एक शख्स… बिहार के साथ झारखंड में कर रहा था सरकारी नौकरी, औरंगाबाद DM अभिलाषा शर्मा ने पकड़ा लिपिक का खेल – aurangabad dm abhilasha sharma caught man who was holding government job in neighboring jharkhand
Aurangabad News: लोगों के पास एक नौकरी नहीं हैं, लेकिन बिहार के औरंगाबाद में एक शख्स का मामला सामने आया है, जो बिहार के साथ झारखंड में भी सरकारी नौकरी करता था। मामला खुलने के बाद आईएएस अभिलाषा शर्मा ने तत्काल एक्शन लिया है।
आईएएस अभिलाषा शर्मा(फोटो– नवभारतटाइम्स.कॉम)
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद में एक सरकारीकर्मी को एक ही अवधि में बिहार-झारखंड के दो भिन्न संस्थानों में सरकारी नौकरी करते हुए दोनों स्थानों से वेतन लेने का मामला उजागर होने के बाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने शुक्रवार को आरोपी लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि यहां के सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत लिपिक कृष्ण प्रसाद वर्मा को एक ही अवधि में बिहार-झारखंड में दो भिन्न संस्थानों में कार्यरत रहकर वेतन प्राप्त करने तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-16 के उल्लंघन का आरोप प्रथमदृष्टया प्रमाणित होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर ने दिया गया है।
पूर्व में मिली थी मामले में शिकायत
मामले में औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने लिपिक कृष्ण प्रसाद वर्मा के विरुद्ध दो स्थानों पर सरकारी सेवा करते हुए वेतन प्राप्त करने एवं सेवा संबंधी अनियमितता बरते जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
जांच के लिए कमेटी का गठन
सिविल सर्जन ने जांच के लिए गठित की थी तीन सदस्यीय कमिटी-डीएम के निर्देश के आलोक में सिविल सर्जन ने त्रि-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए सेवा अभिलेखों, सेवा पुस्तिका, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (पूर्वी झरिया क्षेत्र) से प्राप्त प्रमाणित अभिलेखों तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद प्रतिवेदित किया कि उपलब्ध अभिलेखों में विरोधाभास परिलक्षित होता है तथा संबंधित कर्मी द्वारा एक ही अवधि में दो संस्थानों से वेतन प्राप्त किया जाना प्रतीत होता है।
जांच रिपोर्ट में क्या निकला?
जांच रिपोर्ट में आया कि कृष्ण प्रसाद वर्मा 06 जुलाई, 2005 से सिविल सर्जन कार्यालय, औरंगाबाद में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं तथा नियमित रूप से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, पूर्वी झरिया क्षेत्र से प्राप्त अभिलेखों के अनुसार वे वहां 24 नवंबर 2008 से 12 मार्च, 2017 तक जूनियर ओवरमैन के पद पर कार्यरत रहे है तथा उक्त अवधि में वहां से भी वेतन प्राप्त किया है।
दोनों जगहों से उठाया वेतन
संयुक्त जांच दल ने उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद यह भी प्रतिवेदित किया कि दोनों संस्थानों से प्राप्त व्यक्तिगत विवरणी एवं सेवा संबंधी अभिलेख एक ही व्यक्ति से संबंधित हैं। इस आधार पर जांच दल द्वारा यह प्रतिवेदित किया गया कि संबंधित कर्मी द्वारा एक ही अवधि में दो भिन्न नियोक्ताओं के अधीन कार्य करते हुए वेतन प्राप्त किया गया, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-16 का उल्लंघन है। जांच दल द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2025 के प्रावधानों के अंतर्गत अनुशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की अनुशंसा की।
नहीं मिला संतोषजनक जवाब
प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संबंधित कर्मी को प्रथम एवं द्वितीय कारण पृच्छा के माध्यम से अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया। प्राप्त स्पष्टीकरणों का परीक्षण किए जाने पर आरोपों के संबंध में कोई संतोषजनक तथ्य अथवा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। संयुक्त जांच प्रतिवेदन, उपलब्ध अभिलेखों, तथ्यों व अनुशंसा पर डीएम ने किया निलंबन- संयुक्त जांच प्रतिवेदन, उपलब्ध अभिलेखों, समस्त तथ्यों एवं अनुशंसा के आलोक में जिलाधिकारी लिपिक कृष्ण प्रसाद वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में लिपिक का मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गोह निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता देय होगा। साथ ही डीएम ने लिपिक के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए सिविल सर्जन को कहा है।
लेखक के बारे मेंआशुतोष कुमार पांडेयआशुतोष कुमार पांडेय, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। वे सितंबर- 2022 में टाइम्स ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। फिलवक्त आशुतोष NBT बिहार- झारखंड डिजिटल में डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इवनिंग शिफ्ट इंचार्ज भी हैं। क्षेत्रीय खबरों की प्लानिंग, सटीक संपादन, खबरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के अलावा फील्ड के साथियों से समन्वय स्थापित करने का काम करते हैं। आशुतोष राजनीति, क्राइम, ऑफ बीट स्टोरी, मानवीय संवेदना से जुड़ी खबरों और रेट्रो स्टोरी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 22 वर्षों के अपने पत्रकारीय करियर में 14वीं लोकसभा 2014 से लेकर 17वीं लोकसभा 2019, 13वीं बिहार विधानसभा 2005 से लेकर 18वीं बिहार विधानसभा चुनाव 2025 तक को डेस्क के साथ ग्राउंड पर जाकर कवर किया। इन 22 वर्षों के कार्यकाल में आशुतोष ने कई सियासी अनसुनी कहानियों को कुरेदा। सियासी किस्सों को चुटीले अंदाज में पेश किया। डिजिटल में ‘अतीत के पन्नों से’ एक सीरीज चलाई। कर्पूरी ठाकुर, लालू प्रसाद यादव, जयप्रकाश नारायण सहित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों की अनसुनी कहानी लिखी। रेड लाइट एरिया पर विशेष रिपोर्ट का प्रकाशन।
आशुतोष ने इन 22 वर्षों में 12 वर्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग को दिए। उनकी भारत- नेपाल सीमा पर ट्रेन से होने वाली तस्करी की एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग को ईटीवी ग्रुप के चेयरमैन रामोजी राव ने सराहा और प्रशस्ति पत्र से नवाजा। आशुतोष ने प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया के तीनो फॉर्म में काम किया है। नेटवर्क 18 में बुलेटिन प्रोड्यूसर के तौर पर कार्य करते हुए आधे- आधे घंटे के कई चर्चित कार्यक्रम बनाए। जिसमें ‘चलो चलें अमरनाथ’ आज भी लोग पसंद करते हैं। आशुतोष ने लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों का एकांतिक प्रोफाइल इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए बनाया। जिसे नेटवर्क में काफी सराहा गया। आशुतोष खबरों के पीछे की कहानी को पकड़ने में माहिर हैं। उन्होंने छोटी से छोटी खबर को उसे न्यूज वैल्यू तक पहुंचाया। वे भारतीय राजनीति के मझे हुए खिलाड़ियों की कहानियों को किताबों से खोजकर निकालने के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर सहित कई नेताओं की जीवनी से अनसुनी कहानी खोजी और उसे रेट्रो स्टोरी का रूप दिया।
अनुभव-
डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय। 2001 में इंडियन एक्सप्रेस समूह के हिंदी दैनिक जनसत्ता के कोलकाता संस्करण में असाइमेंट बेस्ड फीचर राइटर से शुरुआत। बाद के दिनों में हिंदुस्तान, दैनिक जागरण और आदर्शन समाचार पत्रिका में स्वतंत्र लेखन। 2003 में ईटीवी नेटवर्क में संवाददाता के तौर पर योगदान। 2009 में मौर्य टीवी में कार्य। उसके बाद हिंद्स्तान दैनिक मुजफ्फरपुर संस्करण में लोकल पेज इंचार्ज, फोकस टीवी, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नई दिल्ली और प्रभात खबर डिजिटल, नेटवर्क 18 में काम करने का सौभाग्य मिल चुका है। बांग्ला थियेटर ‘अल्काप’ के आठ प्रोडक्शन में कार्य करने का अनुभव।
अवार्ड और पुरस्कार
2005 से 2009 के बीच 12 बेस्ट स्टोरी ऑफ द डे का पुरस्कार
मौर्य टीवी पटना में ऑफ बीट स्टोरी इंचार्ज के तौर पर सम्मान
LIB बिहार चैप्टर की ओर से प्रेरणास्रोत सम्मान
2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की ओर से ‘स्टोरी ऑफ द मंथ’ का पुरस्कार
साक्षात्कार-
आशुतोष ने अपने पत्रकारिता करियर में अब तक प्रमोद महाजन, अमर सिंह, जया प्रदा, राजनाथ सिंह, लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, मालिनी अवस्थी, कुनिका सदानंद, रवि किशन, मनोज तिवारी मृदुल और भरत शर्मा के अलावा गीतकार गुलजार, अभिनेता पीयूष मिश्रा, सौरभ शुक्ला, सतीश कौशिक सहित वरिष्ठ पत्रकार और पेड न्यूज के खिलाफ अभियान चलाने वाले पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर प्रभाष जोशी का इंटरव्यू कर चुके हैं।… और पढ़ें