Anshula Kapoor White Hairs: शादी से पहले सफेद बाल छिपाने के लिए अंशुला कपूर ने अपनाया खास तरीका, ब्लैक डाई नहीं ये हैक आया काम – How anshula kapoor hid her white grey hairs on her wedding without black hair dye bina dye baal color tvist


Anshula Kapoor White Hairs: शादी के दिन हर दुल्हन सबसे सुंदर दिखना चाहती है. अपनी इस इच्छा को पूरा करने के लिए आजकल लड़कियां शादी से कई महीने पहले से प्री-ब्राइडल ट्रीटमेंट लेना शुरू कर देती हैं. वो चाहती हैं उनके आउटफिट से लेकर उनके लुक तक सबकुछ परफेक्ट और शानदार हो. लेकिन अगर शादी के दिन दुल्हन बनी लड़की के सिर का एक बाल भी सफेद दिख जाए, तो उसका सारा लुक खराब हो सकता है. ऐसे में लड़कियां सफेद बालों पर काली हेयर डाई लगाने की सोचती हैं. अपने सफेद बालों को छिपाने के लिए वे हजारों रुपये खर्च करने से भी पीछे नहीं हटती हैं. 

हालांकि, अर्जुन कपूर की बहन और बोनी कपूर की बेटी अंशुला कपूर ने अपनी शादी के लिए ऐसा नहीं किया. जी हां, सही सुना आपने अंशुला ने अपने सफेद बालों को छुपाने के लिए ऐसा हेयर कलर हैक अपनाया, जिससे सफेद बाल छिप भी गए और बाल बिल्कुल नेचुरल भी दिखे. यही वजह है कि उनका ये ब्राइडल हेयर ट्रांसफॉर्मेशन सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है.

ब्लैक डाई नहीं, अपनाया ‘ग्रे ब्लेंडिंग’ तरीका
अंशुला कपूर की हेयर स्टाइलिस्ट अक्षता होनावर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि उनका मकसद सफेद बालों को पूरी तरह छिपाना नहीं था, बल्कि उन्हें बाकी बालों के साथ इस तरह मिलाना था कि वे अलग से नजर ही न आएं. इस तकनीक को ग्रे ब्लेंडिंग कहा जाता है. इसमें बालों को पूरी तरह एक ही कलर से रंगने की बजाय अलग-अलग शेड्स का इस्तेमाल किया जाता है.

दो ब्राउन शेड्स से मिला नेचुरल लुक
अंशुला के बालों में काला रंग लगाने के बजाय स्टाइलिस्ट ने ब्राउन और लाइट ब्राउन के दो शेड्स चुने. इन दोनों कलर्स की मदद से बालों में हाइलाइट्स और लो-लाइट्स दिए गए, जिससे सफेद बाल बाकी बालों में आसानी से मिक्स हो गए. इसका फायदा ये हुआ कि अंशुला का हेयर कलर बिल्कुल नेचुरल लगा.

क्यों नहीं लगाया गया काला रंग?
हेयर एक्सपर्ट के मुताबिक, सफेद बाल नॉर्मल बालों की तरह कलर नहीं पकड़ते हैं. अगर उन पर डार्क या ब्लैक कलर लगाया जाए तो कुछ समय बाद जब बाल जड़ों से बढ़ने लगते हैं, तो फिर से सफेद लाइन दिखाई देने लगती है. इसकी वजह से ये हेयर कलर अननेचुरल लगने लगता है. जबकि ग्रे ब्लेंडिंग तकनीक में ऐसा नहीं होता और बाल लंबे समय तक खूबसूरत दिखते हैं.

ग्रे ब्लेंडिंग के फायदे
इस तकनीक से बाल कलर कराने के बहुत से फायदे हैं, जिनमें से एक ये है कि बालों का लुक ज्यादा नेचुरल दिखता है. नए बाल आने पर जड़ों की लाइन ज्यादा नजर नहीं आती. बार-बार टचअप कराने की जरूरत कम पड़ती है. बालों में डेप्थ और शाइन बनी रहती है.  

कौन अपना सकता है ये तरीका?
अगर आपके बाल हल्के-हल्के सफेद आने लगे हैं और आप बार-बार ब्लैक डाई लगाने से बचना चाहते हैं, तो ग्रे ब्लेंडिंग एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. हालांकि, इसे हमेशा किसी एक्सपीरियंस्ड हेयर कलर एक्सपर्ट से ही करवाना बेहतर माना जाता है, ताकि आपके बालों के टेक्शचर और कलर के हिसाब से सही शेड्स चुने जा सकें.

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