
राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार को भारत-पाक सीमा पर 50 किलोमीटर दायरे में स्थित कई मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह हर मामले की जांच के लिए समिति का गठन करे।

जोधपुर, एजेंसी। राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार को भारत-पाक सीमा पर 50 किलोमीटर दायरे में मौजूद कई मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर रोक से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह कानून के अनुसार किसी कार्रवाई की सिफारिश से पहले हर मामले की जांच के लिए समिति का गठन करे। जस्टिस समीर जैन की अदालत में उन याचिकाओं को खारिज कर दिया गया, जिनमें पीर मोहम्मद शाह जिलानी दरगाह समिति की अगुवाई में जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में स्थित मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को जारी नोटिस पर सवाल उठाए गए थे।
नोटिस में आरोप है कि इन भवनों का निर्माण सरकारी या कृषि भूमि पर कथित रूप से कब्जा कर किया गया है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि ये नोटिस केंद्र सरकार की जून की उस घोषणा के बाद जारी किए गए थे, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में भारत-पाक सीमा के 50 किलोमीटर दायरे में मौजूद अनधिकृत ढांचों को हटा दिया जाएगा।अदालत में सरकार की ओर से खुफिया जानकारी का हवाला दिया गया। इसमें कहा गया कि इनमें से कुछ संस्थान राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से चिंता का विषय हो सकते हैं। अदालत ने कार्रवाई पर रोक से इनकार करते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, ‘यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और नियमों के पालन से जुड़ा है, न कि धार्मिक भेदभाव से।’