दस्त ने डेढ़ घंटे तक रोकी वंदे भारत एक्सप्रेस, गोरखपुर में भर्ती कराया गया लोको पायलट


जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पाटलिपुत्र जा रही 26502 नंबर की सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत के लोको पायलट हेमंत कुमार को ट्रेन के छूटते ही दस्त की शिकायत होने लगी। ट्रेन गोरखपुर कैंट से आगे बढ़ी तो दस्त शुरू हो गया और उनकी तबीयत खराब होने लगी। एक तो दस्त, ऊपर से इंजन के केबिन की गर्मी परेशान कर रही थी। अभी तक केबिन पूरी तरह ठंडा नहीं हो पायी थी।

गर्मी में थोड़ी घबराहट जरूर हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और ट्रेन चलाते रहे। कंट्रोल रूम को दी गई सहायक लोको पायलट की सूचना पर रेलवे प्रशासन ने पिपराइच में लोको पायलट को उतार लिया।

प्राथमिक उपचार के बाद लोको पायलट को सड़क मार्ग से गोरखपुर स्थित ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल (एलएनएम) में भर्ती कराया गया। उनका इलाज चल रहा है। वे अब पूरी तरह फिट हैं। हालांकि, उनकी तबीयत खराब होने से कप्तानगंज पहुंचने में ही ट्रेन लगभग डेढ़ घंटे लेट हो गई। यात्री ही नहीं रेलवे प्रशासन भी परेशान रहा।

रेलवे अस्पताल में भर्ती पूर्व मध्य रेलवे के नरकटियागंज में 2009 से तैनात लोको पायलट ने बताया कि वे अब पूरी तरह से फिट हैं। रेलवे अस्पताल ने उनकी पूरी जांच करायी है, लेकिन कहीं कोई कमी नहीं निकली है।

अधिकारी लगातार उनका हालचाल ले रहे हैं। वे नरकटियागंज से गोरखपुर के बीच मुख्य लोको पायलट के रूप में वंदे भारत ट्रेन लेकर चलते हैं। रविवार को जब वह रनिंग रूम से निकले तो उनका पेट भारी लग रहा था।

हालांकि, यह कोई नई बात नहीं थी। वह रात में रोटी और आलू-गोभी की सब्जी खाए थे। ट्रेन जब लेकर आगे बढ़े तो दस्त हुई। सोचा, ठीक हो जाएगी, लेकिन उनौला से आगे बढ़ने पर फिर दस्त शुरू हो गया। सहायक लोको पायलट ने उनकी मदद की और हमलोग ट्रेन लेकर चलते रहे।

रेलवे प्रशासन को सूचना मिली तो पिपराइच में ट्रेन रोकर उनका उपचार कराया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि लोको पायलट की गोरखपुर रेलवे अस्पताल में पूरी जांच करायी गई है। सभी टेस्ट नार्मल आए हैं। उन्हें गैस की शिकायत हो गई थी, जिसके चलते उन्हें परेशानी हुई।



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