महेंद्र सिंह धोनी के 5 जोखिम भरे फैसले, जो क्रिकेट के नियमों से थे परे, मैच के टर्निंग पॉइंट साबित हुए


नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में महेंद्र सिंह धोनी एक ऐसे कप्तान रहे हैं, जिनके फैसलों ने कई बार विशेषज्ञों को हैरान किया. जब सब सोचते थे कि धोनी अब क्या करेंगे, तब वह अपने शांत दिमाग से एक ऐसा पत्ता चलते थे जो सीधे जीत की कहानी लिख देता था. क्रिकेट के मैदान पर धोनी की ‘गुट फीलिंग’ और उनके फैसलों को अक्सर ‘जुआ’ कहा जाता था, लेकिन वक्त ने साबित किया कि वे सभी फैसले सोचे-समझे मास्टरस्ट्रोक थे. आइए जानते हैं एमएस धोनी के उन 5 जादुई और जोखिम भरे फैसलों के बारे में, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट का इतिहास हमेशा के लिए बदल दिया.

धोनी के वो 5 फैसले जो मैच के टर्निंग पॉइंट साबित हुए.

साल 2007 का पहला टी20 वर्ल्ड कप फाइनल भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के बीच खेला गया. आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे और क्रीज पर सेट बल्लेबाज मिस्बाह-उल-हक मौजूद थे. महेंद्र सिंही धोनी (MS Dhoni) के पास अनुभवी हरभजन सिंह का एक ओवर बचा था, लेकिन उन्होंने गेंद थमाई एक बेहद अनुभवहीन गेंदबाज जोगिंदर शर्मा को. हरभजन सिंह के ओवर में मिस्बाह आसानी से बड़े शॉट खेल सकते थे क्योंकि उस मैच में स्पिनर्स पर रन बन रहे थे. धोनी ने जोगिंदर की धीमी गति और लाइन-लेंथ पर भरोसा किया. जोगिंदर की गेंद पर मिस्बाह ने स्कूप शॉट खेला, श्रीसंत ने कैच पकड़ा और भारत पहला टी20 वर्ल्ड चैंपियन बन गया.

धोनी के वो 5 फैसले जो मैच के टर्निंग पॉइंट साबित हुए.

Vaibhav Sooryavanshi Net Worth: कितना कमाते हैं वैभव सूर्यवंशी, जानिए कितनी संपत्ति का मालिक है सबसे कम उम्र का करोड़पति क्रिकेटर

5 खिलाड़ी, जो चेन्नई सुपरकिंग्स में स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेने को हैं तैयार, बन सकते हैं सीएसके के नए कोच

रोहित शर्मा से वनडे में ओपनिंग कराना
2013 से पहले रोहित शर्मा (Rohit Sharma) भारतीय टीम के मध्यक्रम में खेलते थे. वे बेहद प्रतिभाशाली थे, लेकिन निरंतरता की कमी के कारण टीम से अंदर-बाहर होते रहते थे.धोनी ने रोहित की तकनीक और काबिलियत को पहचाना और साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी में उन्हें सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारने का बड़ा फैसला किया. मध्यक्रम का एक संघर्षरत बल्लेबाज दुनिया का सबसे खतरनाक ओपनर बन गया. रोहित शर्मा ने वनडे इतिहास में तीन दोहरे शतक जड़े और आज वे दुनिया के सबसे सफल ओपनर्स में गिने जाते हैं. धोनी का यह फैसला भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

चैंपियंस ट्रॉफी 2013 फाइनल में इशांत शर्मा से 18वां ओवर कराना
इंग्लैंड में खेली गई 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल बारिश के कारण 20-20 ओवर का कर दिया गया था. भारत ने केवल 129 रन बनाए थे। इंग्लैंड जीत की ओर बढ़ रहा था. इयोन मोर्गन और रवि बोपारा क्रीज पर थे. इशांत शर्मा अपने पिछले ओवर्स में काफी महंगे साबित हुए थे, लेकिन धोनी ने मैच के सबसे नाजुक मोड़ (18वें ओवर) पर गेंद फिर से इशांत को सौंप दी. इशांत ने पहली कुछ गेंदों पर रन दिए, लेकिन फिर लगातार दो गेंदों पर मोर्गन और बोपारा को आउट कर मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया. भारत ने वह मैच 5 रन से जीता और धोनी आईसीसी की तीनों सफेद गेंद वाली ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान बन गए.

विज्ञापन

टी20 वर्ल्ड कप 2007 में बॉल-आउट में स्पिनर्स पर दांव लगाना
2007 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में भारत और पाकिस्तान का मैच टाई हो गया था. उस समय सुपर ओवर नहीं बल्कि ‘बॉल-आउट’ (फुटबॉल की पेनल्टी शूटआउट की तरह विकेट पर गेंद मारना) का नियम था. पाकिस्तान ने अपने मुख्य तेज गेंदबाजों (उमर गुल, यासिर अराफात) को चुना। वहीं धोनी ने वीरेंद्र सहवाग, रॉबिन उथप्पा और हरभजन सिंह जैसे स्पिनर्स और पार्ट-टाइमर्स पर दांव लगाया. धोनी ने केवल गेंदबाज नहीं बदले, बल्कि वे खुद भी स्टंप्स के बिल्कुल पीछे (घुटने टेककर) खड़े हो गए ताकि गेंदबाजों को सीधा निशाना लगाने में आसानी हो. भारत ने अपने पहले तीनों निशाने (3/3) सटीक लगाए, जबकि पाकिस्तान के मुख्य गेंदबाज एक भी विकेट नहीं हिट कर पाए.

2008 कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज में प्रवीण कुमार पर भरोसा
ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ऑस्ट्रेलिया को हराना हमेशा से सबसे मुश्किल काम माना जाता रहा है. 2008 की त्रिकोणीय सीरीज (CB Series) के फाइनल मुकाबलों में धोनी ने नई गेंद के साथ मेरठ के युवा स्विंग गेंदबाज प्रवीण कुमार पर भरोसा जताया. अनुभवी गेंदबाजों के होते हुए प्रवीण को मुख्य हथियार बनाना एक साहसी फैसला था. प्रवीण कुमार ने धोनी के भरोसे को सही साबित किया. उन्होंने अपनी इन-स्विंग और आउट-स्विंग से एडम गिलक्रिस्ट, रिकी पोंटिंग और माइकल क्लार्क जैसे दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक सीबी सीरीज जीती और प्रवीण कुमार इस जीत के हीरो रहे.



Leave a Comment