अली ख़ामेनेई : मौत के 132 दिन बाद क्यों दफ़नाया गया शव, देरी पर उठ रहे कैसे सवाल


 आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का शव उनके निधन के चार महीने का बाद दफ़नाया गया है

इमेज स्रोत, ATTA KENARE / AFP) (Photo by ATTA KENARE/AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का शव उनके निधन के चार महीने का बाद दफ़नाया गया है

    • Author, मसूद आज़र
    • पदनाम, बीबीसी फ़ारसी
  • प्रकाशित

  • पढ़ने का समय: 8 मिनट

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के शव को गुरुवार को मशहद में हरम इमाम रज़ा में दफ़ना दिया गया. इसके साथ ही सात दिनों तक चली उनकी और उनके परिवार की अंतिम रस्में पूरी हो गईं, जिनकी शुरुआत तीन जुलाई को तेहरान से हुई थीं.

अली ख़ामेनेई 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर किए गए हवाई हमलों के शुरुआती घंटों में उस समय मारे गए थे, जब उनके घर और दफ्तर वाले परिसर को निशाना बनाया गया था.

अली ख़ामेनेई की मौत के 125 दिन बाद, यानी तीन जुलाई की सुबह, पहली बार उनका और उनके साथ मारे गए उनके परिवार के लोगों के ताबूत तेहरान के ‘इमाम ख़ुमैनी मुसल्ला’ में लोगों के सामने लाए गए.

इन 125 दिनों के दौरान पूर्व सर्वोच्च नेता का शव कहां और कैसे सुरक्षित रखा गया, इस बारे में ईरानी अधिकारियों ने अब तक कोई ख़ास जानकारी नहीं दी है.

इमाम ख़ुमैनी मुसल्ला में रखे गए पांच ताबूत, जो ईरानी झंडे में लिपटे हुए थे, सामान्य ताबूतों से ऊंचे थे और उन्हें कांच के ख़ास ढांचों में रखा गया था.



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