Madan Mitra Left Tmc,ममता बनर्जी ने जिन मदन मित्रा पर खेला था दांव, 11 दिन में हुए बागी, महुआ मोइत्रा ने दीं शुभकामनाएं – madan mitra resigns mamaba banerjee tmc slams abhishek banerjee mahua moitra hits back know all – Kolkata News
Madan Mitra Quits TMC: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी का संकट का कम नहीं हो रहा है। बुधवार को ममता बनर्जी के करीबी नेता मदन मित्रा ने भी पाला बदल लिया। वे ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देकर ऋतब्रत बनर्जी के साथ चले गए। मित्रा ने बाद में ऋतब्रत बनर्जी के बगल में बैठकर अभिषेक बनर्जी पर हमला बोला।
मदन मित्रा ने छोड़ी टीएमसी, महुआ मोइत्रा ने कसा तंज।(फोटो– नवभारतटाइम्स.कॉम)
कोलकाता: पश्चिम बंगाल चुनावों में हार के बाद मुश्किलों से जूझ रही ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है। ममता बनर्जी ने ऋतब्रत बनर्जी की तरफ से टीएमसी पर दावा ठाेंके जाने और चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद मदन मित्रा पर दांव खेला था। ममता बनर्जी ने उन्हें महासचिव बनाया था, लेकिन बुधवार को 11 दिन बाद ही मदन मित्रा बागी हो गए। वे तमाम पदों से इस्तीफा देने का ऐलान करने के बाद सीधे बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी पास पहुंचे। इसके बाद उन्होंने रोचक अंदाज में टीएमसी में बगावत और टूट के संकट के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। मदन मित्रा के ममता बनर्जी के साथ गद्दारी करने पर महुआ मोइत्रा ने पलटवार किया है। इस मुद्दे पर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया भी आई है।
एक व्यक्ति के लिए पूरी पार्टी को दांव पर लगाया, टीएमसी छोड़ने के बाद मदन मित्रा का बड़ा हमला
मित्रा बोले-अभिषेक को दिया था ऑफर
टीएमसी छोड़ने के बाद मदन मित्रा ने ऋतब्रत बनर्जी के बगल में बैठकर मीडिया से बातचीत की। मदन मित्रा के अंदाज पर ऋतब्रत बनर्जी भी हंसी नहीं रोक पाए। मित्रा ने कहा कि मैंने अभिषेक बनर्जी को सुझाव दिया था कि वे छह महीने या एक साल के लिए हट जाएं। मैंने उनसे कहा था कि हम पार्टी को खड़ा करते हैं, और फिर आप वापस आकर अपनी सीट संभाल सकते हैं, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा, मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगा। पार्टी डूब रही है। नाव डूब चुकी है। लोग मर रहे हैं। फिर भी, पार्टी ने यह तय किया या यूं कहें कि उन्हें यह मानने के लिए मजबूर किया गया कि बाकी सब मर जाएं, लेकिन अभिषेक को बचाना जरूरी है।
बंगाल में ममता बनर्जी को बड़ा झटका, मदन मित्रा ने भी छोड़ा साथ, ऋतब्रत खेमे में शामिल होने का ऐलान
मित्रा बोले-पार्टी सभी की है
मदन मित्रा ने कहा कि यह बहुत दुखद है। पार्टी सबकी है, फिर भी ऐसा लगता है कि यह सिर्फ़ अभिषेक की सेवा तक ही सीमित रह गई है। मैं ममता जी से गुज़ारिश करता हूं कि आइए इसे एक मैराथन की तरह देखें। रास्ते में हम जरूर एक-दूसरे से मिलेंगे। देखते हैं कौन सा घोड़ा आगे निकलता है। मैंने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि मैं अभी भी एमएलए हूं। मैंने तृणमूल से जुड़ी हर चीज छोड़ दी है। इसका मतलब है कि काम-काज के लिहाज से मैं अब तृणमूल एमएलए नहीं रहा।
ईडी के बुलावे पर गए हैं मित्रा: महुआ
मदन मित्रा के ममता बनर्जी की टीएमसी छोड़ने और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी टीएमसी गुट में शामिल होने पर ममता बनर्जी की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा है कि यह कोई हैरानी की बात नहीं है। कल ही ईडी ने उनकी पत्नी, बहुओं और बेटों को समन भेजा था। इसलिए वह ईडी के समन पर गए हैं। वह ईडी के बुलावे पर गए हैं। तो हमें यह समझना चाहिए कि जो व्यक्ति परसों तक ऋतब्रत बनर्जी गैंग को बुरा-भला कह रहा था, आज वह वहीं जाकर ऋतब्रत के बगल में बैठ रहा है। यह ईडी के खास बुलावे पर किया गया है, इसलिए हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। हम उनके अच्छे भविष्य और अच्छी सेहत की कामना करते हैं, उम्मीद है कि ऋतब्रत गैंग के साथ काम करते हुए आपका समय अच्छा बीतेगा।
क्या बोलीं ममता बनर्जी
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि उन्हें (बागी नेताओं का जिक्र करते हुए) अभिषेक बनर्जी से सीखना चाहिए। अगर उन्होंने चीजों को बेहतर ढंग से संभाला होता, तो शायद उन्हें भी राहत मिल सकती थी। जो लोग अब यह दावा कर रहे हैं कि अभिषेक बनर्जी बहाने बना रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि वह उन्हें आईना दिखा रहे हैं। उनकी आलोचना असल में उन्हें निशाना बनाने का एक बहाना है। वे जानते हैं कि अभिषेक ने कुछ भी गलत नहीं किया है। इसीलिए उन्हें डर है कि वह अगले 50 सालों तक राजनीति में बने रहेंगे।
लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।
पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।
गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।
विशेषज्ञता:
गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।
पत्रकारिता अनुभव:
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।
मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।
2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।
2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।
विश्वविद्यालय में अध्यापन:
2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।
अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।
शिक्षा / पुरस्कार:
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM University), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।
अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें