PM मोदी का खेल महाशक्ति विजन: जींद से दिया बड़ा संदेश, खिलाड़ियों से बोले- 2036 के लक्ष्य के लिए आज से शुरू करें तैयारी


राज्य ब्यूरो, जींद। हाल ही में तीन देशों इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया की यात्रा से लौटे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के जींद से देश को विकास के साथ-साथ खेल शक्ति का भी बड़ा संदेश दिया। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने और करीब 15 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री का पूरा फोकस भारत को खेल महाशक्ति बनाने के विजन पर रहा।

उन्होंने अपने विदेश दौरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन देशों के साथ खेल, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। उनका संदेश स्पष्ट था कि यदि भारत को 2036 ओलिंपिक की मेजबानी करनी है और विश्व खेल मानचित्र पर अग्रणी बनना है तो अभी से नई पीढ़ी को तैयार करना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विदेश यात्राओं के दौरान खेलों को लेकर हुई चर्चाओं ने यह भरोसा और मजबूत किया है कि भारत दुनिया के साथ मिलकर आधुनिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करेगा। खेल अब केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार और वैश्विक पहचान का बड़ा क्षेत्र बन चुके हैं।

इसी सोच के साथ केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय खेल नीति लागू की है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और करियर के अधिक अवसर मिलेंगे।

हरियाणा मॉडल की सराहना

हरियाणा की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की कुल आबादी में राज्य की हिस्सेदारी बहुत कम है, लेकिन जब भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए पदक जीतने की बात आती है तो हरियाणा सबसे आगे दिखाई देता है। उन्होंने इसे राज्य की खेल संस्कृति, अनुशासन और मेहनत का परिणाम बताया तथा कहा कि यही माडल पूरे देश के लिए प्रेरणा है।

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2030 के कामनवेल्थ खेलों और 2036 ओलिंपिक की संभावित मेजबानी का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से कहा कि यह सपना केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से 12 से 15 वर्ष की आयु के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दिया और कहा कि आने वाले दशक के चैंपियन आज स्कूलों और गांवों के मैदानों में खेल रहे हैं।

यदि उन्हें समय पर प्रशिक्षण और संसाधन मिले तो भारत खेलों में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने अहमदाबाद में होने वाले विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स का भी उल्लेख किया और विश्वास जताया कि हरियाणा के खिलाड़ी वहां भी देश का गौरव बढ़ाएंगे।

हरियाणा में बिना खर्ची-बिना पर्ची नौकरियां सुशासन का उदाहरण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा सरकार की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य विकास, रोजगार, कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बिना खर्ची और पर्ची के सरकारी नौकरियों की व्यवस्था को उन्होंने सुशासन का उदाहरण बताया।

किसानों के हित में किए जा रहे निवेश और औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत कृषि और मजबूत उद्योग ही विकसित हरियाणा की पहचान बनेंगे और यही विकसित भारत के संकल्प को गति देंगे। ॉ

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री को हरियाणा की शान का प्रतीक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया।

उन्होंने कहा कि जींद से दिया गया प्रधानमंत्री का संदेश केवल हरियाणा के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के खिलाड़ियों, युवाओं और नीति निर्माताओं के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाला संदेश बनकर सामने आया है

विदेश यात्राओं से मिला खेल सहयोग का नया रास्ता

  • प्रधानमंत्री ने देश के सामने कहा कि इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड के साथ खेल सहयोग बढ़ाने पर सहमति बन चुकी है। 
  • खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल उद्योग और आधुनिक खेल अवसंरचना पर मिलकर काम होगा।
  • वैश्विक अनुभवों का लाभ भारतीय खिलाड़ियों को दिलाने की तैयारी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘ओलिंपिक मिशन’

  • – 2030 कामनवेल्थ खेलों की मेजबानी की तैयारी।
  • – 2036 ओलिंपिक भारत में कराने का लक्ष्य।
  • – 12 से 15 वर्ष के खिलाड़ियों की पहचान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पर जोर।
  • – खेलों को रोजगार और आर्थिक विकास का बड़ा क्षेत्र बनाना।

क्यों बना हरियाणा प्रधानमंत्री के भाषण का केंद्र?

– आबादी कम, लेकिन देश के लिए सर्वाधिक पदक जीतने वाले राज्यों में अग्रणी।
– खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की मजबूत सरकारी व्यवस्था।
– प्रधानमंत्री का संदेश, ‘हरियाणा का खेल माडल पूरे देश के लिए प्रेरणा है।’



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