Punjab Congress Infighting,कंप्रोमाइज लीडर्स नहीं चाहिए…भूपेश बघेल संग बैठे चन्नी, रंधावा के बयान पर पंजाब में छिड़ी नई चर्चा – punjab congress tensions bhupesh baghel meets charanjit singh channi camp mp randhawa said we do not need compromised leaders warring reacted – Chandigarh News


Punjab Congress Rift: पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह को थामने के लिए शनिवार को पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी राज्य के प्रभारी भूपेश बघेल से मिले। 80 मिनट तक चली बैठक में चन्नी समर्थकों ने बघेल के सामने अपनी मांगें रखी। इस बैठक में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग मौजूद नहीं रहे। बैठक के बाद चन्नी कम रंधावा ज्यादा बोले। जानें मीटिंग में क्या हुआ?

हाइलाइट्स

  • पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह के बीच भूपेश बघेल संग बैठे चन्नी
  • चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने बघेल के सामने रखी अपनी बात
  • सांसद सुखजिंदर सिंह रंघावा बोले-कंप्रोमाइज लीडर नहीं चाहिए
Punjab Congress Crisis
पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मिल पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी।(फोटोनवभारतटाइम्स.कॉम)
चंडीगढ़: पंजाब में कांग्रेस के अंदरूनी कलह को थामने के लिए विधायक राणा गुरजीत सिंह के सेक्टर-चार स्थित आवास पर हुई। इसमें पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक मौजूद रहे। इस मीटिंग में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग शामिल नहीं हुए। मीटिंग के बाद चन्नी खेमे के नेता सुखजिंदर सिंह रंघावा ने कहा है कि हमारी बातचीत सार्थक रही और हमने माना कि कभी-कभी पार्टी को कुछ फैसले बदलने पड़ते हैं। आज मौजूद लीडरशिप के सामने हमारी मांग साफ है। हम पंजाब में कांग्रेस की सरकार चाहते हैं और कानून-व्यवस्था व भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को हल करना चाहते हैं। इसके लिए पार्टी में एकता की जरूरत है, लेकिन हमें ऐसे नेताओं की भी जरूरत है जो बेबाकी और मजबूती से अपनी बात रखें। हमें समझौता करने वाले नेताओं की जरूरत नहीं है। रंधावा के बयान पर पंजाब कांग्रेस चीफ अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का भी बयान आया है।

बघेल को एयरपोर्ट छोड़ने गए वडिंग

रंधावा के बयान को मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। तो वहीं दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने चन्नी खेमे के नेताओं से मुलाकात के बाद कहा कि वह आलाकमान तक मुद्दे पहुंचाएंगे। कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की थी कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे और जालंधर से सांसद चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज बताए जा रहे चन्नी ने अब तक बघेल से मुलाकात नहीं की थी। बघेल सोमवार को पंजाब पहुंचे थे और इसके बाद उन्होंने राज्य के कई नेताओं एवं पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं। चन्नी के करीबी कई नेता भी इन बैठकों से दूर रहे थे। पंजाब में अभी आम आदमी पार्टी की सरकार है। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस पंजाब में जीत के लक्ष्य को लेकर तैयारियां कर रही है।

क्या वडिंग की होगी विदाई?

शनिवार को करीब 80 मिनट चली बैठक के तुरंत बाद बघेल रायपुर लौटने के लिए रवाना हो गए। हवाई अड्डे जाते समय वडिंग भी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के साथ थे और उन्होंने स्वयं कार चलाई। बघेल ने कहा कि उन्होंने नेताओं को आश्वासन दिया है कि यदि कोई उम्मीदवार चुनाव जीतने की स्थिति में होगा, तो उसे निश्चित रूप से टिकट दिया जाएगा। बघेल कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेतृत्व में किसी भी बदलाव की संभावना से पहले ही इनकार कर चुके हैं। तो वहीं दूसरी तरफ भूपेश बघेल के साथ हुई बैठक और रंधावा के बयान को चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने एक्स अकाउंट से साझा किया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि पंजाब के लिए एकजुट होकर पिछले विधानसभा चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस नेताओं ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल जी से मुलाकात की और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं व जनता की सामूहिक राय उनके सामने रखी। रंघावा के बयान के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस चन्नी के आगे झुकेगी और वडिंग को हटाकर चन्नी को कमान सौंपेगी।

मीटिंग में क्या कुछ हुआ?

  • सूत्रों के मुताबिक भूपेश बघेल के साथ चन्नी-रंधावा गुट की बैठक में चन्नी और रंधावा के तल्ख तेवर बरकरार रहे।
  • अब पूरा विवाद आलाकमान के पास भेजा जाएगा। भूपेश बघेल कांग्रेस हाईकमान को अवगत कराएंगे।
  • सूत्रों की मानें तो चन्नी और उनके सभी समर्थक नेताओं ने भूपेश बघेल के सामने एक ही बात रखी कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ना है।
  • बैठक में चन्नी समर्थक नेताओं ने कहा कि वड़िंग के नेतृत्व में पंजाब का चुनाव नहीं जीता जा सकता।
  • साथ ही कुछ नेताओं ने बैठक में चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की भी मांग उठाई।

पंजाब कांग्रेस में कौन है कंप्रोमाइज नेता

सुखजिंदर सिंह रंधावा के बयान पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि अगर उन्होंने मेरा नाम नहीं लिया है, तो कंप्रोमाइज नेता वाले उनके बयान को लेकर मुझ पर उंगली क्यों उठाई जा रही है? मैं सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ 4.5 से 5 साल तक रहा। अगर हममें से कोई भी कंप्रोमाइज नेता होता, तो हम इतने लंबे समय तक साथ नहीं रहते। पार्टी में कोई कंप्रोमाइज नेता नहीं होना चाहिए। हमारे बीच की समस्या बस कुछ दिनों की बात है। पंजाब प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि मैंने पार्टी के कई नेताओं से उनके आवास पर मुलाकात की। हम पार्टी में किसी भी ‘समझौतावादी’ (कंप्रोमाइज) नेता को नहीं चाहते। हमारी पार्टी में हर नेता को अपनी शिकायतें रखने का अधिकार है। हाई कमान के फैसलों में कोई बदलाव नहीं होगा। जो भी अनुशासन की सीमा पार करेगा, पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। सरकार बनने के बाद हाई कमान तय करेगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा।

अचलेंद्र कटियार

लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।

पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।

गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।

विशेषज्ञता:
गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।

पत्रकारिता अनुभव:
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।

मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।

2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।

2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।

विश्वविद्यालय में अध्यापन:
2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।

अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।

शिक्षा / पुरस्कार:
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM University), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।

अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें