जहानाबाद जिले में उत्पाद विभाग के अधिकारियों पर चेकिंग के नाम पर मारपीट और अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में विभाग के एक इंस्पेक्टर समेत चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हुलासगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों ने वाहन जांच के दौरान न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें झूठे शराब मामले में फंसाने की धमकी देकर कुल 2.10 लाख रुपये वसूल लिए।
वाहन जांच के दौरान रोककर मारपीट का आरोप
जानकारी के अनुसार, नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मनीचक गांव निवासी अम्पु कुमार ने हुलासगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च 2026 की सुबह वह चुहड़मल चौक के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने वाहन जांच के नाम पर उनकी गाड़ी रोक ली। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, मारपीट की और उनका मोबाइल फोन तथा वाहन की चाबी छीन ली। साथ ही उनके सहयोगी के पास रखे 60 हजार रुपये भी जबरन ले लिए।
जेल भेजने की धमकी देकर वसूले 2.10 लाख रुपये
पीड़ित का आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें शराब के झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। इस कथित मामले से बचाने के नाम पर उनसे कुल 2 लाख 10 हजार रुपये वसूल लिए गए। शिकायत में उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, सब-इंस्पेक्टर रंजीता सिंह, एएसआई संतोष कुमार और नरदीप सिंह को आरोपी बनाया गया है।
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डीएम की जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर
पीड़ित की शिकायत के बाद जहानाबाद के जिलाधिकारी छिरिड वाई भूटिया ने मामले की जांच के लिए एडीएम के नेतृत्व में एक टीम गठित की। जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद चारों अधिकारियों के खिलाफ हुलासगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
इंस्पेक्टर बोले- आरोप पूरी तरह बेबुनियाद
उधर, इस मामले में उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता कथित रूप से शराब तस्करी से जुड़ा है और विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।