‘प्रशांत किशोर शब्दों का जाल बुनते हैं’, बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज को लेकर गिरिराज सिंह का चौंकाने वाला दावा – union minister giriraj singh flies into a rage over bankipur by-election involving prashant kishor
Bankipur By election: बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर पर हमला किया है। उन्होंने कहा है कि पीके सिर्फ शब्दों का जाल बुनते हैं। उन्होंने कहा कि उनका कच्छा ढीला हो चुका है।
बांकीपुर उपचुनाव और गिरिराज सिंह(फोटो– नवभारतटाइम्स.कॉम)
बेगूसराय: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि बांकीपुर में कोई उम्मीदवार न मिलने के बाद वे खुद चुनावी मैदान में उतरे हैं। इसके साथ ही, गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले विदेशी सम्मानों पर भी प्रतिक्रिया दी।
गिरिराज सिंह का पीके पर हमला
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार को बिहार के बेगूसराय में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि प्रशांत किशोर शब्दों का जाल बुनते हैं। उनकी पार्टी जन सुराज पर आरोप रहा है कि उसने पूरे बिहार में पैसे लेकर टिकट बांटने का काम किया। चुनावों में एक भी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची।”
पैसा लेकर देते हैं पार्टी का टिकट- केंद्रीय मंत्री
गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि बांकीपुर में अब उनकी पार्टी से कोई लड़ने के लिए तैयार नहीं था। वे खुद उतर गए हैं, क्योंकि उन्हें कोई उम्मीदवार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर झूठ की खेती करते हैं, लेकिन झूठ की खेती बार-बार नहीं होती है। वे अपनी विश्वनीयता बनाने के लिए हल्की बातें करते हैं। उनकी पोल खुल चुकी है।
नितिन नवीन पर बोले केंद्रीय मंत्री
नितिन नवीन का जिक्र करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने जिसे विधायक बनाया, उसे भाजपा ने सम्मानित करते संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। पीएम मोदी की विदेश यात्राओं ने उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो सिर्फ ऑस्ट्रेलिया-इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि अब तक 35 देशों ने अपना सर्वोच्च समान उन्हें दिया है।
ये सौभाग्य की पीएम को सम्मान मिले- केंद्रीय मंत्री
यह सौभाग्य है कि एनडीए के प्रधानमंत्री को ये सम्मान मिले। आज तक यूपीए सरकार के किसी प्रधानमंत्री को यह सम्मान नहीं मिला। पीएम मोदी ने इस सम्मान को राष्ट्र की जनता के नाम समर्पित किया है।”
वहीं, गिरिराज सिंह ने रविवार को मटिहानी के सिंहमा निवासी देवेंद्र प्रसाद सिंह की श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित होकर उन्हें विनम्र श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करें।
लेखक के बारे मेंआशुतोष कुमार पांडेयआशुतोष कुमार पांडेय, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। वे सितंबर- 2022 में टाइम्स ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। फिलवक्त आशुतोष NBT बिहार- झारखंड डिजिटल में डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इवनिंग शिफ्ट इंचार्ज भी हैं। क्षेत्रीय खबरों की प्लानिंग, सटीक संपादन, खबरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के अलावा फील्ड के साथियों से समन्वय स्थापित करने का काम करते हैं। आशुतोष राजनीति, क्राइम, ऑफ बीट स्टोरी, मानवीय संवेदना से जुड़ी खबरों और रेट्रो स्टोरी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 22 वर्षों के अपने पत्रकारीय करियर में 14वीं लोकसभा 2014 से लेकर 17वीं लोकसभा 2019, 13वीं बिहार विधानसभा 2005 से लेकर 18वीं बिहार विधानसभा चुनाव 2025 तक को डेस्क के साथ ग्राउंड पर जाकर कवर किया। इन 22 वर्षों के कार्यकाल में आशुतोष ने कई सियासी अनसुनी कहानियों को कुरेदा। सियासी किस्सों को चुटीले अंदाज में पेश किया। डिजिटल में ‘अतीत के पन्नों से’ एक सीरीज चलाई। कर्पूरी ठाकुर, लालू प्रसाद यादव, जयप्रकाश नारायण सहित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों की अनसुनी कहानी लिखी। रेड लाइट एरिया पर विशेष रिपोर्ट का प्रकाशन।
आशुतोष ने इन 22 वर्षों में 12 वर्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग को दिए। उनकी भारत- नेपाल सीमा पर ट्रेन से होने वाली तस्करी की एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग को ईटीवी ग्रुप के चेयरमैन रामोजी राव ने सराहा और प्रशस्ति पत्र से नवाजा। आशुतोष ने प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया के तीनो फॉर्म में काम किया है। नेटवर्क 18 में बुलेटिन प्रोड्यूसर के तौर पर कार्य करते हुए आधे- आधे घंटे के कई चर्चित कार्यक्रम बनाए। जिसमें ‘चलो चलें अमरनाथ’ आज भी लोग पसंद करते हैं। आशुतोष ने लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों का एकांतिक प्रोफाइल इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए बनाया। जिसे नेटवर्क में काफी सराहा गया। आशुतोष खबरों के पीछे की कहानी को पकड़ने में माहिर हैं। उन्होंने छोटी से छोटी खबर को उसे न्यूज वैल्यू तक पहुंचाया। वे भारतीय राजनीति के मझे हुए खिलाड़ियों की कहानियों को किताबों से खोजकर निकालने के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर सहित कई नेताओं की जीवनी से अनसुनी कहानी खोजी और उसे रेट्रो स्टोरी का रूप दिया।
अनुभव-
डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय। 2001 में इंडियन एक्सप्रेस समूह के हिंदी दैनिक जनसत्ता के कोलकाता संस्करण में असाइमेंट बेस्ड फीचर राइटर से शुरुआत। बाद के दिनों में हिंदुस्तान, दैनिक जागरण और आदर्शन समाचार पत्रिका में स्वतंत्र लेखन। 2003 में ईटीवी नेटवर्क में संवाददाता के तौर पर योगदान। 2009 में मौर्य टीवी में कार्य। उसके बाद हिंद्स्तान दैनिक मुजफ्फरपुर संस्करण में लोकल पेज इंचार्ज, फोकस टीवी, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नई दिल्ली और प्रभात खबर डिजिटल, नेटवर्क 18 में काम करने का सौभाग्य मिल चुका है। बांग्ला थियेटर ‘अल्काप’ के आठ प्रोडक्शन में कार्य करने का अनुभव।
अवार्ड और पुरस्कार
2005 से 2009 के बीच 12 बेस्ट स्टोरी ऑफ द डे का पुरस्कार
मौर्य टीवी पटना में ऑफ बीट स्टोरी इंचार्ज के तौर पर सम्मान
LIB बिहार चैप्टर की ओर से प्रेरणास्रोत सम्मान
2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की ओर से ‘स्टोरी ऑफ द मंथ’ का पुरस्कार
साक्षात्कार-
आशुतोष ने अपने पत्रकारिता करियर में अब तक प्रमोद महाजन, अमर सिंह, जया प्रदा, राजनाथ सिंह, लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, मालिनी अवस्थी, कुनिका सदानंद, रवि किशन, मनोज तिवारी मृदुल और भरत शर्मा के अलावा गीतकार गुलजार, अभिनेता पीयूष मिश्रा, सौरभ शुक्ला, सतीश कौशिक सहित वरिष्ठ पत्रकार और पेड न्यूज के खिलाफ अभियान चलाने वाले पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर प्रभाष जोशी का इंटरव्यू कर चुके हैं।… और पढ़ें