Pok Protests JAAC,PoK में अब तक के सबसे बड़े टकराव का डर, JAAC का 15 जुलाई को लॉन्ग मार्च का ऐलान, क्या करेगी पाकिस्तानी सेना – pok protest and showdown jaac called long march to muzaffarabad on july 15 may confrontation with pakistan army – Pakistan News


पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। पाकिस्तानी सरकार और सेना प्रदर्शनों को कुचलने पर लगी है तो लोग पीछे हटने को तैयार नहीं है।

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पीओके में लोग लगातार सड़कों पर हैं।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीाओके) में बुधवार, 15 जुलाई को बड़े टकराव की आशंका है। बीते एक महीने से पीओके में विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद के लिए ‘लॉन्ग मार्च’ का ऐलान किया है। एक्शन कमेटी को पाकिस्तान सरकार बैन कर चुकी है और बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को रावलकोट और मुजफ्फराबाद में तैनात किया है। ऐसे में लॉन्ग मार्च में हिंसा की आशंका जताई जा रही है। एक्शन कमेटी पीओके विधानसभा में सीटों के आरक्षण, महंगाई और कश्मीरियों पर पाकिस्तानी फोर्स के दमन के खिलाफ सड़कों पर है।

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने पीओके के अलग-अलग हिस्सों से हिरासत में लिए गए प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे नेताओं की रिहाई, पुलिसिया दमन रोकने और अपनी 38-सूत्रीय मांगों को लागू करने की मांग की है। इन्हीं मुद्दों बुधवार को मार्च किया जाएगा। ये मार्च ऐसे समय में हो रहा है, जब हालिया झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है और पीओके के चप्पे-चप्पे पर पाकिस्तानी सुरक्षा बल तैनात हैं।

पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा

पीओके में पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रावलकोट में बड़े पैमाने पर विद्रोह के बीच सरदार अमन खान ने कहा कि पाकिस्तान पीओके को आजाद कश्मीर कहना बंद करे। य कोई विवादित इलाका नहीं है। यह एक ‘ऑक्यूपाइड टेरिटरी’ है, जिस पर पाकिस्तान का गैर-कानूनी कब्जा है।

पीओके का रावलकोट मौजूदा विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बिंदु है। शहर के ईदगाह ग्राउंड में हजारों की संख्या में लोग जुट रहे हैं। यहां से लगातार पाकिस्तानी सेना और सरकार को चुनौती दी जा रही है। पीओके के नेता बार-बार कह रहे हैं कि कश्मीर में अब पाकिस्तानी नेताओं की भारत विरोधी बयानबाजी को नहीं सुना जाएगा।

आंदोलन को कुचलने की कोशिश नाकाम

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मंहगाई और विधानसभा की शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों के मुद्दे पर बीते महीने प्रदर्शन शुरू हुए थे। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना के दमन ने चीजों को बदतर बना दिया है। इससे आंदोलन खत्म होने की बजाय और भड़क रहा है।

पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में आंदोलन बड़ा रूप ले चुका है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेता सीधेतौर पर शहबाज शरीफ और असीम मुनीर को चुनौती दे रहे हैं। इससे घबराई पाकिस्तान सरकार लोगों पर गोलियां चलवा रही है।

रिजवान

लेखक के बारे मेंरिजवानरिजवान नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका 10 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) कवर कर रहे हैं। अमर उजाला के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है। उन्‍होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है।

वैश्विक राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना और उसका भारत पर क्‍या असर पड़ेगा, यह भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को स्‍टोरी और वीडियो के जरिए व‍िश्‍लेषण देना रिजवान की पहली प्राथमिकता रहती है।

पत्रकारिता अनुभव: डिजिटल मीडिया में 10 साल से कार्यरत हैं।

रिजवान ने साल 2015 में नई दिल्‍ली में अमर उजाला डॉट कॉम से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है।… और पढ़ें