राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी, सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर तथा उत्तर प्रदेश की अन्य राज्य स्तरीय भर्तियों में डोमिसाइल (स्थायी निवास) व्यवस्था लागू करने की मांग प्रतियोगियों ने की है। इसके लिए सोमवार को प्रतियोगियों ने महापंचायत की।
कहा- यूपी के अभ्यर्थियों को होता है नुकसान
महापंचायत में प्रतियोगियों ने बताया कि कई राज्यों में यह व्यवस्था लागू होने से वहां की भर्तियों में उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों को नुकसान होता है। इस कारण उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू किया जाए, जिससे प्रदेश के युवाओं को अधिक लाभ मिल सके।
डोमिसाइल व्यवस्था लागू नहीं होने के बताए नुकसान
छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा सहित अन्य प्रतियोगियों ने कहा कि प्रदेश की नई शिक्षक भर्तियों के साथ ही पुलिस, लेखपाल, लोक सेवा आयोग और अन्य राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं में डोमिसाइल व्यवस्था लागू नहीं होने से प्रदेश के अभ्यर्थियों को सीमित अवसर मिलते हैं।
सरकार से युवा हित में निर्णय लेने की मांग की
प्रतियोगियों के अनुसार बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में स्थानीय अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्तरों पर यह व्यवस्था लागू है। प्रतियोगियों ने सरकार, शासन और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से स्थानीय युवाओं के हित में आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है। विशाल सिंह, संदीप कुमार, रितेश गुप्ता, दिनेश, वैभव शुक्ला, अभिषेक त्रिपाठी प्रतियोगी सम्मिलित हुए।