मॉनसून सत्र में रणनीति को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मौजूद थे।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) में टूट और डीएमके की नाराजगी के बीच इंडिया गठबंधन ने मॉनसून सत्र के दौरान अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों का गठबंधन एकजुट होकर ज्यादा आक्रामक तरीके से सरकार पर निशाना साधेगा। कांग्रेस के रणनीतिकार मानते हैं कि हालिया घटनाक्रम से गठबंधन की विरोध की धार कमजोर पड़ी है, लेकिन गठबंधन अपनी बची हुई पूरी ताकत के साथ सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगेगा।
मॉनसून सत्र में रणनीति को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में संसद सत्र, विपक्षी एकजुटता और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा देश में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े मामलों में से एक है। यह सिर्फ भ्रष्टाचार का मामला नहीं है, बल्कि हिंदुओं की आस्था पर भी आघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चोरी के लिए संघ और विश्व हिंदू परिषद जिम्मेदार हैं। विपक्ष जोर शोर से इसे उठाएगा।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इंडिया गठबंधन के कई घटक दल डीएमके के संपर्क में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस के टीवीके सरकार में शामिल होने से नाराजगी के बावजूद डीएमके इंडिया गठबंधन के सामूहिक निर्णय के खिलाफ नहीं जाएगा। इसलिए, संसद सत्र के दौरान सरकार को घेरने में ज्यादा मुश्किल नहीं है।
एक समय एक मुद्दे पर फोकस
संसद के मॉनसून सत्र विपक्ष एक साथ सभी मुद्दे नहीं उठाएगा। विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सत्र के दौरान कई अहम मुद्दे है, विपक्षी दल सभी को एक साथ उठाने के बजाए सिलसिलेवार ढंग से मुद्दे उठाएगें। ताकि, सत्र के दौरान सरकार पर लगातार दबाव बना रहे। कई मुद्दों पर सदन में चर्चा की भी मांग होगी।