खेल मंत्रालय व भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने सरकारी विभागों में तैनात खिलाड़ियों को खेल गतिविधि से जोड़ने की तैयारी कर ली है। देश में खेल का स्तर ऊपर उठाने के लिए इनकी विशेषज्ञता का फायदा उठाने की योजना बनाई गई है। साइ ने केंद्रीय मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड से स्पोर्ट्स कोटे में तैनात खिलाड़ियों का ब्योरा मांगा है। साइ सरकारी नौकरी वाले खिलाड़ियों का डाटा बेस तैयार करेगा और आने वाले दिनों में उन्हें कोचिंग, ट्रेनिंग, प्रतिभाओं को तराशने और उनका मार्गदर्शन करने जैसे कार्यों में जोड़ा जाएगा।
विशेषज्ञता के अनुसार दिया जाएगा काम
खेल मंत्री मनसुख मांडविया कह चुके हैं कि प्रशिक्षकों की कमी है। इसी कारण साइ ने सरकारी नौकरी वाले खिलाड़ियों का डाटा बेस बना रही है। विशेषज्ञता के अनुसार उन्हें प्रतिनियुक्ति पर बुलाया जा सकता है। खेलो इंडिया के तहत इन्हें अकादमियां भी सौंपी जा सकती हैं।
पसंद की नियुक्ति भी पूछी
साइ महानिदेशक हरिरंजन राव ने बीते माह इस संबंध में विभिन्न स्पोट्र्स प्रमोशन बोर्ड चेयरमैनों संग बैठक की है। उन्हें बताया कि सरकारी भ में तैनात खिलाड़ियों का उपयोग होना है। कोचिंग आदि से जुड़ने के इच्छुक खिलाड़ियों से उनकी पसंद की नियुक्ति का स्थान भी पूछा गया है।