राम मंदिर में पुजारी से लेकर चढ़ावा गिनने वालों को मिलती है इतनी सैलरी, जानें कैसे होती है भर्ती और योग्यता – ramjanmbhumi temple ayodhya recruitment process and salary who count ram mandir chadhava to pujari eligibility criteria


Ram Mandir Pujari & Staff Salary, Eligibility and Selection: अयोध्या के राम मंदिर में पुजारी से लेकर सपोर्ट स्टाफ तक सभी की भर्ती एक पारदर्शी ढंग से की जाती है। शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, परीक्षा और इंटरव्यू के बाद योग्य उम्मीदवारों का चयन होता है। पुजारी पद के लिए 6 महीने की आवासीय ट्रेनिंग भी होती है।

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अयोध्या राम मंदिर की तस्वीर। (फोटो सोर्स – FB/srjbtkshetra)
Ramjanmbhumi Temple Ayodhya Recruitment Process and Salary: आयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच, मंदिर में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, किसी भी भर्ती आधिकारिक घोषणा केवल ट्रस्ट की वेबसाइट या अधिकृत सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से की जाती है। उम्मीदवारों को किसी भी बाहरी एजेंट के झांसे में न आने की सलाह भी दी गई है।

इस बीच सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवा यह भी जानना चाहते होंगे कि अयोध्या के राम मंदिर में किन-किन पदों पर भर्ती की जाती है, योग्यताएं, चयन प्रक्रिया और सैलरी स्ट्रक्चर क्या है? आइए जानते हैं।

राम मंदिर में किन-किन पदों पर नौकरी मिलती है?

मंदिर मैनेजमेंट और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अलग-अलग कैटेगरी में नौकरी मिलती हैं, जैसे- धार्मिक, टेक्निकल, मैनेजमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और प्रशासनिक व सुरक्षा पद।

  • धार्मिक पद: इनमें मुख्य अर्चक (पुजारी), सहायक पुजारी और भंडारी (प्रसाव व रसोई संभालने वाले)।
  • टेक्निकल और मैनेजमेंट वाले पद: ट्रस्ट से जुड़े संग्राहलयों जैसे अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय या मंदिर कैंपस में रखरखाव के लिए इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी इंजीनियर्स।
  • एडमिनिस्ट्रेटिव व सिक्योरिटी वाले पद: चढ़ावा व दान राशि की गिनती के लिए काउंटिंग स्टाफ या अकाउंटेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर, डिजिटल मीडिया हैंडलर, सीटीटीवी या सिक्योरिटी टेक्नीशियन और प्रशासनिक सहायक आदि।
  • सपोर्ट स्टाफ: सिक्योरिटी गार्ड्स, कतार प्रबंधक (वॉलंटियर्स) और हाउसकीपिंग स्टाफ।
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राम मंदिर में नौकरी के लिए क्या योग्यताएं चाहिए?

राम मंदिर में भर्ती प्रक्रिया किसी गुप्त तरीके से नहीं, बल्कि पूरे पारदर्शी ढंग से होती है। srjbtkshetra.org के अनुसार, हर एक पद के लिए योग्यता देखी जाती है और ट्रांसपेरेंट सेलेक्शन प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। इसके लिए सख्त नियम बनाए गए हैं।

पद का नाम योग्यता
पुजारी या अर्चक आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त गुरुकुल, संस्कृत विद्यालय या यूनिवर्सिटीज से ‘शास्त्री’ (ग्रेजुएशन) या ‘आचार्य’ (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री होना अनिवार्य है। यानी वेद और कर्मकांड की अच्छी नॉलेज होनी चाहिए। आयोध्या क्षेत्र के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है। उम्मीदवार की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
इंजीनियरिंग मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से संबंधित ट्रेड जैसे इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या आईटी में डिग्री या डिप्लोमा होना जरूरी है। हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय ने इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स या इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंजीनियर के 2 पद और मैकेनिकल इंजीनियर के एक पद पर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे।
प्रशासनिक स्टाफ और अन्य पद 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट्स तक को मौका दिया जाता है। अकाउंटेंट और क्लर्क पद के लिए कॉमर्स या संबंधित स्ट्रीम में बीबीए या बीकॉम के साथ टैली और कंप्यूटर की अच्छी नॉलेज मांगी जाती है।

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6 महीने की टफ ट्रेनिंग के बाद मिलती है नौकरी, देखें चयन प्रक्रिया

राम मंदिर में अलग-अलग पदों के हिसाब से चयन प्रक्रिया फॉलो की जाती है।

  • पुजारी: राम मंदिर में पुजारी के लिए प्राप्त आवेदनों में से शॉर्टलिस्ट किए जाने वाले उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा या इंटरव्यू देना पड़ता है। परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवार 6 महीने की टफ ट्रेनिंग से गुजरते हैं, जिसे ‘अर्चक ट्रेनिंग कोर्स’ भी कहा जाता है। यह आवासीय ट्रेनिंग होती है, जिसमें रहने-खाने के साथ लगभग 2000 रुपये प्रतिमाह स्कॉलरशिप दी जाती है। ट्रेनिंग पूरा करने के बाद मेरिट और परीक्षा के आधार पर सहायक पुजारी की मुख्य मंदिर या परिसर के दूसरे मंदिरों में नियुक्ति की जाती है।
  • इंजीनियर या अन्य स्टाफ: योग्यता के आधार पर सीधे इंटरव्यू, लिखित परीक्षा या स्किल टेस्ट के जरिए नौकरी मिलती है। शुरुआत में 2 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर चयन होता है, जिसे बाद में परफॉर्मेंस के आधार पर बढ़ाने का फैसला लिया जाता है।
  • सिक्योरिटी और वेरिफिकेशन: फाइनल सेलेक्शन से पहले सभी योग्य उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और पुलिस वेरिफिकेशन से गुजरना पड़ता है।
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राम मंदिर स्टाफ को कितनी सैलरी मिलती है?

ट्रस्ट द्वारा अलग-अलग पद के हिसाब से सैलरी स्ट्रक्चर बनाया गया है, जिसके आधार पर महीने के आखिर में कर्मचारियों के बैंक खातों में सैलरी ट्रांसफर की जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयोध्या के राम मंदिर में कर्मचारियों की सैलरी इस प्रकार है-

पद का नाम सैलरी (प्रति माह)
मुख्य पुजारी लगभग 38,500 रुपये।
सहायक पुजारी लगभग 33,000 से 36,000 रुपये तक।
इंजीनियर्स 35,000 से 40,000 रुपये तक।
भंडारी और स्टोर मैनेजर्स 19,000 रुपये से 24,000 रुपये तक।
दानपात्रों के चढ़ावे गिनती और वेरिफिकेशन से जुड़े कर्मचारी लगभग 20,000 रुपये।

राम मंदिर भर्ती की ऑफिशियल नोटिफिकेशन कहां देखें?

इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को ट्रस्ट की ऑफिशियल वेबसाइट srjbtkshetra.org पर समय-समय पर निकलने वाली भर्तियों की जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा, आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट @ShriRamTeerth पर भी भर्तियों की जानकारी दी जाती है। योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन भरना होता है या जारी विज्ञापन के अनुसार, डाक या ईमेल के माध्यम से सीवी भेजकर आवेदन कर सकते हैं।

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क्या राम मंदिर की भर्ती सरकारी होती हैं?

एक सवाल यह भी आता है कि क्या आयोध्या के राम मंदिर में निकलने वाली भर्तियां सरकारी होती हैं? इसका जवाब है नहीं। राम मंदिर की भर्तियां पूरी तरह से प्राइवेट या ट्रस्ट मैनेज्ड होती हैं। राम मंदिर का मैनेजमेंट और देख-रेख किसी सरकारी विभाग द्वारा नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र ट्रस्ट ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ द्वारा किया जाता है। इसलिए यहां काम करने वाले कर्मचारी ट्रस्ट के अधीन होते हैं, सरकार के नहीं।

मंदिर में सरकारी कर्मचारी कौन-से होते हैं?

एक तरफ जहां राम मंदिर स्टाफ की भर्ती पूरी तरह से प्राइवेट या ट्रस्ट के अधीन होती है, वहीं दूसरी तरफ मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों की भर्ती पूरी तरह से सरकारी होती है। लेकिन यहां दोनों में फर्क समझना जरूरी है कि मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों जैसे पुलिस बल, PAC और SSF जवानों की नियुक्ति खासतर पर मंदिर के लिए नहीं होती। वे पहले से सेवा में होते हैं।

इनकी भर्ती उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से की जाती है। वहीं हाई रैंक वाले पदों पर UPPSC और UPSC द्वारा ही की जाती है। बाद में, एक प्रक्रिया के तहत राम मंदिर या अन्य अति-संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी ड्यूटी लगाई जाती है।

अमन कुमार

लेखक के बारे मेंअमन कुमारअमन कुमार, डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रॉड्यूसर पद पर हैं। शिक्षा और रोजगार जगत की खबरों के अनुभवी लेखक अमन को न्यूज वर्ल्ड में करीब 10 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है। वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। साल 2015 में साधना न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत करते हुए टीवी चैनल आउटपुट डेस्क और ‘मानव को शांति कहां’ मासिक पत्रिका से लेखन शैली को समझा। इसके बाद लाइव न्यूज हिंदी (लाइव इंडिया), जनसत्ता.कॉम, आजतक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे। कई साल के अनुभव से अमन पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं। अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है।

अमन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों जैसे स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, सरकारी नौकरी, सरकारी रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स एंड ऑप्शंस, करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, सक्सेस स्टोरीज समेत कई टॉपिक्स पर गहरी सोच और समझ के साथ व्यापक कवरेज करते हैं। टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स, करियर काउंसलर की सलाह और टिप्स के जरिए स्कूल की खबरों से लेकर IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT, CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। इसके अलावा एसससी, यूपीएससी, बैंक, पुलिस समेत भारत और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार और गहराई से लिखते हैं।

गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट जॉब, स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक की फील्ड में काम करते हुए अमन ने भारत के प्रमुख शिक्षा बोर्ड CBSE के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संयम भारद्वाज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन्स प्रोफेसर हनीत गांधी और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार का खास इंटरव्यू कर स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी कंटेंट वाले ऑथेंटिक आर्टिकल्स लिखे हैं। इसके अलावा ABVP और NSUI जैसे छात्र संगठनों के प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया है। सीबीएसई, रीट, नीट, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करते रहे हैं। ताकि उनके टिप्स और सलाह से बाकी युवाओं के करियर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

दिल्ली में जन्मे अमन कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में B.A. ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर डीयू के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उसके बाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। ये डिग्रियां अमन को हिंदी पत्रकारिता की वो एक्सपर्टीज देती हैं जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल (5 Ws+1H) यानी क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के पैमानों के आधार पर न्यूज राइटिंग के लिए जरूरी हैं… और पढ़ें