर्टिंग की। देश की राजनीति, पर्यावरण, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे और क्राइम की खबरें लिखना पसंद है।

देश का राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना। उस खबर से भारत पर और लोगों पर क्या असर पड़ेगा इस पर काम करना प्राथमिकता है। इसके अलावा भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को खास खबर, खबर की सत्यता, पुष्ट खबरें और वीडियो के जरिए व‍िश्‍लेषण देना शशि पांडेय मिश्रा की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- भारत का राजनीतिक घटनाक्रम, पर्यावरण, क्राइम, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर लिखना

पत्रकारिता अनुभव: अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत

शशि पांडेय मिश्रा ने साल 2007 में पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण से की। उससे पहले अमर उजाला में इंटर्नशिप की। दैनिक जागरण के बाद आई नेक्स्ट में काम किया। फिर सहारा समय चैनल जॉइन किया। लेकिन लेखन का शौक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से वापस प्रिंट की तरफ ले आया। लखनऊ में कैनविज टाइम्स में काम किया और उसके बाद नवभारत टाइम्स अखबार में। यहां से नवभारत टाइम्स के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम की शुरुआत की। नवभारत टाइम्‍स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्‍थान की ओर से सम्‍मानित किया गया है। इससे पहले भी हर संस्थान में बेस्ट रिपोर्टिंग के अवॉर्ड मिले।

शशि पांडेय मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रैजुएनशन किया है। उसके अलावा विद्या इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की।

पुरस्कार: दैनिक जागरण कानपुर में पहली महिला पत्रकार होने का सम्मान मिला। आईनेक्स्ट में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स अखबार में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में भी अवॉर्ड मिला।

शशि पांडेय मिश्रा की स्पेशल खबरें
– सरकारी शेल्टर होम में अव्यवस्थाओं के लेकर स्पेशल खबर की। यहां अंदर कोई नहीं जा सकता था तो इस दौरान सफाई कर्मचारी बनकर अंदर गई और स्टिंग किया।
– कानपुर में राहुल गांधी की स्पेशल विजिट के दौरान डॉक्टर बनकर अस्पताल के अंदर गई और स्पेशल खबर निकाली।
– कानपुर जू में जानवरों की हालत और प्रदूषण पर लगातार स्पेशल स्टोरीज कीं, इन छपी खबरों के अखबार संसद के अंदर लहराकर मेनका गांधी ने सवाल उठाए। खबरों को संज्ञान लिया गया और बड़ा एक्शन हुआ।
– लखनऊ में विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक खिलौना पिस्तौल लेकर अंदर घुसी, लखनऊ के नामी स्कूलों में भी पिस्तौल लेकर घूमी और सुरक्षा में सेंध का स्टिंग किया।
– केंद्र सरकार की पालना गृह योजना में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया। खबरों को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया और मामले में सीबीआई जांच बैठी।
– महिला सुरक्षा की जांच के लिए पूरी दिन और आधी रात तक 30 किलोमीटर पैदल चली और सुरक्षा के इंतजाम की पोल खोली।
– मायावती के सीएम रहने के दौरान स्पेशल खबर के लिए उस अस्पताल में मरीज बनकर भर्ती हुई, जहां उनकी विजिट थी और स्पेशल कवेज की।… और पढ़ें