खेल: धुएं के गुबार के बीच अभ्यास कर रहे हैं स्पेन के खिलाड़ी और कोहली और गंभीर में नहीं होती बात?


 इंग्लैंड ने विश्व कप खिताब का 60 साल से चला आ रहा सूखा खत्म करने के लिए जर्मन कोच को नियुक्त किया, लेकिन वह भी इस टीम का भाग्य नहीं बदल सके और फिर से वही पुरानी कहानी दोहराई गई।

इंग्लैंड को फिर से सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा और यह पराजय भी उसे जीत की स्थिति में होने के बावजूद मिली। बुधवार को अर्जेंटीना से 2-1 से मिली हार के बाद ब्रिटिश मीडिया ने कोच थॉमस ट्यूशेल की आलोचना की।

एक शीर्षक में लिखा था, ‘‘वही पुरानी कहानी।’’ दूसरे में कहा गया, ‘‘ट्यूशेल का कद छोटा हो गया है।’’

इंग्लैंड ने अपना एकमात्र विश्व कप 1966 में जीता था और तब से उसका इंतजार बरकरार है।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान गैरी लाइनकर ने ट्यूशेल के भविष्य पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘टीम को इस मुकाम से आगे बढ़ाने के लिए ही उन्हें यह पद सौंपा गया था। लेकिन क्या वह हमें आगे ले जाने के लिए सही व्यक्ति थे। उन्होंने अहम मौके पर बहुत बड़ी गलती कर दी। उनकी रणनीति और खिलाड़ियों को बदलने का तरीका समझ से परे था।’’

ट्यूशेल ने गैरेथ साउथगेट की जगह ली थी जिनके रहते हुए इंग्लैंड ने लगातार दो यूरोपीय चैम्पियनशिप फाइनल में जगह बनाई, लेकिन खिताब नहीं जीत पाया।



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