खेल : डायमंड लीग : किसान के बेटे कुशारे ने तीसरे स्थान पर रहकर इतिहास रचा, National Hindi News


मोनाको में, महाराष्ट्र के किसान के बेटे सर्वेश कुशारे ने अपने डायमंड लीग में पदार्पण पर ऊंची कूद में तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने 2.26 मीटर की कूद लगाई, जो उन्हें इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाला पहला भारतीय एथलीट बना। ओलेह डोरोशचुक ने जीत हासिल की जबकि कुशारे ने अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा।

मोनाको चरण : कई दिग्गजों की मौजूदगी में ऊंची कूद में 2.26 मीटर की कूद लगाई, तीन बार के विश्व चैंपियन कतर के एस्सा बरशिम कतो पछाड़ा डायमंड लीग : किसान के बेटे कुशारे ने तीसरे स्थान पर रहकर इतिहास रचा

मोनाको में ऐतिहासिक सफलता

मोनाको, एजेंसी। महाराष्ट्र के एक गांव में प्याज की खेती करने वाले किसान के बेटे राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी सर्वेश कुशारे ने मोनाको में डायमंड लीग में पदार्पण पर ही इतिहास रच दिया। वह तीसरा स्थान हासिल करके ऊंची कूद में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर गए।

प्रतियोगिता का परिणाम

डोरोशचुक बने विजेता : इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने कई दिग्गजों की मौजूदगी वाली प्रतियोगिता में 2.26 मीटर की कूद लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया। यूक्रेन के विश्व इंडोर चैंपियन ओलेह डोरोशचुक ने 2.32 मीटर की कूद लगाकर खिताब जीता, जबकि ग्रेट ब्रिटेन के जैक किमानी 2.30 मीटर की कूद के साथ दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि कुशारे अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके। उन्होंने पिछले महीने भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में 2.31 मीटर का रिकॉर्ड बनाया था।

स्टार खिलाड़ियों को पछाड़ना

पूर्व ओलंपिक चैंपियन को पछाड़ा : कुशारे ने तीसरे स्थान पर रहकर तीन बार के विश्व चैंपियन और 2020 टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता कतर के मुताज एस्सा बरशिम और अमेरिका के 2023 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता जुवॉन हैरिसन जैसे स्टार खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। बरशिम 2.20 मीटर के प्रयास के साथ संयुक्त आठवें स्थान पर रहे। किमानी तीन प्रयासों में भी 2.32 मीटर की कूद नहीं लगा सके, जबकि डोरोशचुक ने इसे अपने पहले ही प्रयास में हासिल कर दिखाया।

राष्ट्र्रीय रिकॉर्ड की कहानी

कुशारे ने कुछ दिन पहले ही 27 जून को 2.31 मीटर की कूद लगाकर तेजस्विन शंकर का 2.29 मीटर का आठ साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। वह 2.30 मीटर की कूद लगाने वाले पहले भारतीय ‘हाई जम्पर’ हैं। वह 2025 में टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में 2.18 मीटर की कूद लगाकर छठे स्थान पर रहे थे। इस दौरान विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की ऊंची कूद के फाइनल में पहुंचे पहले भारतीय बने।

कुशारे की उपलब्धियों का विवरण

शीर्ष तीन में चौथे भारतीय बने

कुशारे इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले विशिष्ट खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं। कुशारे भाला फेंक के सुपरस्टार नीरज चोपड़ा (2022 से 13 बार), लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर (2023 में एक बार) और चक्का फेंक के पूर्व एथलीट विकास गौड़ा (2015 में दो बार) के बाद डायमंड लीग प्रतियोगिता में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं। कुशारे अभी विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त चौथे स्थान पर हैं। एशियाई खिलाड़ियों में वह पहले स्थान पर हैं।

प्रशिक्षण की प्रक्रिया

मक्के के छिलके, कपास के ‘लैंडिंग पिट’ पर लगाते थे कूद

महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवरगांव गांव में प्याज की खेती करने वाले किसान के बेटे कुशारे अपने पिता और बचपन के कोच द्वारा तैयार किए गए मक्के के छिलके, कपास आदि से बने अस्थायी ‘लैंडिंग पिट’ का उपयोग करके ऊंची कूद का अभ्यास किया करते थे। 2014 में 20 वर्ष की उम्र में पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्वर्ण पदक 2018 में इंडियन ओपन में जीता था। फिर उन्होंने मुड़कर नहीं देखा। वह अगले साल फिर चैंपियन बने। 2022 में गुजरात राष्ट्रीय खेलों में 2.27 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक जीता था।

पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वेश कुशारे ने किस प्रतियोगिता में भाग लिया?

सर्वेश कुशारे ने मोनाको में डायमंड लीग में भाग लिया।

कुशारे ने कौन सा राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा?+

उन्हें किस प्रतियोगिता में तीसरा स्थान मिला?+



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