पश्चिम में गहराई ईरान जंग, पूरब में भारत ने क्यों तैनात किए 4 फाइटर जेट राफेल और दो मालवाहक एयरक्राफ्ट, National Hindi News


ईरान जंग के बीच भारतीय वायुसेना ने चार राफेल और दो सी-17 एयरक्राफ्ट के साथ 120 से अधिक वायु योद्धाओं को ऑस्ट्रेलिया भेजा है। इस साल के अभ्यास में 20 देशों के 100 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 2,500 से ज़्यादा जवान शामिल होंगे।

पश्चिम में ईरान और अमेरिका के बीच भीषण जंग गहरा गई है। इसी बीच, भारतीय वायु सेना (IAF) ने चार राफेल लड़ाकू विमान, दो C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 120 से ज़्यादा वायु सैनिकों को पश्चिम में तैनात कर दिया है लेकिन अच्छी बात यह है कि इस तैनाती का नाता किसी युद्ध में शामिल होने से नहीं, बल्कि युद्धाभ्यास करने से है। दरअसल, IAF ‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेने के लिए चार राफेल, दो C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 120 से ज़्यादा एयर वॉरियर्स के साथ ऑस्ट्रेलिया के डार्विन पहुँच गई है। यह तैनाती भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी में एक और अहम पड़ाव है।

कैनबरा में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया X पर भारतीय वायु सेना के इस आगमन की जानकारी दी है और बताया है कि यह दल अगले तीन हफ़्तों तक रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फ़ोर्स (RAAF) की प्रमुख बहु राष्ट्रीय युद्ध अभ्यास में हिस्सा लेगा। बता दें कि 20 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक भारतीय वायु सेना ऑस्ट्रेलिया में होने वाले इस युद्धाभ्यास ‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेगी। इसमें 19 देशों के 100 से अधिक विमान और 2,500 से ज्यादा सैन्यकर्मी शामिल होंगे।

क्या है ‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’?

‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक’ रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फ़ोर्स का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयर कॉम्बैट अभ्यास है। 1983 से डार्विन में आयोजित होने वाले इस अभ्यास का मकसद हिस्सा लेने वाली वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल, युद्ध के लिए तैयारी और इंटरऑपरेबिलिटी (एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता) को बेहतर बनाना है। इस बार का युद्धाभ्यास उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में RAAF के डार्विन, टिंडल और एम्बरली बेस पर आयोजित किया जाएगा।

20 से ज़्यादा देश लेंगे हिस्सा

इस साल के अभ्यास में 20 देशों के 100 तक मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 2,500 से ज़्यादा जवान शामिल होंगे। हिस्सा लेने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, भारत, अमेरिका, जापान, इंडोनेशिया, सिंगापुर, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, फिलीपींस और पापुआ न्यू गिनी शामिल हैं। न्यूज़ीलैंड, कनाडा, मलेशिया, ब्रुनेई, फ़िजी, फ़िनलैंड और स्वीडन के जवान भी इसमें हिस्सा लेंगे। इस अभ्यास में जापान के F-35 लाइटनिंग II फाइटर जेट और इंडोनेशिया के T-50I गोल्डन ईगल एयरक्राफ्ट पहली बार शामिल होंगे, जबकि फ़िनलैंड और स्वीडन पहली बार अपने जवानों के साथ इसमें हिस्सा लेंगे।

आपसी तालमेल और युद्ध की तैयारी पर फ़ोकस

अभ्यास के दौरान, भारतीय वायु सेना सहयोगी देशों के साथ मिलकर एडवांस्ड एयर कॉम्बैट मिशन में हिस्सा लेगी। इन ड्रिल्स का मकसद आपसी तालमेल को बेहतर बनाना, ऑपरेशनल जानकारी का आदान-प्रदान करना और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मज़बूत करना है। भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि यह तैनाती मित्र देशों के साथ सैन्य साझेदारी को मज़बूत करने और ऑपरेशनल तालमेल को बेहतर बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती है।

‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’ के कमांडर, एयर कमोडोर मैथ्यू मैककॉर्मैक ने कहा, “‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’ हमारे सहयोगियों और साथियों के साथ वायु सेना की सबसे बड़ी सामूहिक ट्रेनिंग गतिविधि है।” ‘पिच ब्लैक 2026’ में भारत की भागीदारी नई दिल्ली और कैनबरा के बीच बढ़ते रणनीतिक और रक्षा संबंधों को रेखांकित करती है। यह संयुक्त अभ्यास भाग लेने वाली वायु सेनाओं को अपनी युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने, पेशेवर संबंधों को मजबूत करने और जटिल बहुराष्ट्रीय अभियानों में आपसी तालमेल को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है।



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