खेत में लहलहाती फसल (ETV Bharat Bharatpur)
भरतपुर: राजस्थान में किसानों के खेत तक पहुंच रहे उर्वरक, बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 2220 कृषि आदानों के नमूने अमानक पाए गए हैं. जबकि भरतपुर संभाग में जांच के बाद 23 उर्वरक और 12 कीटनाशक अमानक पाए गए हैं, जिन पर अब अदालत में कार्रवाई चल रही है. विभाग ने साफ किया है कि ये अमानक उर्वरक और बीज सीधे सीधे किसान की पैदावार और आय को प्रभावित करते हैं.
कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक देशराज सिंह ने बताया कि यदि किसी उर्वरक या कीटनाशक में निर्धारित मात्रा से कम पोषक या सक्रिय तत्व मिलते हैं, तो उसे अमानक माना जाता है. जबकि नकली वही होता है जिसमें आवश्यक तत्व बिल्कुल नहीं हों. उन्होंने कहा कि पूरी तरह नकली कृषि आदानों के मामले बेहद कम हैं, लेकिन अमानक सामग्री किसानों के लिए उतनी ही नुकसानदायक साबित हो सकती है क्योंकि इससे उत्पादन सीधे प्रभावित होता है.
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जनवरी तक ही सबसे ज्यादा नमूने: विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2023-24 में 666, वर्ष 2024-25 में 683, जबकि 2025-26 में जनवरी तक ही 871 नमूने अमानक पाए गए हैं. यानी पूरा वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही जांच का आंकड़ा पिछले दोनों वर्षों को पार कर गया. सबसे ज्यादा वृद्धि उर्वरकों के नमूनों में दर्ज हुई है.
अमानक निकले तो कोर्ट तक पहुंचा मामला: देशराज सिंह ने बताया कि बीते एक साल में भरतपुर संभाग में जांच के बाद 23 उर्वरकों के नमूने अमानक पाए गए हैं. इन मामलों में संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ इस्तगासे दायर किए जा रहे हैं. वहीं 12 कीटनाशक मिसब्रांड पाए गए हैं, जिन पर भी कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है.
किसान की जेब और फसल दोनों पर चोट: देशराज सिंह ने बताया कि घटिया गुणवत्ता वाला उर्वरक फसल को पर्याप्त पोषण नहीं देता, जिससे बढ़वार रुक जाती है और उत्पादन घट जाता है. यदि कीटनाशक प्रभावी नहीं होगा तो कीट और रोग फसल को नुकसान पहुंचाएंगे. खराब गुणवत्ता वाले बीज अंकुरण और पैदावार दोनों पर असर डालते हैं. लगातार ऐसे उर्वरकों के इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है.
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हर साल हजारों निरीक्षण, सैकड़ों पर कार्रवाई: उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भरतपुर संभाग में गुणवत्ता नियंत्रण अभियान के दौरान 2412 निरीक्षण किए गए. कार्रवाई के तहत 391 विक्रेताओं को नोटिस, 112 की बिक्री पर रोक, 27 मामलों में कृषि आदानों की जब्ती, 95 लाइसेंस निलंबित, 14 लाइसेंस निरस्त किए गए. इसके अलावा 188 इस्तगासे अदालत में दायर हुए और 14 एफआईआर भी दर्ज कराई गईं.
अधिकृत दुकानों से ही खरीदें: देशराज सिंह ने कहा कि उर्वरक, बीज और कीटनाशकों की आपूर्ति केवल अधिकृत कंपनियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं के माध्यम से होती है. यदि किसी किसान को गुणवत्ता पर संदेह हो तो वह स्वयं निर्णय लेने के बजाय कृषि विभाग को सूचना दे. विभाग मौके से नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच कराएगा और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करेगा.
तीन साल के अमानक आंकड़े:
| वर्ष | उर्वरक | बीज | कीटनाशक | कुल |
| 2023-24 | 389 | 190 | 87 | 666 |
| 2024-25 | 392 | 190 | 101 | 683 |
| 2025-26 (जनवरी तक) | 556 | 187 | 128 | 871 |
| 1337 | 567 | 316 |