PoK: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आर-पार की लड़ाई शुरू, राजधानी की तरफ बढ़े हजारों प्रदर्शनकारी, आजादी का ऐलान? – pok jaac protest rawalakot to muzaffarabad march starts against pakistan army shehbaz sharif


Pok Protest: प्रदर्शनकारी नेताओं और पाकिस्तानी प्रशासन के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता पूरी तरह से नाकाम हो गई है। इसके बाद प्रदर्शनकारी संगठन के नेताओं ने एलान किया है कि ‘अब बातचीत का समय खत्म हो चुका है अब सिर्फ प्रतिरोध होगा’।

हाइलाइट्स

  • पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जोरदार प्रदर्शन शुरू
  • पीओके की कथित राजधानी की तरह बढ़े प्रदर्शनकारी
  • पाकिस्तान असेंबली से कर सकते हैं आजादी की मांग

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भयानक प्रदर्शन
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आज आर-पार की लड़ाई होने की आशंका बन गई है। प्रदर्शनकारी आज पीओके की कथित राजधानी मुजफ्फराबाद के लिए रैली निकाल रहे हैं और इस दौरान पाकिस्तान असेंबली से आजादी का ऐलान किया जा सकता है। पीओके के रावलकोट में जहां ये प्रदर्शन हो रहा है वहां से जो वीडियो रात में आई हैं उसमें हजारों लोगों को देखा जा रहा है। सैकड़ों बच्चे भी इस प्रदर्शन में शामिल हैं।

मौके से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बढ़ते तनाव के बीच यूनिफॉर्म पहने सैकड़ों स्कूली बच्चे अपने शिक्षकों और माता-पिता के साथ रावलकोट के ईदगाह मैदान में जमा हो गये हैं। वो सफेद झंडे लहरा रहे हैं और कब्जे वाले इलाके में पाकिस्तानी सेना की बेरहम कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तानी अधिकारियों ने रविवार को चेतावनी दे रखी है कि अगर बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

क्या पाकिस्तान असेंबली से आजादी का ऐलान करेगी JAAC?

JAAC ने आज मुजफ्फराबाद कूच करने का ऐलान कर रखा था और इसीलिए रैली में हजारों लोगों को देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारी अलग अलग क्षेत्रों से मुजफ्फराबाद के लिए मार्च शुरू कर चुके हैं। JAAC ने तीन दिन पहले पाकिस्तान सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था और कहा था कि अगर उसकी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो पाकिस्तान असेंबली से आजादी की मांग की जाएगी। पाकिस्तान सरकार ने मांगों को नहीं माना है इसीलिए आज इस बात पर नजर होगी कि क्या JAAC पाकिस्तान असेंबली से आजादी की घोषणा करती है या नहीं?
इस बीच यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया है। इसमें PoK और दुनिया भर में बसे कश्मीरी समुदाय के नेताओं, पत्रकारों और सिविल सोसाइटी के लोगों को संबोधित किया गया। इसका मकसद कब्जे वाले इलाके में पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से मानवाधिकारों के उल्लंघन, जारी घेराबंदी और शांतिपूर्ण नागरिकों पर की जा रही बेरहम कार्रवाई पर चर्चा की गई है।

UKPNP ने पाकिस्तानी अधिकारियों से मांग की है कि वे तत्काल बेरहम बल प्रयोग, मनमाने ढंग से गिरफ्तारी और लोगों को जबरन गायब करने का सिलसिला बंद करें। हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करें और उन्हें कोर्ट के सामने पेश करें। इसके अलावा 5 जून के बाद मारे गए लोगों के शव बिना किसी शर्त के वापस सौंपना सुनिश्चित करें।

पीओके में ‘आर-पार’ की जंग का एलान

प्रदर्शनकारी नेताओं और पाकिस्तानी प्रशासन के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता पूरी तरह से नाकाम हो गई है। इसके बाद प्रदर्शनकारी संगठन के नेताओं ने एलान किया है कि ‘अब बातचीत का समय खत्म हो चुका है अब सिर्फ प्रतिरोध होगा’। आंदोलनकारियों ने सरकार से किसी भी तरह के संवाद को बंद करके मुजफ्फराबाद विधानसभा की ओर बढ़ने का फैसला किया है।

भारी सुरक्षा बल और रेंजर्स की तैनाती

प्रदर्शनकारियों के मार्च को मुजफ्फराबाद पहुंचने से रोकने के लिए पाकिस्तानी हुकूमत ने पूरे क्षेत्र की किलेबंदी कर दी है। 17,500 से ज्यादा अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों और अर्धसैनिक बलों (पाकिस्तानी रेंजर्स) को मुजफ्फराबाद और उसके प्रवेश द्वारों पर तैनात किया गया है। मुजफ्फराबाद को जोड़ने वाले सभी मुख्य राजमार्गों और रास्तों को बड़े-बड़े बैरिकेड्स, कटीले तारों और कंटेनरों से ब्लॉक कर दिया गया है।

मार्च से ठीक पहले हिंसक झड़पें और मौतें

आज यानि 15 जुलाई को होने वाले मार्च से ठीक पहले कल (मंगलवार) पुंछ, रावलकोट और सुधनोती जिलों में भारी हिंसा हुई है। रावलकोट बस स्टैंड और सुधनोती में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स ने आंसू गैस के गोले दागे और अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें 8 से 9 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबर है। इसके बाद रैली में और भारी संख्या में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

पाकिस्तान ने ब्लैकआउट और शहर बंद किया

पाकिस्तान सरकार ने मुजफ्फराबाद पहुंचने वाले रास्तों और उसके करीबी इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी गई ताकि प्रदर्शनकारी एक-दूसरे से संपर्क न कर सकें। इसके बावजूद अवामी एक्शन कमेटी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य रास्तों पर धरना देकर पाकिस्तान की मुख्य भूमि से जोड़ने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया है। बाजार और परिवहन पूरी तरह से ठप हैं।

इस बार के मार्च की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें स्थानीय महिलाओं और स्कूली बच्चों ने रिकॉर्ड संख्या में हिस्सा लिया है। सोशल मीडिया पर आ रहे वीडियो में महिलाएं और बच्चे हाथों में तख्तियां लेकर पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों, भारी टैक्स और आटे-बिजली की महंगाई के खिलाफ नारे लगाते हुए मुजफ्फराबाद की तरफ बढ़ रहे हैं।

अभिजात शेखर आजाद

लेखक के बारे मेंअभिजात शेखर आजादअभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में इंटरनेशनल अफेयर्स, डिफेंस जर्नलिस्ट हैं। उनके पास अलग अलग न्यूज चैनलों और डिजिटल पत्रकारिता में करीब 17 सालों का अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने इन वर्षों में 3 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास युद्ध, मिडिल ईस्ट, अफगानिस्तान युद्ध, ISIS के खिलाफ संघर्ष, भारत पाकिस्तान संघर्ष जैसे अहम अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं को कवर किया है।

अभिजात शेखर आजाद वैश्विक राजनीति का विश्लेषण करते हैं और भारत पर उसका क्या असर होगा, इसका एनालिसिस करते हुए विश्लेषणात्मक स्टोरी लिखते हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल डिफेंस सेक्टर पर उनकी खास नजर होती है। हथियारों की खरीद बिक्री, अंतर्राष्ट्रीय हथियार व्यापार पर वो करीबी नजर रखते हैं। रक्षा जगत में अंदरूनी पहुंच होने की वजह से डिफेंस मामलों पर उनकी सटीक खबरों का काफी प्रभाव है।

विशेषज्ञता- इंटरनेशनल डिप्लोमेसी के साथ साथ डिफेंस सेक्टर की खबरों के विश्लेषण में अच्छी पकड़। भारतीय वायुसेना और नौसेना और डिफेंस इंटेलिजेंस में पैठ। जियो-पॉलिटिक्स को लेकर अभिजात शेखर आजाद के अनुमान अकसर सही साबित होते हैं। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं। राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।

पत्रकारिता अनुभव: अभिजात शेखर आजाद के पत्रकारिता में करीब 17 सालों का अनुभव है। उन्होंने 2009 से पत्रकारिता में अपना कैरियर शुरू किया था और उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग में अच्छी पकड़ बनाई। उन्होंने समाचार प्लस और ज़ी मीडिया जैसे संस्थानों में काम किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातक किया है।

पुरस्कार: अभिजात को ज़ी मीडिया में बेहतरीन लेखन के लिए ‘बेस्ट राइटर’ अवार्ड मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें दो बार ENBA अवार्ड भी मिला है।

अभिजात के खास इंटरव्यू:
अभिजात शेखर आजाद का ‘बॉर्डर-डिफेंस’ नाम से साप्ताहिक वीडियो इंटरव्यू आता है, जिसमें वो सैन्य अधिकारियों और डिप्लोमेट्स से बात करते हैं। उन्होंने कई बड़े चेहरे जैसे DRDO के वैज्ञानिक और ब्रह्मोस मिसाइल बनाने वाले वैज्ञानिक अतुल दिनकर राणे, डीआरडीओ वैज्ञानिक हरि बाबू चौरसिया, भारतीय सेना के पूर्व आर्मी चीफ वेद मलिक, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, लेफ्टिनेंट जनरल संजय वर्मा, एयर मार्शल रवि कपूर, एयर फोर्स अधिकारी विजयेन्द्र के ठाकुर, फाइटर पायलट आरके नारंग, डिप्लोमेट एसडी मुनि, डिप्लोमेट सी उदय भाष्कर, डिप्लोमेट अनिल त्रिगुणायत, डिप्लोमेस रोबिंदर सचदेव, नौसेना कैप्टन श्याम कुमार समेत कई एयरफोर्स और नौसेना अधिकारियों का इंटरव्यू ले चुके हैं।… और पढ़ें