अब यूके में बढ़ेगी खेल सामान-खिलौनों की मांग, National Hindi News


भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) लागू होने से खेल सामान उद्यमियों और खिलौना उद्योग को नई व्यापारिक राह मिली है। समझौते के तहत यूके ने भारतीय निर्यात के 99 फीसदी हिस्से पर आयात शुल्क समाप्त कर दिया है, जिससे निर्यात में 30 फीसदी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

मेरठ। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) लागू होने के साथ बुधवार को देश के व्यापारिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इसी के साथ देश-दुनिया में विख्यात मेरठ के खेल सामान उद्यमियों एवं खिलौना उद्योग के लिए व्यापार की नई राह खुल गई। समझौते के तहत यूके ने भारतीय निर्यात के लगभग 99 फीसदी हिस्से पर आयात शुल्क समाप्त कर दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को अभूतपूर्व बाजार पहुंच प्राप्त होगी। 30 फीसदी से अधिक निर्यात-व्यापार बढ़ने की उम्मीद जताई। समझौते के दौरान दिल्ली में मेरठ के प्रमुख खेल उद्यमी एवं स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉयज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एसजीईपीटी) के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल, वाइस चेयरमैन अंबर आनंद एवं रीजनल डायरेक्टर यूपी संजय भल्ला मौजूद रहे। उन्होंने सीईटीए भारतीय खेल सामग्री एवं खिलौना उद्योग के लिए एक परिवर्तनकारी मौका बताया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को बधाई दी। उद्यमी सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि जालंधर और मेरठ जैसे प्रमुख विनिर्माण क्लस्टरों, जहां हजारों एमएसएमई कार्यरत हैं को इस समझौते से विशेष लाभ मिलेगा। इससे निर्यात में 30 फीसदी से अधिक वृद्धि, नए रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने तथा वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भारतीय उद्योग की भागीदारी को नई गति मिलेगी。

समझौते के महत्व

मेरठ के खेल उद्यमियों ने कहा कि यूके लंबे समय से भारतीय खेल सामग्री एवं खिलौनों का प्रमुख निर्यात बाजार रहा है, जहां इस क्षेत्र के कुल निर्यात का लगभग 20-25 प्रतिशत जाता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के लागू होने से क्रिकेट बैट, फुटबॉल, जिम उपकरण, खिलौनों सहित अनेक उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त हो गया है, जिससे भारतीय निर्माता वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। साथ ही, यूके से आयात होने वाले आवश्यक कच्चे माल पर शुल्क में कमी से भारतीय उद्योग की लागत दक्षता भी बढ़ेगी।

प्रतिस्पर्धा में बढ़त

इनका कहना

समझौता लागू होने से क्रिकेट बैट, फुटबॉल, जिम के उपकरण और खिलौनों पर आयात शुल्क समाप्त हो गया है। अब भारतीय निर्माता चीनी एवं पाकिस्तानी निर्यातकों के साथ सीधे समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। यह भारत की उस परिवर्तनकारी यात्रा को दर्शाता है, जहां देश एक संरक्षित/रक्षात्मक बाज़ार से बाहर निकलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक सक्रिय और मजबूत स्तंभ बन चुका है।

sुमनेश अग्रवाल, चेयरमैन एसजीईपीटी

सामग्री के टैरिफ में कमी

भारत-यूके के बीच यह व्यापार समझौता न केवल भारतीय निर्यातकों को यूके में शून्य-शुल्क (जीरो ड्यूटी) पहुंच प्रदान करता है, बल्कि यूके से भारत आने वाले कच्चे माल पर लगने वाले टैरिफ को भी काफी कम या समाप्त कर देता है, जिनकी भारतीय निर्यातकों को आवश्यकता होती है। भारतीय खेल सामान एवं खिलौनों के लिए इस समझौते ने व्यापार का नया द्वार खोल दिया।

अंबर आनंद, वाइस चेयरमैन एसजीईपीटी

सामान्य प्रश्न

सीईटीए समझौता क्या है?

सीईटीए भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता है, जिसमें भारतीय निर्यात के लगभग 99 फीसदी हिस्से पर आयात शुल्क समाप्त किया गया है।

इस समझौते से भारतीय उत्पादों को क्या लाभ मिलेगा?+

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