स्पेनिश टीम ने 16 साल बाद फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया। फ्रांस को 2-0 से हराकर स्पेन ने न केवल फाइनल में जगह बनाई, बल्कि एमबापे की टीम को नॉकआउट की सबसे बड़ी हार का सामना भी कराया। यामाल की शानदार खेल शैली ने जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शोल्डर : स्पेनिश टीम 16 साल बाद विश्व कप के फाइनल में पहुंची, एमबापे की टीम नहीं कर सकी एक भी गोल, झेलनी पड़ी नॉकआउट की सबसे बड़ी पराजय अर्लिंगटन, एजेंसी। स्पेन के युवा स्टार लामिन यामाल ने मुकाबले से पहले फ्रांस को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह स्पेन की टीम से बचकर रहे। स्पेनिश टीम ने इसे सच साबित करते हुए खिताब के प्रबल दावेदार फ्रांस को पूरी तरह से बेदम करते हुए 16 साल बाद शान से फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया।
स्पेन की जीत का रास्ता
स्पेन ने मंगलवार फ्रांस को एकतरफा मुकाबले में रात को 2-0 से हराकर लगातार तीसरी बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाने की उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यह फ्रांस की विश्व कप के नॉकआउट की सबसे बड़ी हार है। इससे पहले 1986 में सेमीफाइनल में ही उसे जर्मनी से इसी अंतर से मात मिली थी। स्पेन अपने दूसरे खिताब के लिए रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में अर्जेंटीना या इंग्लैंड का सामना करेगा। फाइनल में स्पेन का सौ प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड है। टीम इससे पहले सिर्फ एक बार 2010 में खिताबी मुकाबले में पहुंची थी और चैंपियन बनी थी। फाइनल न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में खेला जाएगा।
फ्रांस की स्थिति
स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति के आगे किलियन एमबापे की अगुआई वाली फ्रांस की स्टार आक्रमण पंक्ति पूरी तरह बेअसर साबित हुई। स्पेन की इस जीत के नायक एक बार फिर मिकेल ओयारजाबाल (22वें मिनट) और पेड्रो पोरो (58वें मिनट) रहे। यामाल के शानदार मूव पर फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिन्ये ने फाउल कर दिया। डिन्ये पेनाल्टी क्षेत्र में गेंद को बेतरतीब ढंग से हेड करने के बाद उसे ‘क्लियर’ करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने गेंद को ‘क्लियर’ करने के लिए पैर उठाते समय यामल को आते हुए नहीं देखा। उनका पैर स्पेन के फॉरवर्ड की जांघ से टकरा गया जिससे पेनाल्टी मिली और स्पेन को बढ़त हासिल करने का मौका मिल गया। मिकेल ने कोई गलती नहीं करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्पेन का खाता खोला। दूसरे हाफ पोरो ने दानी ओल्मो के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए दूसरा गोल दागकर स्पेन की जीत सुनिश्चित कर दी। फ्रांस के पास वापसी के लिए आधे घंटे से ज्यादा का समय था पर स्पेन के मजबूत डिफेंस के सामने उसकी एक नहीं चली। पहली बार मौजूदा टूर्नामेंट में स्पेन या फ्रांस किसी मुकाबले में पिछड़ने की स्थिति में पहुंचे। स्पेन ने पहले हाफ में दो और अच्छे मौके बनाए, लेकिन फ्रांस के गोलकीपर माइक मैन्यां और डिफेंडर दायो उपामेकानो ने उन्हें नाकाम कर दिया।
स्पेन की लगातार सफलता
तीसरी बार हराया : स्पेन ने लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस को हराया है। इससे पहले 2024 यूरोपीय चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में स्पेन ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। पिछले वर्ष नेशंस लीग में फ्रांस को 5-4 से पराजित किया किया।
सिर्फ एक गोल गंवाया है : ग्रुप चरण में केप वर्दे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद स्पेन ने लगातार शानदार खेल दिखाते हुए प्रतिद्वंद्वी टीमों को कोई मौका नहीं दिया। उसके गोलकीपर उनाई सिमोन अभेद्य दीवार बनकर रहे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल गंवाया। वहीं स्पेन ने 12 गोल दागे। सिमोन का लगातार 649 मिनट तक बिना गोल खाए खेलने का रिकॉर्ड बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में टूटा था।
किलियन एमबापे का प्रदर्शन
एमबापे का कोई प्रयास लक्ष्य पर नहीं लगा
एमबापे पूरे मैच में तीन शॉट लगाने के बावजूद एक भी प्रयास लक्ष्य पर नहीं रख सके। पिछले नौ मुकाबलों में यह पहली बार है जब उनका कोई प्रयास लक्ष्य पर नहीं लगा। इससे पहले 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में ऐसा हुआ था। उन्होंने स्वीकार किया कि स्पेन ने गेंद पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने सेमीफाइनल से पहले विश्व कप के 20 मुकाबलों में 20 गोल किए थे। उनके साथ बैलन डि’ओर विजेता उस्मान डेंबेले और इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक पांच गोल में मदद करने वाले माइकल ओलीसे भी थे, लेकिन यह तिकड़ी स्पेन की रक्षा पंक्ति के आगे प्रभावहीन रही।
यामाल का जन्मदिन
यामाल को जन्मदिन का तोहफा
यह जीत साथियों की ओर से यामाल को जन्मदिन का यादगार तोहफा है। उन्होंने मैच से एक दिन पहले ही यानि 13 जुलाई को अपना 19वां जन्मदिन मनाया। यामाल ने एक गोल भी किया, लेकिन करीबी ऑफसाइड के कारण उसे नकार दिया गया। टीम को हालांकि शुरुआती बढ़त दिलाने में उनकी सूझबूझ भरी खेल शैली निर्णायक साबित हुई। वह पिछले 60 साल में विश्व कप के नॉकआउट में पेनाल्टी हासिल करने वाले सबसे दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे आगे सिर्फ इंग्लैंड के माइकल के ओवेन (18 साल 198 दिन बनाम अर्जेंटीना 1998) ही हैं।
स्पेन की उपलब्धियाँ
स्पेन पहली टीम
स्पेन विश्व कप के एक संस्करण में छह मुकाबलों में कोई गोल नहीं गंवाने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। साथ ही उनाई सिमोन यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले गोलकीपर भी।
अजेय स्पेन
लगातार 37 मैचों से अजेय
मार्च 2024 से स्पेन लगातार 37 (28 जीत, 9 ड्रॉ) से अजेय है। उसने सबसे लंबे समय तक किसी यूरोपीयन टीम के अजेय रहने का इटली (2018-21) का रिकॉर्ड बराबर किया।
पेड्रो पोरो की प्रतिक्रिया
पेड्रो पांचवें खिलाड़ी
पेड्रो पोरो पिछले 60 साल में एक ही टूर्नामेंट के नॉकआउट में दो या अधिक गोल करने वाले पांचवें डिफेंडर हैं। वह पांच गोल कर चुके हैं और एक विश्व कप में पांच प्लस गोल करने वाले अपने देश के तीसरे खिलाड़ी हैं। वहीं स्पेन के लिए 60 मैचों में 30 गोल दाग चुके हैं।
विश्व कप का भविष्य
…तो पहली टीम बनेगी
स्पेन अगर चैंपियन बनने में कामयाब रहता है तो विश्व कप के इतिहास में यूरो और विश्व खिताब की ट्रॉफी दो बार एक साथ जीतने वाला पहला देश होगा। इससे पहले वह जब पहली बार विश्व विजेता (2008-2010) बना था तब भी यह उपलब्धि हासिल की थी। उसके अलावा जर्मनी (1972-74) ने ही यह मुकाम हासिल किया है।
नंबर गेम
-8वीं हार है यह फ्रांस की स्पेन के खिलाफ पिछले 11 मुकाबलों में। उसने सिर्फ दो जीते हैं
-10 लगातार मैचों से विश्व कप में गोल दागने का फ्रांस का सिलसिला भी रोक दिया स्पेन ने
-17 गोल स्पेन ने विश्व कप में पेनाल्टी पर दागकर इंग्लैंड और फ्रांस (16-16) को पीछे छोड़ दिया
‘मेरे खिलाड़ियों ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम का सामना किया और शानदार प्रदर्शन किया।’ -लुइस दे ला फुएंते, कोच स्पेन
‘कप्तान होने के नाते पूरी जिम्मेदारी मेरी है। मैं उससे पीछे नहीं हटता। हमारा लक्ष्य फाइनल में पहुंचना था, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके।’ किलियन एमबापे, कप्तान फ्रांस
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सामान्य प्रश्न
✦स्पेन ने किस टीम को हराकर विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया?−
स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया।
✦एमबापे का कौन सा प्रयास लक्ष्य पर नहीं लगा?+
✦यामाल ने अपना जन्मदिन कब मनाया?+
✦स्पेन ने कब से लगातार अजेय रहने का रिकॉर्ड बनाया है?+