‘100 बिलियन डॉलर…’, Vedanta Demerger के बाद अनिल अग्रवाल का बड़ा एलान, 61वीं AGM में पेश किया PPP का मास्टर प्लान


नई दिल्ली| “एक साल पहले आपके पास एक कंपनी थी, आज पांच बड़े मौके हैं… और मेरा लक्ष्य है कि हर कंपनी 100 बिलियन डॉलर की बने।” वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal Vedanta AGM) ने कंपनी की 61वीं वार्षिक आम बैठक (Vedanta AGM 2026) में यह बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वेदांता के ऐतिहासिक डीमर्जर (Vedanta demerger updates) के बाद अब असली विकास की शुरुआत होगी और समूह की हर स्वतंत्र कंपनी अपने दम पर वैश्विक स्तर की दिग्गज बनने की क्षमता रखती है।

अनिल अग्रवाल ने समझाया PPP का रोडमैप

नई दिल्ली में आयोजित AGM के दौरान अनिल अग्रवाल ने ‘वेदांता अनलिमिटेड’ विजन पेश करते हुए बताया कि अब समूह का पूरा फोकस तीन ‘P’ यानी Produce More (अधिक उत्पादन), Partner Better (बेहतर साझेदारी) और Purpose Beyond Profit (लाभ से आगे बढ़कर उद्देश्य) पर रहेगा।

डीमर्जर के बाद शेयरधारकों के लिए बड़ा मौका
अनिल अग्रवाल ने शेयरधारकों से कहा कि,

एक साल पहले आप एक ही एकीकृत कंपनी (Integrated company) के शेयरधारक थे। आज आपके पास पांच अलग-अलग अवसर हैं। दुनिया में बहुत कम कॉरपोरेट बदलाव ऐसे हुए हैं, जिन्होंने शेयरधारकों के लिए इतना बड़ा अवसर बनाया हो। और हमारा मानना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।”

उन्होंने कहा कि डीमर्जर के बाद बनी पांचों कंपनियां- वेदांता लिमिटेड (VEDL), वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (VAML), वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (VOGL), वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL) और वेदांता पावर लिमिटेड (VEDPOWER) हर एक के पास 100 बिलियन डॉलर की कंपनी बनने की क्षमता है।

वित्त वर्ष 2026 में वेदांता ने बनाया रिकॉर्ड

अनिल अग्रवाल ने वित्त वर्ष 2025-26 को कंपनी के इतिहास का सबसे सफल साल बताया। उन्होंने कहा, “इस वर्ष हमने ₹1,74,075 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक राजस्व और ₹25,096 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है।” इसके अलावा कंपनी ने ₹55,976 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक EBITDA हासिल किया। वहीं नेट डेट/EBITDA अनुपात 0.95x रहा, जो पिछले 14 तिमाहियों का सबसे बेहतर स्तर है।

Produce More: गोल्ड-सिल्वर, कॉपर समेत तमाम रेयर अर्थ पर फोकस

अनिल अग्रवाल ने कहा कि अधिक उत्पादन ही वेदांता के अगले विकास चरण की सबसे बड़ी ताकत होगा। कंपनी ने 2031 तक जिंक और लेड का उत्पादन लगभग तीन गुना बढ़ाकर 30 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ चांदी का उत्पादन दोगुना कर 1500 टन, इस दशक के अंत तक तांबे का उत्पादन 10 लाख टन, FY28 तक फेरोक्रोम क्षमता 5 लाख टन और निकेल उत्पादन 60,000 टन तक पहुंचाने की योजना है।

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उन्होंने बताया कि कंपनी लिथियम, कोबाल्ट, सोना, तांबा, निकेल, मैंगनीज, रेयर अर्थ और पोटाश समेत 10 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों में एक्सप्लोरेशन तेज करेगी।

हर कंपनी के लिए अलग विस्तार योजना

अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता एल्युमिनियम अगले तीन वर्षों में अपनी क्षमता बढ़ाकर 60 लाख टन प्रति वर्ष करेगी और दुनिया में सबसे कम लागत पर उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगी। वेदांता ऑयल एंड गैस का लक्ष्य 5 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन तक पहुंचना है। इसके लिए अगले 3 से 5 वर्षों में 5 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।

वेदांता आयरन एंड स्टील अपनी क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष करेगी, जिसमें ग्रीन स्टील और स्पेशलिटी स्टील पर खास जोर रहेगा। वहीं वेदांता पावर ने 20,000 मेगावाट क्षमता तक पहुंचने और भविष्य में न्यूक्लियर पावर सेक्टर में भी उतरने की योजना बनाई है।

Partner Better: तकनीक बनेगी सबसे बड़ी ताकत

दूसरे ‘P’ यानी Partner Better पर बात करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, “भविष्य उन्हीं कंपनियों का है जो तकनीक को अपनाती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया भर के उद्योगों को बदल रहा है। तकनीक हमारी सबसे बड़ी ताकत है। चाहे खोज (एक्सप्लोरेशन) हो, संचालन, स्थिरता, सुरक्षा या उत्पादकता हम अपने हर व्यवसाय में तकनीक का तेजी से उपयोग कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है और अधिक स्मार्ट, तेज़, सुरक्षित और बेहतर बनना।”

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Purpose Beyond Profit: 17 राज्यों तक पहुंची वेदांता की पहल

अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता सिर्फ कारोबार नहीं कर रही, बल्कि देश के विकास में भी बड़ी भूमिका निभा रही है। उनके मुताबिक, सिर्फ FY26 में कंपनी ने भारत सरकार के राजस्व में ₹62,000 करोड़ से ज्यादा का योगदान दिया, जबकि पिछले 10 वर्षों में कुल योगदान करीब ₹5 लाख करोड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि वेदांता की सामाजिक पहल ‘नंद घर’ अब 17 राज्यों में 15,000 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंच चुकी है। उनका दावा है कि यह पहल देश की 10 करोड़ महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

भारत के भविष्य पर बात करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, “संसाधनों की सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा बन गई है। हम सिर्फ संसाधनों के कारोबार में नहीं हैं, बल्कि भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।”

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने शेयरधारकों का आभार जताते हुए कहा, “हमने मिलकर एक मजबूत वेदांता का निर्माण किया है। अब हम मिलकर पांच असाधारण भविष्य का निर्माण करेंगे। ‘वेदांता अनलिमिटेड’ इसी सोच का प्रतीक है। आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”



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