मुरादाबाद में सरकारी भूमि के फर्जी पट्टों का बड़ा खेल, 46 गांवों में नदी-रेत की जमीन पर कब्जा


अनुज मिश्र, मुरादाबाद। संभल, अमरोहा के बाद मुरादाबाद के कल्याणपुर एतमाली गांव में फर्जी तरीके से सरकारी भूमि के किये गए पट्टों के प्रकरण में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। नदियों के किनारे बसे गांवों में पट्टों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की जिस बात की आशंका जताई जा रही थी।

उस पर करीब-करीब मुहर लग गई है। जिले में 46 गांव ऐसे सामने आए हैं जहां पर भी नदी, रेत और सार्वजनिक उपयोग की भूमि (श्रेणी-6) के पट्टे कर दिये गए। जिसमें ठाकुरद्वारा तहसील के सर्वाधिक 22 गांव और दूसरे नंबर पर सदर तहसील के 20 गांव शामिल हैं।

कांठ और बिलारी तहसील के दो-दो गांव हैं। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान जिस तरह कल्याणपुर एतमाली गांव में फर्जीवाड़े का खेल खुला। उसी तरह इन सभी 46 गांवों में चल रही चकबंदी प्रक्रिया की शुरुआती जांच में फर्जीवाड़े का राजफाश हुआ है।

ठाकुरद्वारा तहसील के सर्वाधिक 22 गांव, दूसरे नंबर पर सदर तहसील के 20 गांव शामिल

संभल के गुन्नौर में 152 बीघा जमीन पर 162 फर्जी पट्टे रद किये जा चुके हैं। अमरोहा में कुल 500 पट्टे अवैध मिल चुके हैं जिनका कुल रकबा 2,880 बीघा था। अब तक 400 पट्टे निरस्त हो चुके हैं। जिसका रकबा 2000 बीघा है। संभल और अमरोहा में कार्रवाई चल रही रही थी कि इस बीच मुरादाबाद में रामपुर रोड पर डियर पार्क के पास स्थित कल्याणपुर एतमाली गांव में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

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93.5043 हेक्टेयर भूमि पर 101 ऐसे पट्टाधारक मिले जिनके पट्टे कागजों में ही चल रहे थे

चकबंदी प्रक्रिया के दौरान पूर्व बन्दोबस्त 1365 फसली व खतौनी 1359 फसली के अभिलेखों की जांच हुई तब पता चला कि बेशकीमती 129.4143 हेक्टेयर की भूमि पर कृषि कार्य के लिए दो सौ लोगों को पट्टे कर दिये गए, जो नियमत: संभव ही नहीं है। इसमें 93.5043 हेक्टेयर भूमि पर 101 ऐसे पट्टाधारक मिले जिनके पट्टे कागजों में ही चल रहे थे।

सभी 46 गांवों में चल रही चकबंदी प्रक्रिया की शुरुआती जांच में आई चौंकाने वाली तस्वीर

चकबंदी कोर्ट से जब सभी 101 को नोटिस दिये गए तो कोई पेश ही नहीं हुआ। जिसके बाद सभी 101 पट्टे निरस्त कर दिये गए। शेष 35.9100 हेक्टेयर भूमि पर आवंटियों ने डीएम कोर्ट में अपील की जिसकी सुनवाई चल रही है। चकबंदी से फर्जीवाड़े की कलई कल्याणपुर एतमाली गांव तक ही सीमित नहीं रही। पता चला कि इस गांव के साथ जिले में 46 गांवों में और चकबंदी प्रक्रिया चल रही है जिसमें चकबंदी अधिकारियों को शुरुआती जांच में ही इन गांवों में भी श्रेणी-6 की भूमि के फर्जी तरीके से पट्टे किये जाने के साक्ष्य मिले हैं।

टीम कांठ के हसनपुर गढ़ी गांव में 38 हेक्टेयर भूमि चिह्नित भी कर चुकी है। पीपलसाना ऐहतमाली, देवापुर ऐहतमाली, रूस्तमपुर बढ़मार मुस्तहकम, कोहनकु में भी भूमि चिह्नांकन का काम अंतिम चरणों में हैं।

इन 46 गांवों में चल रही है चकबंदी प्रक्रिया

जिन 46 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है उन गांवों में कांकरखेड़ा, ईलर ऐतमाली, काजीपुरा, मुंडिया गन्नू, सैंजनी, रहटामाफी, लोधीपुर, रनियाठेर, चटकाली, खरगपुर, घोंडा, गक्खरपुर, फाजलपुर, वीरपुर वरियार उर्फ खरग, रामपुर घाेघर, चतरपुर नकटखेड़ा, सिकंदरपुर पट्टी, सैफपुर पल्ला, पदिया, नंगला, जगरमपुरा, घोंडा मुस्तहकम जैसे गांव शामिल हैं।

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कांठ के गांव मुस्तफापुर प्रकरण में डीएम बैठा चुके हैं जांच

कल्याणपुर एतमाली गांव में फर्जीवाड़े पर प्रशासन ने सख्ती की तो शिकायत भी सामने आने लगीं। बीते दिन कांठ के गांव मुस्तफापुर में 729 बीघा रेतीली जमीन के फर्जी तरीके से पट्टे किये जाने की शिकायत डीएम तक पहुंची। शिकायतकर्ता ने 2012 में प्रधान, लेखपाल व चकबंदी विभाग के कर्मियों से मिलीभगत कर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए शिकायत की। जिस पर डीएम ने जांच बैठा दी है।

कल्याणपुर एतमाली गांव में खेल खुलने के बाद डीएम डॉ. राजेन्द्र पैंसिया स्पष्ट कर चुके हैं किजिन मामलों में अनियमितता या नियमों के विपरीत पट्टे दिए जाने की पुष्टि होगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सभी जगह श्रेणी-6 की भूमि की गई खुर्द-बुर्द

श्रेणी-6 जलमग्न या सार्वजनिक उपयोग की अहस्तांतरणीय भूमि होती है। इसमें तालाब, झील, नदी, नहर, पोखर और रास्ते आदि शामिल होते हैं। इन जमीनों का क्रय-विक्रय (खरीद-बेचना) पूरी तरह से अवैध होता है। अहस्तांतरणीय होती है मसलन पट्टे तक नहीं किये जा सकते। बावजूद नियम विरुद्ध बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनों को खुर्द-बुर्द किया गया। संभल, अमरोहा और मुरादाबाद तीनों जनपदों में श्रेणी-6 की भूमि के ही अवैध रूप से पट्टे किये जाने की बात सामने आई है।



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