हिमाचल में फिर बदलेगा बारिश का खेल, 17 जुलाई से लौटेगी ‘मानसून एक्सप्रेस’, क्या पूरी हो जाएगी बारिश की कमी?


RAIN IN HIMACHAL MONSOON UPDATE

हिमाचल में मानसून सीजन में बारिश (ETV Bharat)

शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून का सफर किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं रहा. मौसम विभाग के सामान्य से कम बारिश के पूर्वानुमान के बीच जून के अंत तक प्रदेश सूखे जैसे हालात की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था. खेतों में नमी की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही थी, बागवान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे थे और कई जल स्रोतों का जलस्तर भी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाया था. लेकिन, जुलाई का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही मौसम ने ऐसा करवट बदली कि कुछ ही दिनों में बारिश का पूरा परिदृश्य बदल गया.

तेज और लगातार हुई वर्षा ने सूखे की आशंकाओं को काफी हद तक पीछे धकेलते हुए नदियों, नालों, बांधों और प्राकृतिक जल स्रोतों में भी नई जान फूंक दी. खेतों में नमी लौटने से खरीफ फसलों को राहत मिली, जबकि सेब समेत अन्य बागवानी फसलों के लिए भी यह बारिश काफी फायदेमंद मानी जा रही है. हालांकि इस राहत की कीमत भी प्रदेश को चुकानी पड़ी. कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश ने भूस्खलन, सड़क अवरोध, बाढ़ और संपत्ति के नुकसान जैसी गंभीर परिस्थितियां भी पैदा कर दीं.

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हिमाचल में मानसून सीजन में बारिश (ETV Bharat GFX)

ऐसे बदला बारिश आंकड़ा

दरअसल, जून के अंत तक हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश सामान्य से 35 फीसदी कम दर्ज की गई थी. लेकिन, 10 जुलाई को केवल 24 घंटे के दौरान सामान्य से 246 फीसदी अधिक बारिश ने पूरे मानसूनी सीजन की तस्वीर बदल दी. इसके बाद लगातार हुई वर्षा के कारण 1 जून से 14 जुलाई तक मानसून सीजन में बारिश की कमी घटकर सिर्फ 7 फीसदी रह गई है. हालांकि, बीच में 12 जुलाई को यह कमी घटकर महज 1 फीसदी तक पहुंच गई थी, लेकिन उसके बाद मानसून के कुछ कमजोर पड़ने से बारिश का घाटा फिर थोड़ा बढ़ गया.

Himachal Monsoon Update

अभी तक प्रदेश में 188 मिलीमीटर बारिश (ETV Bharat)

17 जुलाई से लौटेगी ‘मानसून एक्सप्रेस’

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक शोभित कटियार ने बताया, “अब 17 जुलाई से प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है. यदि अनुमान के अनुरूप अगले दौर में अच्छी बारिश होती है तो इससे सामान्य वर्षा का आंकड़ा लगभग बराबरी पर पहुंच सकता है और जलाशयों के जलस्तर, पेयजल योजनाओं, सिंचाई परियोजनाओं और कृषि-बागवानी क्षेत्र को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. ऐसे में 18 जुलाई से रफ्तार पकड़ रही मानसून एक्सप्रेस तय करेगी कि इस बार हिमाचल का मानसून सामान्य बारिश के आंकड़े से कितना दूर या नजदीक रहता रहता है.”

अभी तक हुई 188 मिलीमीटर बारिश

मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि, पूरे प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य से कम ही दर्ज की गई है. 1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 188 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 203 मिलीमीटर है. यानी प्रदेश में अब तक 7 फीसदी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है. हालांकि, जिला स्तर पर तस्वीर अलग-अलग नजर आती है. किन्नौर, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और मंडी समेत अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है.

District-wise rainfall data

हिमाचल के किस जिले में कितनी बारिश? (ETV Bharat GFX)

जानें किस जिले में कितनी हुई बारिश?

बिलासपुर जिले में 180.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य आंकड़ा 215.3 मिलीमीटर का है. यानी 16 फीसदी कम बारिश हुई है. इसी तरह से चंबा में 201.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 234.8 मिलीमीटर से 14 फीसदी कम है. हमीरपुर में 164.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य बारिश 244.2 मिलीमीटर है. यहां 33 फीसदी कम वर्षा हुई है. कांगड़ा में 322.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 411.1 मिलीमीटर से 22 फीसदी कम है.

वहीं, किन्नौर में 100.3 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य 68.3 मिलीमीटर होती है. ऐसे में यहां 47 फीसदी अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो प्रदेश में सबसे अधिक है. इसी तरह से कुल्लू में 188.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, यह सामान्य बारिश का आंकड़ा 159.9 मिलीमीटर का है. इस तरह से यहां अभी तक 18 फीसदी अधिक बारिश हुई है. लाहौल-स्पीति में 60.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में यहां सामान्य 100.4 मिमी होती है, जो सामान्य से 40 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है जो प्रदेश में किसी भी जिले की सबसे बड़ी कमी है. इसके अलावा मंडी में 246.7 मिलीमीटर बारिश हुई है. यह सामान्य 325.1 मिलीमीटर से 24 फीसदी कम है.

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17 जुलाई से प्रदेश में फिर से मानसून एक्टिव होने की संभावना (ETV Bharat)

लाहौल स्पीति जिले में सबसे कम बारिश

वहीं, शिमला में 252 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस दौरान सामान्य 198.2 मिलीमीटर रहती है. ऐसे में यहां सामान्य 27 फीसदी अधिक बादल बरसे हैं. सिरमौर में 353.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य 347.7 मिलीमीटर से 2 फीसदी अधिक रिकॉर्ड की गई है. इसी तरह से सोलन में 350.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य 272.1 मिलीमीटर होती है. ऐसे में यहां सामान्य से 29 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है.

वहीं, ऊना में 288.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 237.3 मिलीमीटर बारिश के आंकड़े से 22 फीसदी अधिक है. इस तरह से प्रदेश के अभी आंकड़े बताते हैं कि मानसून ने कई क्षेत्रों में जोरदार दस्तक दी है, लेकिन राज्यभर में वर्षा का संतुलन अभी सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाया है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जिससे बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है. अब किसानों, बागवानों और जल स्रोतों की उम्मीदें अगले बारिश के दौर पर टिकी है

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