2020 दिल्ली दंगा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य दोषी ठहराए गए हैं. कोर्ट के फैसले के बाद अंकित शर्मा के भाई ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. इसके साथ ही भाई ने ये भी कहा कि यह हमारे लिए मिश्रित भावनाओं वाला पल है.
वहीं, स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मधुकर पांडे ने सोमवार (13 जुलाई) को कहा कि अंकित शर्मा मामले में आया फ़ैसला किसी भी पक्ष की जीत नहीं है. पांडे ने कहा, ‘‘ऐसे मामलों में सभी को नुकसान होता है. पीड़ित परिवार ने दुख का सामना किया, और अब दोषी ठहराए गए आरोपी का परिवार भी दुख का सामना करेगा. इसमें समाज की हार हुई है और यह फ़ैसला किसी भी पक्ष की जीत नहीं है.”
ताहिर हुसैन की वकील ने क्या कहा?
ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला ने भी यह कहा कि ‘‘अंकित शर्मा या उनके परिवार को और निश्चित रूप से ताहिर हुसैन को भी न्याय नहीं मिला’’उन्होंने कहा, ‘‘ज़ाहिर है कि हम निराश हैं, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि हमने मुकदमा बहुत अच्छी तरह से लड़ा. हमने गवाहों के बयानों को तोड़ा भी, और मुझे नहीं लगता कि आज न्याय हुआ है-न तो अंकित शर्मा या उनके परिवार के साथ, और निश्चित रूप से ताहिर हुसैन के साथ भी नहीं.’’
ताहिर हुसैन निराश है- वकील
उन्होंने कहा, ‘‘बेशक, हम अपील दायर करेंगे.’’ वकील ने कहा कि जिन छह लोगों को बरी किया गया है, उनका मामला बहुत मज़बूत था और निचली अदालत ने भी इसे माना था. हुसैन निराश है. वह जानना चाहता है कि उसके साथ यह अन्याय क्यों हुआ, लेकिन हमारे पास उसके लिए कोई जवाब नहीं है, ठीक वैसे ही जैसे हमारे पास अभी तक जनता के लिए भी कोई जवाब नहीं है, क्योंकि हमने अभी तक फ़ैसला नहीं देखा है.’’
कोर्ट में फैसला सुनकर रो पड़ा ताहिर हुसैन!
एडिशनल सेशन जज प्रवीण सिंह ने जब हुसैन को दोषी ठहराया, तो वह अदालत में रो पड़ा. उसके वकील ने उसे सांत्वना देने की कोशिश की. शर्मा की हत्या के समय वह आम आदमी पार्टी (आप) का पार्षद था, लेकिन मामले में नाम आने के बाद पार्टी ने उसे निलंबित कर दिया था. अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया और छह अन्य को बरी कर दिया.
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