भारत को दी थी 500% टैरिफ की धमकी, डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सासंद लिंडसे ग्राहम का निधन, International Hindi News


डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और नीतियों के बड़े प्रशंसक रहे सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। लिंडसे बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ्य थे। वह साउथ कैरोलिना से सीनेटर थे और बीते दिनों कीव के दौरे पर भी गए थे। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और बड़े प्रशंसक माने जाने वाले सांसद लिंडसे ग्राहम का 71 साल की अवस्था में निधन हो गया है। बीते कुछ दिनों से वह बीमार थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। वह साउथ कैरोलीना से सीनेटर थे। एक रिपब्लिकन नेता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ दिन बिमार रहने के बाद उनकी मौत हो गई। उन्होंने लिंडसे के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

कीव के दौरे पर गए थे लिंडसन

डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी रहे लिंडसन कुछ दिन पहले कीव के दौरे पर गए थे। इसके बाद वह सार्वजनिक रूप से ज्यादा दिखाई नहीं दिए। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध, चीन की मध्यस्थता से रुक सकता है। उन्होंने कहा था कि अगर बातचीत में व्लादिमीर पुतिन को सक्रिय रूप से शामिल किया जाए तो युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो सकता है।

भारत को दी थी 500 फीसदी टैरिफ की धमकी

लिंडसे ग्राहम डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने कई बार भारत को 500 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। हालांकि बाद में भारत-अमेरिका ट्रेड डील की तारीफ करने लगे। उन्होंने कहा था, राष्ट्रपति ट्रंप ने शानदार काम किया है। ऐसा लगता है कि यूक्रेन का युद्ध खत्म करने में भी डोनाल्ड ट्रंप का ही संदेश काम आएगा। उन्होंने कहा था कि ट्रंप ने कई देशों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उन्हें अमेरिका के प्रति वफादार रहना चाहिए।

2002 में पहली बार सीनेटर चुने गए थे लिंडसे

लिंडसे ग्राहम 2002 में पहली बार सीनेटर चुने गए थे। इसके बाद 2008, 2014 और 2020 में फिर से सांसद चुने गए। 2019 से 2021 तक वह न्यायपालिका पर सीनेट समिति के अध्यक्ष रहे। राजनीति में आने से पहले वह वकालत करते थे। उससे भी पहले वह एयरफोर्स में सेवा दे चुके हैं।

भारत को लेकर सख्त रुख

लिंडसे ग्राहम का रुख भारत को लेकर काफी सख्त रहता था। उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करता है तो अमेरिका अर्थव्यवस्था बर्बाद कर देगा। उन्होंने कहा था कि भारत रूस की मदद कर रहा है और इसकी सजा उसे मिलनी चाहिए। बीते महीने उन्होंने ईरान को लेकर कहा था कि “मुझे यह सुनकर खुशी हुई कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अनुमति देने के लिए ईरान के साथ सहमति बन गयी है। मैं ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अन्य मामलों से जुड़ी आगामी वार्ताओं पर बारीकी से नजर रखूंगा। मैं इस बात को लेकर थोड़ा चिंतित हूं कि इस समझौते पर ईरान का नजरिया अमेरिकी वार्ता दल के दावों से अलग दिख रहा है।”



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