MP में एथेनॉल की आड़ में चावल का खेल! छह माह पहले ही पकड़ में आ गई थी हेराफेरी, फिर भी छोड़ दिए गए थे ट्रक


डिजिटल डेस्क, बालाघाट। एथेनॉल उत्पादन के नाम पर फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी छह जनवरी को ही पकड़ में आ गई थी। खैरलांजी पुलिस ने रात में शासकीय चावल से भरे चार में से तीन ट्रक जब्त किए थे। तीनों ट्रकों में कुल 720 क्विंटल चावल था। इस फोर्टिफाइड चावल को एथेनॉल उत्पादन के लिए ग्राम नैतरा स्थित एफसीआई के गोदाम से छिंदवाड़ा के बोरगांव स्थित एवीजे एग्रीको प्रा. लि. नामक एथेनॉल प्लांट को भेजा जा रहा था, लेकिन यह चावल छिंदवाड़ा न जाकर गोंदिया (महाराष्ट्र) की ओर जा रहा था।

वारासिवनी एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने इन ट्रकों को बालाघाट के ग्राम खैरी में मप्र-महाराष्ट्र सीमा पर पकड़ा था। जब्ती के बाद ट्रकों को खैरलांजी थाना में खड़ा कराया गया, लेकिन अगली सुबह उन्हें बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

जांच में सामने आया कि एक ट्रक ही बोरगांव की दिशा में गया था। यानी छह माह पहले भी चावल की हेराफेरी का वैसा ही पैटर्न था, जैसा तीन जून को सामने आए बहुचर्चित मामले में अपनाया गया था।

रास्ते में बदलते थे ट्रक के ड्राइवर

पूछताछ में एक ट्रक चालक ने बताया था कि उसे ट्रक महाराष्ट्र के अर्जुनी तक ले जाना था, जहां से कोई दूसरा चालक ट्रक आगे ले जाता। तब भी सवाल उठे थे कि जब चावल बोरगांव एथेनॉल प्लांट के लिए जाने थे, तो उन्हें महाराष्ट्र के रास्ते पर क्यों भेजा गया। अगर चालक को सही रास्ता नहीं पता था, तो जानकार चालक को साथ क्यों नहीं भेजा गया। इससे साफ है कि बालाघाट में एथेनॉल के नाम पर पहले से चावल की हेराफेरी की जा रही थी।

जनवरी का प्रकरण रूट से जुड़ा था। ये प्लांट प्रबंधन का निर्णय है कि वह किस रूट से ट्रकों को अपने गंतव्य तक पहुंचाते हैं। उस प्रकरण में शासन को कोई आर्थिक क्षति नहीं हुई थी, इसलिए ट्रकों को छोड़ा गया था। तीन जून को नवेगांव गोदाम से छिंदवाड़ा के लिए निकले एक ट्रक को संचेती राइस मिल परिसर में पकड़ा गया था, लेकिन खैरी वाले मामले में यह सिद्ध नहीं हुआ था कि चावल राइस मिल में खपाए जाने वाले थे या नहीं।
-कार्तिकेय जायसवाल, एसडीएम, वारासिवनी।



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