बलूच लिबलेशन आर्मी ने बलूचिस्तान के खुजदार शहर में बड़ा हमला किया है। BLA ने एक बयान में कहा कि समूह ने आतंकी संगठन ISIS की एक बैठक को निशाना बनाया। इस बैठक में ISIS कमांडरों के साथ पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी और लश्कर आतंकी भी थे।

पाकिस्तानी ISI के आतंकी गठजोड़ का खुलासा
BLA के प्रवक्ता जीयांद बलोच ने बताया कि इस ऑपरेशन में गाड़ियों में रखे विस्फोटक और आत्मघाती हमलावरों की एक टीम का इस्तेमाल किया गया। इस हमले को ऑपरेशन मुर्ग-ए-गदरान नाम के बड़े अभियान की आधिकारिक शुरुआत बताया है। इस हमले ने पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के नेक्सस की पोल भी खोल दी है, क्योंकि यह हमला कंपाउंड में हो रही एक बैठक के दौरान किया गया, जिसमें आतंकी कमांडरों के साथ पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी भी थे।
बैठक में कौन-कौन था शामिल
मेंगल की निजी डेथ स्क्वॉड के सदस्य
भारत में हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर
इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) आतंकी समूह के कमांडर
अफगानिस्तान के नाराज पूर्व सैनिक
मजीद ब्रिगेड ने दिया हमले को अंजाम
BLA ने कहा कि यह हमला बीएलए की मजीद ब्रिगेड ने किया है। एक फिदायीन ने विस्फोटक से भरी गाड़ी खुजदार कंपाउंड के मुख्य गेट से टकरा दी, जिससे बाहरी सुरक्षा चौकियां तुरंत बेकार हो गईं और लगभग 20 हथियारबंद गार्ड मारे गए। इसके बाद बीएलए के लड़ाकों ने कंपाउंड पर हमला बोल दिया। दावा किया कि बैठक बलूच राजनीतिक आंदोलन को दबाने के लिए योजना बनाने के लिए की जा रही थी। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और इस्लामिक स्टेट और दूसरे आतंकवादी समूहों के साथ नजदीकी को उजागर कर दिया है।
तिलमिलाए मेंगल ने लगाया भारत पर झूठा आरोप
इस हमले में शफीक मेंगल बच गया है। बाद में उसने झूठा आरोप लगाया कि भारत का इस हमले के पीछे भारत का हाथ है। मेंगल ने कहा कि उसके 17 साथी जो उस समय खाना खा रहे थे, एक धमाके में मारे गए। बाद में हमलावरों की कंपाउंड के अंदर मौजूद लोगों के मुठभेड़ हुई। वहीं, BLA ने दावा किया है कि कुल 34 लोग मारे गए, जो मेंगल के प्राइवेट नेटवर्क के सदस्य थे। उन पर बलूच राजनीतिक कार्यकर्ताओ और छात्रों की हत्या, अपहरण, जबरदस्ती गायब करने की घटनाओं में सीधे शामिल होने का आरोप था।
