Pakistan Cricket Board: एनओसी के लिए 24 लाख रुपये, मोहसिन नकवी पर ‘उगाही’ के आरोप, इस T20 लीग से बैन होंगे पाकिस्तानी खिलाड़ी!


नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक बार फिर विवादों में है. इस बार मामला किसी द्विपक्षीय सीरीज या आईसीसी टूर्नामेंट का नहीं, बल्कि अमेरिका में खेली जा रही मेजर लीग क्रिकेट (MLC) का है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीसीबी खिलाड़ियों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने के बदले भारी रकम मांग रहा है. आरोप यह भी है कि यह फीस पहले से तय या सार्वजनिक नहीं होती, बल्कि तब बताई जाती है जब फ्रेंचाइजी के पास खिलाड़ी बदलने का विकल्प लगभग खत्म हो चुका होता है. इसी वजह से MLC की कुछ टीमों ने भविष्य में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन न करने पर विचार शुरू कर दिया है.

मेजर लीग क्रिकेट से बैन हो सकते हैं पाकिस्तानी खिलाड़ी.

क्या है पूरा मामला?
PakPassion की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘MLC की एक फ्रेंचाइजी से जुड़े सूत्र ने दावा किया कि PCB हर पाकिस्तानी खिलाड़ी के लिए 25,000 डॉलर (करीब 24 लाख रुपये) की फीस मांगता है, तभी उसे NOC जारी किया जाता है.’ बता दें कि NOC एक जरूरी दस्तावेज होता है, जिसके बिना कोई भी खिलाड़ी किसी विदेशी फ्रेंचाइजी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के तहत विदेशी लीग खेलने के लिए यह मंजूरी अनिवार्य होती है.

ये भी पढ़ें: टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, शुभमन गिल ने लंगड़ाते हुए छोड़ा मैदान, पहले वनडे में चोटिल कप्तान

ये भी पढ़ें: तू चल मैं आया! रोहित-कोहली से ये उम्मीद नहीं थी, 7 गेंद में सबको मायूस कर गए, एजबेस्टन में रूठा बल्ला

MLC मालिकों ने लगाए गंभीर आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, MLC फ्रेंचाइजी मालिकों का कहना है कि असली समस्या सिर्फ फीस की रकम नहीं है, बल्कि उसका तरीका है. दावा यह भी किया गया है कि खिलाड़ियों की भर्ती के समय PCB इस रकम की जानकारी नहीं देता. जब टीम खिलाड़ी तय कर लेती है और उसके पास विकल्प सीमित रह जाते हैं, तब इस फीस की मांग की जाती है. कुछ फ्रेंचाइजी मालिकों ने इसी वजह से इसे उगाही जैसा व्यवहार बताया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस मुद्दे को PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी के सामने उठाया गया, लेकिन बोर्ड का जवाब था कि इस तरह की फीस मांगना उनका अधिकार है.

इस साल सिर्फ एक पाकिस्तानी खिलाड़ी खेल रहा है
2026 सीजन में हारिस रऊफ इकलौते पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं, जो सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स की ओर से MLC खेल रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी फ्रेंचाइजी ने PCB की मांगी गई फीस स्वीकार कर ली, जिसके बाद उन्हें NOC मिला. हालांकि, अन्य फ्रेंचाइजी इस प्रक्रिया से खुश नहीं हैं और भविष्य में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से बचने पर विचार कर रही हैं.

NOC मिलने के बाद भी नहीं रहती पूरी गारंटी?
रिपोर्ट में एक और बड़ा दावा किया गया कि फीस जमा कराने के बाद भी फ्रेंचाइजी को पूरी सुरक्षा नहीं मिलती. अगर किसी कारण से PCB पहले जारी किया गया NOC वापस ले ले या नई मंजूरी की जरूरत पड़ जाए, तो फ्रेंचाइजी से दोबारा शुल्क मांगा जा सकता है. यही अनिश्चितता MLC टीमों की सबसे बड़ी चिंता बताई जा रही है.

विज्ञापन

PCB की ओर से नहीं आया कोई बयान
फिलहाल यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और फ्रेंचाइजी से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है. PCB ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. ऐसे में पूरे विवाद पर बोर्ड की प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी. हालांकि, अगर फ्रेंचाइजी वास्तव में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से बचने का फैसला करती हैं, तो इसका असर भविष्य में MLC में पाकिस्तान के खिलाड़ियों की मौजूदगी पर पड़ सकता है.



Leave a Comment